गुरुवार, 13 अप्रैल 2017

अब ई-कोर्ट के जरिए रखी जाएगी पैनी नजर, भूमाफियाओं पर नकेल कसने की कवायद शुरू

जांजगीर-चांपा. भूमाफियाओं और फर्जीवाड़ा कर जमीन की खरीद-बिक्री करने वालों पर अब ई-कोर्ट के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी। इस योजना के तहत जिला पंजीयक कार्यालय और तहसीलदार कार्यालय को आपस में लिंक किया जाएगा। रजिस्ट्री के बाद जिला पंजीयक कार्यालय द्वारा तमाम दस्तावेज को तहसीलदार कार्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। अपलोड होते ही जिस जमीन की खरीद-बिक्री की गई है, उसका खसरा नंबर व भूमि स्वामी का नाम कंप्यूटर स्क्रीन पर नजर आने लगेगा। बताया जा रहा है कि आगामी मई से ई-कोर्ट व्यवस्था जिले में लागू हो जाएगी।


अपना आशियाना बनाने के लिए लोग जीवनभर की गाढ़ी कमाई को लगाकर या तो जमीन खरीदते हैं या फिर मकान ले लेते हैं। जमीन की खरीद-बिक्री में भूमाफियाओं की दखल अब भी कायम है। राज्य शासन की तमाम बंदिशों के बाद भी फर्जीवाड़ा पर रोक नहीं लग पा रहा है। आमतौर पर यह शिकायतें मिल रही है कि एक ही जमीन को माफिया या दलाल तीन से चार व्यक्तियों के पास बेच दी है। जमीन के कब्जे को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। अचरज की बात यह कि पंजीयक कार्यालय द्वारा भी एक ही जमीन की एक से अधिक व्यक्तियों के नाम पर रजिस्ट्री भी कर दी गई है। रजिस्ट्री के अलावा नामांतरण की प्रक्रिया को भी पूरी कर दी जाती है। जमीन खरीद-बिक्री में फर्जीवाड़ा में शामिल लोगों ने राजस्व अमले को भी अपने साथ कर लिया है। बगैर राजस्व अमला के यह संभव ही नहीं है। लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर राज्य शासन ने अब इस पर प्रभावी अंकुश लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए ई-कोर्ट सिस्टम लागू किया जा रहा है। 


ई-कोर्ट के जरिए फर्जीवाड़ा कर जमीन बेचने वालों की हकीकत सामने आ जाएगी। ई-कोर्ट व्यवस्था के तहत जिला पंजीयक कार्यालय और तहसील कार्यालय को आपस में लिंक किया जाएगा। रजिस्ट्री के बाद जमीन के दस्तावेज तहसील कार्यालय की बेवसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसमें जिस जमीन की रजिस्ट्री की गई है उसका खसरा नंबर, भूमि स्वामी का नाम, विक्रेता का नाम के अलावा गवाहों के नाम की सूची भी जारी की जाएगी। इसके अलावा पटवारी हलका नंबर का भी उल्लेख किया जाएगा। 


रजिस्ट्री के दस्तावेज की पतासाजी के दौरान किसी अन्य की जमीन को दूसरे के नाम से बिक्री की गई होगी तो कंप्यूटर स्क्रीन पर सिग्नल आने लगेगा। इससे पता चल जाएगा कि संबंधित जमीन की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा किया गया है। तहसीलदार द्वारा जिला पंजीयक कार्यालय को इसकी सूचना दी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई जिला पंजीयक कार्यालय द्वारा की जाएगी।

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