जांजगीर-चांपा. मध्यप्रदेश के आईएसआई नेटवर्क में अब जिले का नाम भी जुड़ गया है। इसके मास्टर माइंड राजीव उर्फ रज्जन तिवारी के तार जिले से जुड़े हैं। पकड़े गए दोनों युवकों के आधा दर्जन खातों में लाखों रुपए जमा कराने व निकालकर दूसरे खातों में जमा कराने का खुलासा हुआ है। इसमें आरोपी संजय के दो खातों में ही 42 लाख रुपए जमा होने की पुष्टि हुई है।
ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश एटीएस ने बीते फरवरी माह में आईएसआई नेटवर्क के सक्रिय होने का खुलासा किया था। इस मामले में बलराम सहित अन्य युवकों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को पकडक़र पूछताछ की थी, तब पता चला था कि मध्यप्रदेश के सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के पिथौरा पोढ़ी निवासी गांजा तस्कर रज्जन उर्फ राजीव तिवारी शराब के साथ ही अवैध हथियारों की तस्करी करता था। बाद में वह आईएसआई नेटवर्क से जुडक़र जासूसों को मदद करने लगा।
वह एजेंटों को रकम उपलब्ध कराने मनींद्र यादव व संजय देवांगन जैसे युवकों के खातों का उपयोग करता था। बिलासपुर के एडिशनल एसपी प्रशांत कतलम ने बताया कि रज्जन तिवारी का रिश्तेदार जांजगीर में रहता है। उसी के जरिए ही उसकी पहचान संजय देवांगन व मनींद्र यादव से हुई थी। उसके कहने पर ही उन्होंने अपना अकाउंट नंबर दिया, जिसमें बाहर से रकम मंगाए जाते थे। बाद में स्र्पयों को रज्जन के बताए अनुसार अलग-अलग खातों में जमा किया जाता था।
आधा दर्जन से अधिक बैंक अकाउंट
पुलिस इन दोनों युवकों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच व पूछताछ में पता चला है कि उनके पास जांजगीर के नैला में एसबीआई, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के साथ ही आधा दर्जन से अधिक बैंकों में अकाउंट हैं। उनमें संदिग्ध रूप से बड़ी मात्रा में रकम जमा कराई गई हैं। इसी तरह जमा रकम को निकालकर दूसरे खातों में जमा कराया गया है। संजय देवांगन के सिर्फ एक खाते की जांच में पता चला कि एक साल में 23 लाख रुपए जमा कराए गए थे। इसी तरह दूसरे खाते में 19 लाख रुपए जमा कराए गए थे। पुलिस इन खातों की तस्दीक कर रही है। इसके साथ ही आरोपियों से सघन पूछताछ कर प्रदेश में आईएसआई एजेंटों के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
खातों की जांच करने पर हुआ संदेह
बिलासपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार देशभर में नोटबंदी लागू होने के बाद आयकर विभाग ने खातों में आए रुपयों को नजर में रखा था। साथ ही खातों में जमा रकम को दूसरे खातों में ट्रांजेक्शन की भी जानकारी जुटाई जा रही थी। सूत्रों का कहना है कि इस तरह से खातों में रकम जमा करने-कराने के साथ ही सभी खाताधारकों की गतिविधियों की जांच केंद्र सरकार की खुफिया एजेंसी कर रही थी। खुफिया एजेंसी की जांच में ही आईएसआई गतिविधियों के प्रदेश में सक्रिय होने की भनक लगी थी, जिसके आधार पर पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है।
पुलिस हिरासत में रज्जन का रिश्तेदार
पुलिस की टीम ने इस गंभीर मामले में अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटाकर पतासाजी शुरू कर दी है। पुलिस ने संजय देवांगन व मनींद्र से पूछताछ के आधार पर सतना के मास्टर माइंड रज्जन के रिश्तेदार को भी हिरासत में ले लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह जानकारी जुटा रही है कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में उसकी क्या भूमिका रही है। बताया जा रहा है कि प्रारंभिक पूछताछ में दो आरोपियों के आईएसआई नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली है।
सिंचाई विभाग में पदस्थ हैं पिता
मामले के आरोपी मनींद्र यादव के पिता सिंचाई विभाग अकलतरा में कार्यरत हैं। उसके परिजन को नहीं पता था कि वह इस तरह की राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल था। पुलिस ने उसके साथ ही संजय देवांगन की गिरफ्तारी की सूचना दे दी है। संजय के पिता का निधन हो गया है। दोनों युवक मुख्य सरगना रज्जन के संपर्क में आने के बाद दो साल से जासूसों की मदद कर रहे थे।
फरवरी में आए थे बिलासपुर
पुलिस की पूछताछ में आरोपी संजय व मनींद्र ने बताया कि बीते फरवरी में आरोपी रज्जन तिवारी के गिरफ्तार होने के बाद से दोनों को भी पकड़े जाने की चिंता सताने लगी थी। क्योंकि, रज्जन तिवारी के कहने पर ही उन्होंने आधा दर्जन से अधिक बैंक खाते खुलवाए थे और उसके कहने पर ही खातों में आई रकम को निकालकर दूसरे खातों में जमा कराते थे। लिहाजा, रज्जन की गिरफ्तारी के बाद डरे-सहमे दोनों युवक अकलतरा से बिलासपुर आ गए थे। फिर यहां निजी संस्थान में काम करने लगे थे।
एक और देशद्रोही हुआ गिरफ्तार
आतंकी संगठन आईएसआई के लिए काम करने वाले एक और देशद्रोही को बिलासपुर पुलिस ने अकलतरा से गिरफ्तार किया है। इससे पहले अकलतरा निवासी मनींद्र यादव को गिरफ्तार किया गया था। इस बार पुलिस ने अवधेश दुबे नामक युवक को हिरासत में लिया है। बिलासपुर पुलिस की टीम अकलतरा आई हुई थी और उसके घर से ही अवधेश को दबोचा। बिलासपुर पुलिस आरोपी अवधेश दुबे को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें