रविवार, 3 मई 2026

जिले के प्रभारी मंत्री के ‘चाबुक’ से बदला खेल: अब माफीनामा तक की चर्चा, हड़बड़ी में बुलाई बैठक भी फ्लॉप

रविवार सुबह 11:30 बजे की आपात बैठक में नाराज़ महिला सदस्य नहीं पहुँचे, दबाव बढ़ते ही बैकफुट पर दिखे ‘धमकीबाज़’ जनप्रतिनिधि

राजेंद्र राठौर @ जांजगीर-चांपा। जिला पंचायत में चल रहे विवाद ने अब तेज़ मोड़ ले लिया है। प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी के सख्त रुख के बाद सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। अंदरखाने चर्चा है कि मामला अब माफीनामा तक पहुंच सकता है, जबकि जिन जनप्रतिनिधियों पर महिला सदस्यों को चुप कराने के आरोप लगे थे, वे अब बैकफुट पर आते दिख रहे हैं।



एक दिन पहले 02 मई की शाम को जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी के हस्तक्षेप के तुरंत बाद आनन-फानन में 03 मई 2026 (रविवार) सुबह 11:30 बजे जिला पंचायत सभा कक्ष में बैठक बुलाने की सूचना जारी की गई। सभी सदस्यों से “आवश्यक विषय” पर चर्चा के लिए उपस्थित होने का आग्रह किया गया। इसे विवाद को जल्द शांत करने और स्थिति संभालने की कोशिश के तौर पर देखा गया।

लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया। नाराज़ महिला सदस्यों ने इस बैठक को नजरअंदाज कर दिया और निर्धारित समय पर नहीं पहुँचीं, जिससे साफ संकेत गया कि मामला अब केवल समझाइश से नहीं सुलझने वाला।

सूत्रों के अनुसार, मंत्री के सख्त संदेश कि "किसी को भी किसी सदस्य को दबाने का अधिकार नहीं" के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया है। अब वही जनप्रतिनिधि, जिन पर बैठक में महिला सदस्यों को रोकने और दबाव बनाने के आरोप लगे थे, स्थिति बिगड़ता देख बैकफुट पर आते नजर आ रहे हैं। अंदरखाने यह भी चर्चा है कि विवाद शांत करने के लिए माफीनामा देने की नौबत तक आ सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि मामला अब सिर्फ बहस या नाराजगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीधे राजनीतिक प्रतिष्ठा और नेतृत्व की साख से जुड़ गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या सच में माफी के जरिए विवाद थमेगा या यह टकराव आगे और बड़ा रूप लेगा।

शुक्रवार, 1 मई 2026

ग्राम भड़ेसर में उमड़ा देशभक्ति का सैलाब, भव्य स्वागत के साथ घर लौटे वीर जवान दीपक राठौर

जांजगीर-भड़ेसर। गांव की मिट्टी जब अपने सपूत का इंतज़ार करती है, तो हर दिल धड़कता है और ऐसा ही नज़ारा 1 मई 2026 की शाम ग्राम भड़ेसर में देखने को मिला। भारतीय सेना में 24 वर्षों तक गौरवपूर्ण सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त होकर लौटे गांव के लाल दीपक राठौर का ग्रामीणों ने ऐतिहासिक स्वागत किया।

गांव की सीमा पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे तिरंगा हाथ में लिए ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर झूमते नजर आए। जैसे ही वीर जवान दीपक राठौर खुली जीप में गांव पहुंचे, पूरा माहौल “भारत माता की जय”, “दीपक राठौर जिंदाबाद” जैसे नारों से गूंज उठा।

जीप से उतरते ही ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद पूरे गांव में स्वागत रैली निकाली गई, जिसमें देशभक्ति और गर्व का अनोखा संगम देखने को मिला। हर आंख में सम्मान था और हर चेहरे पर गर्व की चमक।

इस मौके पर राठौर 84 गवां सामाजिक कल्याण विचार मंच के सदस्यों सहित गांव के कई प्रतिष्ठित लोगों ने भी वीर जवान का अभिनंदन किया। संतोष राठौर (अफरीद वाटिका, जांजगीर), कृष्ण चंद राठौर, जगदीश राठौर, चंद्रभान राठौर, मोटू राठौर, रघुनाथ राठौर और बड़े भाई रामसागर राठौर समेत अनेक ग्रामीणों ने पुष्पमालाओं से स्वागत कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। गांव में ऐसा उत्साह मानो कोई त्योहार हो-हर गली, हर चौक पर बस एक ही नाम गूंज रहा था-दीपक राठौर।

204 पाव शराब का जखीरा…आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध सिंडिकेट, अकलतरा में पुलिस की कार्रवाई के बाद उठे बड़े सवाल, दुकान से सप्लाई या सिस्टम की मिलीभगत

जांजगीर-चांपा। अकलतरा पुलिस ने अवैध शराब कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 204 पाव शराब के साथ एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में सहदेव बंजारे (23), शंकर खांडे (28) और अल्का बंजारे (38) शामिल हैं, जो वार्ड नंबर 13 गुरुघासीदास मोहल्ला अकलतरा के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से देशी और अंग्रेजी शराब जब्त कर आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। 




पुलिस के अनुसार, सूचना के आधार पर तरोद चौक में घेराबंदी कर दो आरोपियों को पकड़ा गया, जिनके पास से करीब 100 पाव देशी शराब और एक वाहन बरामद हुआ। पूछताछ में खुलासा हुआ कि करीब 100 पाव शराब पहले ही अल्का बंजारे के घर में खपाई जा चुकी है। इसके बाद पुलिस टीम ने महिला के घर पर दबिश दी, जहां दरवाजा नहीं खोलने पर पंचनामा और वीडियोग्राफी के बाद दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। तलाशी के दौरान घर से भी भारी मात्रा में शराब बरामद हुई। 

इस पूरी कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल अब यह उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में शराब आई कहां से। आबकारी नियमों के अनुसार एक व्यक्ति को सीमित मात्रा में ही शराब बेची जा सकती है, ऐसे में 200 से अधिक पाव शराब का एक ही नेटवर्क तक पहुंचना सीधे तौर पर नियमों के उल्लंघन और संगठित सप्लाई चेन की ओर इशारा करता है। यह मानना मुश्किल है कि बिना किसी दुकान या सप्लायर की मिलीभगत के इतनी बड़ी मात्रा में शराब इकट्ठा कर उसका परिवहन और भंडारण किया जा रहा था। 

आरोपी अल्का बंजारे के घर से जिस तरह शराब का जखीरा मिला, वह इस बात का संकेत है कि यह कोई सामान्य बिक्री नहीं, बल्कि एक तरह का स्टॉक प्वाइंट बनाकर लंबे समय से अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था। दरवाजा बंद कर पुलिस को रोकने की कोशिश और अंदर से बड़ी मात्रा में शराब मिलना इस नेटवर्क की गंभीरता को और बढ़ाता है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई भले ही तेज दिख रही हो, लेकिन सवाल यह है कि क्या जांच केवल आरोपियों तक सीमित रहेगी या फिर उस सप्लाई चेन तक भी पहुंचेगी, जहां से इतनी मात्रा में शराब उपलब्ध कराई गई। 

आबकारी विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में शराब की अवैध निकासी बिना निगरानी में खामी या संरक्षण के संभव नहीं मानी जा सकती। गौरतलब है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं, इसके बावजूद उनका इस तरह सक्रिय रहना यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं उन्हें संरक्षण या ढील मिलती रही है। 

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को सिर्फ एक कार्रवाई तक सीमित रखता है या फिर पूरे नेटवर्क की जांच कर असली सप्लायर और जिम्मेदारों तक पहुंचता है। फिलहाल, 204 पाव शराब की बरामदगी ने यह साफ कर दिया है कि जांजगीर-चांपा में अवैध शराब का कारोबार केवल छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि संगठित तरीके से संचालित हो रहा है, जिसमें असली खिलाड़ी अब भी सामने आना बाकी हैं।

शुक्रवार, 29 सितंबर 2023

आम आदमी पार्टी के नेता बिंदेश राठौर के लेन-देन की आडियो वायरल, चंद्रपुर विधानसभा सीट से टिकट दिलवाने लिए हैं नौ लाख रुपये, सवालों के कटघरे में आई आम आदमी पार्टी की कार्यप्रणाली

जांजगीर-चांपा। खुद को इमानदार और बेदाग बताने वाली आम आदमी पार्टी के जांजगीर-चांपा लोकसभा अध्यक्ष बिंदेश राठौर के लेन-देन की आडियो बड़ी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने चंद्रपुर विधानसभा सीट से टिकट दिलवाने के एवज में किसी से नौ लाख रूपए लिए हैं। आडियो में इस पूरे लेन-देन का जिक्र है। हालांकि, इस आडियो की पुष्टि ‘नवीन कदम’ नहीं करता है मगर, छह मिनट 40 सेकेण्ड की इस आडियो को आम आदमी पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं द्वारा ही सोशल मीडिया में तेजी से वायरल किए जाने की बात सामने आ रही है। इससे आम आदमी पार्टी के सभी उच्च पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली अब सवालों के कटघरे में आ गई है।
सोशल मीडिया में वायरल आडियो के अनुसार, आम आदमी पार्टी के जांजगीर-चांपा लोकसभा अध्यक्ष बिंदेश राठौर ने चंद्रपुर विधानसभा सीट से टिकट दिलवाने के नाम पर किसी राधेश्याम नामक व्यक्ति से नौ लाख रूपए लिए हैं किन्तु अब तक राधेश्याम की टिकट फाइनल नहीं हुई है, जिससे वह परेशान है। वायरल आडियो के अनुसार, वह पार्टी के जांजगीर-चांपा लोकसभा अध्यक्ष बिंदेश राठौर को अब रकम वापस करने की बात कह रहा है, जिस पर बिंदेश राठौर द्वारा उसे टिकट पक्की कराने का पूर्ण आश्वासन दिया जा रहा है। बातचीत में यह भी सुनाई पड़ रहा है कि रकम दिए जाने के बाद भी टिकट नहीं मिलने से संबंधित व्यक्ति परेशान है और उसे उसके घर के लोग डांट-फटकार लगा रहे हैं तथा पैसे वापस लेने के लिए कह रहे हैं। वहीं लोकसभा अध्यक्ष बिंदेश राठौर उसे टिकट दिलाने का पूर्ण भरोसा दिला रहा है। आडियो के अंतिम में यह भी सुनने को मिल रहा है कि बिंदेश राठौर से प्राप्त आश्वासन से संबंधित व्यक्ति सहमत हो गया है और अपनी टिकट पक्की होने के बाद उसे बकरा भात खिलाने की बात कह रहा है। इस पर लोकसभा अध्यक्ष बिंदेश राठौर उसे फोन पर टिकट को लेकर किसी तरह की लेन-देन की बात नहीं करने कह रहा है तथा यह भी कह रहा है कि वह अभी वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रदेश के अन्य जिलों में दौरे पर है, वहां से जल्द ही चंद्रपुर आकर विस्तृत बातचीत करेगा। फोन पर ज्यादा बातचीत करना उचित नहीं है क्योंकि, उसके फोन की टेपिंग हो रही है। इसलिए, जो भी बात होगी, वह प्रत्यक्ष रूप से आमने-सामने होगी मगर, उसे चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, चंद्रपुर विधानसभा सीट से उसकी टिकट फाइनल है। बहरहाल, इस आडियो की पुष्टि ‘नवीन कदम’ नहीं कर रहा है परन्तु, इस आडियो की हकीकत आखिर क्या है, यह जांच का विषय है।

गुरुवार, 20 अक्टूबर 2022

प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति एवं पदस्थापना के लिए राशि की मांग संबंधी वायरल आडियो पर एपीसी प्रदीप कुमार शर्मा को नोटिस जारी, लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के संचालक ने सात दिवस के भीतर मांगा प्रतिवाद, जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव ने की थी शिकायत

जांजगीर-चांपा। सहायक शिक्षक (एलबी) की प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति एवं पदस्थापना के लिए राशि की मांग एवं लेनदेन के संबंध में वायरल आडियो रिकार्डिंग के साथ प्राप्त हुई शिकायत को लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के संचालक ने गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान जांजगीर-चांपा के सहायक जिला परियोजना अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिवस के भीतर उनसे प्रतिवाद मांगा है। बता दें कि इस मामले की शिकायत जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव ने शासन स्तर पर की थी, जिसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर हरकत में आया है।

लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के संचालक के हस्ताक्षर से 20 अक्टूबर 2022 को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान जांजगीर-चांपा के सहायक जिला परियोजना अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा को जारी कारण बताओ सूचना पत्र के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा द्वारा सहायक शिक्षक (एलबी) से प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के पद पर पदोन्नति की कार्यवाही प्रचलन में है। आपके विरूद्ध जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर-चांपा के सचिव द्वारा एक सहायक शिक्षक (एलबी) की प्रधान पाठक प्राथमिक शाला पद पर पदोन्नति एवं पदस्थापना के लिए राशि की मांग व लेनदेन के ंसबंध में आडियो रिकार्डिंग के साथ शिकायत प्राप्त हुई है। इस प्रकार आपके द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतना परिलक्षित होता है। आपका उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत है। उक्त कृत्य के लिए क्यों न आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावे। उक्त संबंध में अपना प्रतिवाद सात दिवस में जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा के माध्यम से संचालनालय में प्रस्तुत करें। निर्धारित समयावधि में प्रतिवाद प्राप्त न होने पर आपके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी। कारण बताओं सूचना पत्र की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, संयुक्त संचालक शिक्षा बिलासपुर, जिला शिक्षा अधिकारी जांजगीर-चांपा को भी प्रेषित की गई है।

सोमवार, 17 अक्टूबर 2022

बलौदा व पंतोरा थाना क्षेत्र में सज रहा जुआ फड़, ताश के पत्तों पर दांव लगा भाग्य आजमा रहे जिले सहित आसपास के जिलों के जुआरी, हरि नामक एक व्यक्ति है मुख्य सरगना जो इस क्षेत्र में कर रहा है जुआ फड़ का संचालन

 जांजगीर-चांपा। जिले के बलौदा एवं पंतोरा थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से धड़ल्ले से जुआ फड़ लग रहे हैं, जहां ताश के पत्तों पर दांव लगाकर जिले सहित आसपास के जिलों के जुआरी भाग्य आजमा रहे हैं। इसके बावजूद, पुलिस इस अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, बलौदा एवं पंतोरा थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से जुआ चल रहा है। इन थाना क्षेत्रों में स्थित कुछ गांवों के अलावा छाता जंगल में जुआ के फड़ जगह-जगह सजते हैं और यहां ताश के पत्तों पर हजारों-लाखों के दांव लगाकर जुआरी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। खास बात यह है कि भाग्य के मोहजाल भरे इस खेल में सैकड़ों परिवार तबाही का शिकार हो चुके हंै। यहां ताश के पत्तों पर नए-नए नाम से जुआ फड़ सज रहे हंै, जिसमें युवा जुआ के लती होकर घर की पूंजी गंवाकर बर्बादी के रास्ते पर हंै। बताया जा रहा है कि हरि नामक एक व्यक्ति मुख्य सरगना है, जो इस क्षेत्र में जुआ फड़ का संचालन कर रहा है। उसके खिलाफ पूर्व में भी पुलिस को शिकायत मिली थी, जिसके बाद कुछ समय के लिए जुआ फड़ बंद हो गया था। मगर, पिछले कुछ दिनों से पुनः इस क्षेत्र में जुआ फड़ सज रहे हैं। त्योहारी सीजन होने के चलते यहां जांजगीर-चांपा जिले के अलावा बिलासपुर और कोरबा जिले के जुआरी भी दांव लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। इससे क्षेत्र में अराजकता की स्थिति बनी रहती है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि नशाखोरी के बाद जुआरी आपस में ही बवाल किए रहते हंै। जुआरी हजारों-लाखों का दांव लगाकर पुलिस के लिए चुनौती बने रहते हैं। वहीं सबकुछ जानते हुए भी पुलिस का मौन रहना लोगों में पुलिस को लेकर संदेह की स्थिति पैदा किए है।

तेज रफ्तार कार ने बाइक को पीछे से मारी टक्कर, बाइक चालक की हालत गंभीर, बाइक में सवार दो बच्चे भी हुए घायल, घटना के बाद कार छोड़कर भागा चालक, राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर ग्राम अमरताल की घटना

जांजगीर-चांपा। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-49 पर स्थित ग्राम अमरताल में रविवार की दोपहर एक तेज रफ्तार वैगनआर कार के चालक ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक चालक के अलावा बाइक पर सवार दो छोटे-छोटे बच्चे भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वाहन चालक घटनास्थल से कुछ दूरी ही पर दुर्घटनाकारित कार को छोड़कर भाग निकला। इसके बाद आसपास के ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को अकलतरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि बाइक चालक की हालत काफी गंभीर है, जिसकी वजह से उसे आईसीयू में रखा गया है। वहीं बच्चे भी बुरी तरह घायल हुए हैं। मामले में अकलतरा पुलिस ने आरोपी कार चालक के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिला के अंतर्गत ग्राम लिमतरा निवासी मुकेश राठौर पिता लक्ष्मण राठौर पिछले कुछ वर्षों से जांजगीर स्थित बीडी महंत उपनगर में अपने परिवार के साथ निवासरत हैं। किसी काम से वे अपनी पत्नी कल्याणी राठौर एवं दो बच्चों के साथ गृहग्राम लिमतरा गए हुए थे। परिजनों से भेंट-मुलाकात करने के बाद 16 अक्टूबर 2022 की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वे अपनी बाइक क्रमांक सीजी 10, एनबी 2348 से पत्नी एवं दोनों बच्चों को लेकर वापस जांजगीर आ रहे थे। वे अभी राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-49 पर स्थित ग्राम अमरताल पहुंचे ही थे कि विपरित दिशा से आ रही वैगनआर कार क्रमांक सीजी 10, एडी 8927 के चालक ने तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक सवार मुकेश राठौर एवं उनके दोनों बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में मुकेश राठौर गंभीर रूप से घायल हो गए तो वहीं दोनों बच्चों को भी गंभीर चोंटे आईं। इधर, घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वाहन चालक मौके से कुछ ही दूरी पर वैगनआर कार को छोड़कर भाग निकला। इस घटना की खबर जैसे ही आसपास के लोगों तक पहुंची तो मौके पर भीड़ जुट गई और निजी वाहन के माध्यम से घायल मुकेश राठौर एवं उनके दोनों बच्चों को अकलतरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया, जहां डाॅक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को बिलासपुर रेफर कर दिया। 


इसके बाद परिजन सभी घायलों को बिलासपुर स्थित लाइफ केयर हाॅस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां गंभीर रूप से घायल मुकेश राठौर को आईसीयू में रखा गया है तो वहीं दोनों बच्चे भी इसी हाॅस्पिटल में भर्ती हैं। दूसरी ओर, घटना की जानकारी मिलने के बाद अकलतरा पुलिस ने दुर्घटनाकारित कार को अपने कब्जे में ले लिया है। परिजनों ने बताया कि इस हादसे में मुकेश राठौर के सिर एवं अन्य हिस्सों में गंभीर चोंटे आई हैं। साथ बच्चों के कंधे, पैर एवं शरीर के अन्य हिस्सों में चोंटे हैं। 17 अक्टूबर 2022 को अकलतरा पुलिस ने घायल मुकेश राठौर के जांजगीर निवासी रिश्तेदार जयनारायण राठौर पिता पंचराम राठौर की रिपोर्ट पर आरोपी कार चालक के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया है।

मंगलवार, 4 अक्टूबर 2022

नेता प्रतिपक्ष चंदेल के बयान पर गौ सेवा आयोग अध्यक्ष का पलटवार, कहा-क्या वे वैज्ञानिक हैं या फिर भविष्यवक्ता, जिन्होंने 90 गायों की मृत्यु का खाका तैयार कर लिया...

जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड के ग्राम भैंसों में बने गौठान में गायों की मौत को लेकर गरमाई राजनीति, विपक्ष ने साधा निशाना तो सत्ता पक्ष ने किया तीखा प्रहार

जांजगीर-चांपा। जिले के पामगढ़ विकासखंड के अंतर्गत ग्राम भैंसों में निर्मित गौठान में पिछले कुछ दिनों से हो रही गायों की मौत को लेकर राजनीति गरमा गई है। एक दिन पहले जहां गौठान का निरीक्षण कर नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच की मांग की तथा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महंत डाॅ. रामसुंदरदास पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष गायों की सेवा न करके केवल राजनीति कर रहे हैं। जबकि, प्रदेश के गौठानों का बुरा हाल है। चारा-पानी की व्यवस्था भी नहीं है, जिसके कारण गायों की जान जा रही है। नेता प्रतिपक्ष चंदेल के इस बयान पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महंत डाॅ. रामसुंदरदास ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि क्या वे वैज्ञानिक हैं या फिर भविष्यवक्ता, जिन्होंने 90 गायों की मृत्यु का खाका तैयार कर लिया। 

दरअसल, जिले के पामगढ़ ब्लॉक के भैंसों गांव में बने गौठान में कुछ समय से गायों की मौत हो रही थी। इसकी शिकायत गांव के लोगों ने प्रशासन से की थी। ग्रामीणों ने कहा कि शिकायत का कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद गायों की मौत की सूचना नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल को दी गई थी, जिसके बाद चंदेल सोमवार को गौठान का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां नेता प्रतिपक्ष चंदेल ने पत्रकारों से चर्चा की और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। यहां के लोगों ने तो 90 गायों की मौत की बात कही है। सरकार गायों के संरक्षण करना का सिर्फ दिखावा कर रही है। प्रदेश में गायों की हालत क्या है, उसका अंदाजा इस गौठान से लगाया जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष चंदेल के इस बयान पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महंत डाॅ. रामसुंदरदास ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

उन्होंने कहा कि जब 15 वर्षों तक वे शासन पर थे, तब तो कहीं निरीक्षण के लिए नहीं गए। निरीक्षण की आवश्यकता तो तब थी, जब पूरी सड़कें गौ माताओं के क्षत-विक्षत शवों से भरा पड़ा होता था। निरीक्षण तब करनी चाहिए थी, जब गौशालाओं में सैकड़ों की तादात में गौ माताएं भूख-प्यास से मर रही थी। उन्होंने कहा कि जिस दिन मुझे गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने दी, उसी दिन उन्होंने मुझसे कहा था कि महाराज जी छत्तीसगढ़ में वह काला दिवस अब कभी न आए, जो हमें दुर्ग जिले की गौशालाओं में देखने को मिला था, तब से लेकर अब तक हमने अपनी सेवा के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया है कि कहीं भी गौ माताओं को हमारे वजह से कोई तकलीफ न हो। 

यहां तक कि जब कोरोना संक्रमणकाल में सभी कार्यालय बंद थे, सभी जगह ताला लग गया था, तब भी हमने समय पर सभी गौशालाओं को नियमित समय पर अनुदान पहुंचाकर गौ माताओं की सेवा करने का पूरा प्रयत्न किया। ग्राम भैंसों के गौठान में जिन लोगों ने 90 गौ माताओं के कालकलवित होने की बातें कही है, उनसे आप सभी पूछें कि उन्होंने किस आधार पर यह वक्तव्य दिया है? वे भविष्यवक्ता नहीं है! वैज्ञानिक नहीं है! किस पद्धति से जांच कर उन्होंने संख्या निर्धारित की? हमें बताये। स्वयं कह रहे हैं कि 12 कंकाल मिला है, अब वे बताएं 78 कहां गए? इसका भी वे जवाब देंगे? स्वाभाविक मृत्यु को प्राप्त हुए 2-4 कंकालों के सामने फोटो खिंचवा लेने से असत्य सत्य नहीं हो जाएगा। 

जिन गौ माताओं को सामने रखकर उन्होंने फोटो जारी किया है, वे सभी गौ माता शरीर से स्वस्थ एवं सुंदर दिखाई दे रही हैं। जिस समय निरीक्षण के लिए वे गए थे, उस समय पशु चिकित्सक डॉ. सूर्यवंशी वहां सेवारत थे, उपचार कर रहे थे, इसका उल्लेख उन्होंने अपने वक्तव्य में क्यों छुपाया? छत्तीसगढ़ में किसी भी गौठान में कोई कसाई कार्य नहीं करता। इस शब्द का प्रयोग उन्होंने कैसे किया? यह भी उनसे पूछना चाहिए। या तो वे मूल छत्तीसगढ़िया नहीं हैं या वे इस शब्द का अर्थ ही नहीं समझते हैं। हमसे जितना हो सके, हमने गौ माताओं की सेवा की है और करते रहेंगे, सेवा के क्षेत्र में राजनीति करना हमारा धर्म नहीं है। जिनको राजनीति करनी है वे करें। आज से 15 वर्ष पहले छत्तीसगढ़ में गौ माताओं से संबंधित कोई समस्या ही नहीं थी, यह समस्या क्यों उत्पन्न हुई? इसका भी जवाब वे लोग ही देंगे। 

जांजगीर-चांपा जिले में बड़े-बड़े राजनेता सभी राजनीतिक पार्टियों में हुए हैं, आज तक किसी ने भी किसी के ऊपर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की, वे किस उद्देश्य से ऐसा कर रहे हैं, इसका जवाब भी उन्हीं के पास है। राजनीति अपनी जगह है, हमें अपनी व्यक्तिगत मर्यादाओं का भी पालन करना चाहिए। बहरहाल, इस मुद्दे को लेकर अब राजनीति गरमाने लगी है। ऐसे में आगे यह देखना होगा कि इस मसले पर आखिरकार पक्ष और विपक्ष क्या कड़ा रूख अपनाता है या फिर दोनों पक्ष केवल बयानबाजी तक ही सीमित रह जाते हैं।