नपाध्यक्ष एवं स्थानीय एसडीएम की पहल पर सुलझा मामला
सक्ती. शहर सहित क्षेत्र के सब्जी विक्रेताओं द्वारा स्थायी सब्जी बाजार स्थापित करने की मांग को लेकर बीते एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था।चार दिनों तक धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रहने से क्षेत्र के छोटे सब्जी उत्पादक किसानों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए नपाध्यक्ष एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने उचित पहल की। बुधवार को सब्जी विक्रेताओं से चर्चा कर व्यवसाय के लिए उन्हें उचित एवं पर्याप्त जगह उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
उल्लेखनीय है कि सक्ती शहर में प्रत्येक दिन सुबह एवं शाम के समय लगने वाले सब्जी बाजारों में आसपास के क्षेत्र से छोटे-छोटे सब्जी उत्पादक किसान अपने सामान को लेकर आते है तथा उस समान को सब्जी व्यापारी द्वारा खरीदकर उसे बिक्री की जाती है, लेकिन बीते एक अप्रैल से शुरू हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे किसानों की सब्जी की आवक शहर में बंद कर दी गई थी। सब्जी विक्रेता अपनी मांग पर कायम थे, जिसकी वजह से लोगों को सब्जी नहीं मिल रही थी।
चार दिनों तक चले आंदोलन के बाद बुधवार को नगरपालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल, एसडीएम अजय किशोर लकड़ा तथा तहसीलदार रजनी छड़ीमलि ने सब्जी विक्रेताओं के धरना पंडाल पर पहुंचकर उन्हें खसरा नंबर 1218/1 की जमीन पर बैठने की जगह उपलब्ध कराई, जिसके बाद सब्जी विक्रेताओं को ठंडा पिलाकर उनका आंदोलन खत्म करवाया गया।
इसलिए गहराया था विवाद
जानकारी के अनुसार, सब्जी विक्रेताओं को स्थायी बाजार के लिए जगह उपलब्ध कराने नगर पालिका प्रशासन द्वारा शहर के वार्ड क्रमांक 14 में टेलीफोन एक्सचेंज के पास जगह देने पहल की गई थी, किंतु जानकारों का कहना है कि सब्जी विक्रेताओं को स्थानीय प्रशासन द्वारा दी जाने वाली जगह कम लगी तथा करीब पांच एकड़ भूमि सब्जी बाजार के लिए देने की मांग सब्जी विक्रेता संघ द्वारा की जा रही थी।
लोगों को मिली राहत
सब्जी विक्रेताओं के अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते आमजन सहित शहर में आलू, प्याज के विक्रेता भी परेशान थे। आलू प्याज व्यापारियों का कहना था कि उनके समान अन्य राज्यों से आते हैं। अगर हड़ताल की यही स्थिति रही तो काफी संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाएगा। हड़ताल खत्म होने से सभी ने राहत की सांस ली है।

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