बुधवार, 5 अप्रैल 2017

आरोपी बोला-पहली पत्नी को खा गई, दूसरी को भी चाहती थी खाना, इसलिए की हत्या

कटनई गांव में वृद्धा की हत्या का आरोपी हुआ गिरफ्तार, जादू-टोना के संदेह पर उतरा मौत के घाट

 

अकलतरा. ग्राम कटनई में एक वृद्धा की निर्मम हत्या तथा स्वर्णाभूषण के लूट के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जादू-टोना की शंका पर आरोपी ने वृद्धा की हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी को जेल दाखिल करवा दिया है।

अकलतरा पुलिस ने बताया कि ग्राम कटनई निवासी वृद्धा फिरतीन बाई की अज्ञात आरोपियों ने बीते 31 मार्च की रात निर्मम हत्या कर दी थी। घटना के दौरान वृद्धा घर पर अकेली थी, जबकि उसके परिजन पूजा अर्चना में शामिल होने बाहर गए हुए थे। वारदात के दूसरे दिन पुलिस ने मौका मुआयना कर अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध हत्या का अपराध दर्ज किया और मामले की छानबीन शुरू की। हत्या की गुत्थी सुलझाने पुलिस ने कई मुखबिर भी लगाए थे। वहीं क्राइम ब्रांच की टीम भी बारीकी से जांच कर रही थी। 

मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने गांव के ही राकेश कैवत्र्य पिता रामकुमार कैवर्त को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह गोलमोल जवाब देने लगा। पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी राकेश ने बताया कि उसकी पहली पत्नी पर मृतका फिरतीन बाई ने जादू-टोना किया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। फिरतीन बाई उसकी दूसरी पत्नी पर भी जादू-टोना करना चाहती थी, जिसके कारण उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने बताया कि वारदात को लूट का रूप देने के लिए उसने वृद्धा के स्वर्णाभूषण लूट लिए थे। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लूट में प्रयुक्त बत्ता तथा लूटे गए गहने बरामद कर लिए हैं।
 

ऐसे सुलझी अंधे कत्ल की गुत्थी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने बताया कि बीते 31 मार्च की रात ग्राम कटनई में हत्या की वारदात होने की सूचना के तत्काल बाद पुलिस महकमा हरकत में आया। घटना की गंभीरता को देखते हुए उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) राकेश कुमार कुर्रे के नेतृत्व में अकलतरा निरीक्षक उमेश मिश्रा, उपनिरीक्षक राजकुमार लहरे, आरक्षक शंभू पाण्डेय, आरक्षक विवेक ठाकुर, आरक्षक अश्वनी जायसवाल, आरक्षक अखिलेश राय, आरक्षक परदेशी कंवर एवं क्राइम ब्रांच के निरीक्षक राजेश मिश्रा, सहायक उपनिरीक्षक दिलीप सिंह, आरक्षक राजकुमार चंद्रा, आरक्षक राजेश शर्मा, आरक्षक रेमन सिंह राजपूत तथा आरक्षक मोहन साहू की एक टीम बनाई गई थी। विवेचना के दौरान टीम को पता चला कि गांव का ही राकेश कैवर्त शराब पीने का आदी है, जो घटना स्थल के पास स्थित तालाब के पार में जुआ खेलता है। पूछताछ में मृतका के पुत्र मनमोहन साहू ने टीम को बताया कि राकेश कैवर्त ने उसकी मां फिरतीनबाई से छह जार रुपए उधार लिया था, जिसे वह वापस नहीं कर रहा था। टीम को ऐसी सूचना मिली कि मृतका फिरतीनबाई पर जादू-टोना करने का गांव वालों को संदेह था। इतनी जानकारी मिलने पर टीम ने पिछले दो साल के भीतर अचानक मौत होने वालों का पता लगाया, तब पता चला कि राकेश कैवर्त की पत्नी की मृत्यु दो साल पहले हुई थी, तब संदेही राकेश कैवर्त को थाने लाकर पूछताछ की गई। काफी पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल किया।
 

टीम को करता रहा घंटों गुमराह

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यादव ने बताया कि पुलिस की टीम ने जब संदेही राकेश कैवर्त को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, तब वह घंटों तक पुलिस को गुमराह करता रहा। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने चोरी गए जेवर तथा घटना में प्रयुक्त लकड़ी के बत्ता को तालाब में फेंकना बताया। इस आधार पर पुलिस ने चार अप्रैल को गांव के कुछ लोगों को लेकर तालाब में पानी के अंदर खोजबीन कराई, लेकिन वहां से चोरी का सामान नहीं मिला, तब थाना लाकर राकेश से फिर पूछताछ की गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने सोने की माला को रामसागर तालाब के मेढ़ में बने शिव मंदिर के किनारे नीम पेड़ के नीचे छिपाने की बात कही तथा घटना में प्रयुक्त लकड़ी के बत्ते को तालाब के पुलिस के नाली वाले गड्ढ़े में छिपाने की जानकारी दी। आरोपी ने बताया कि घटना के समय पहने हुए कपड़े को धोकर उसने अपने कमरे में छिपाकर रखा है, तब पुलिस ने 9 नग सोने का लॉकेट एवं एक सोने का गेंहू दाना, दो टूटे हुए दांत, तीन मोती, ताबीज, चॉभी, घटना में प्रयुक्त बत्ता एवं घटना के समय आरोपी द्वारा पहने गए खून से सने पेंट-शर्ट को जब्त किया।

बैगा ने कहा था जादू-टोना हुआ है

पूछताछ में आरोपी राकेश ने पुलिस को बताया कि उसकी पहली पत्नी की मौत फिरतीन बाई द्वारा टोना लगाने से हो गई। एक साल पहले उसने दूसरी शादी की, जिस पर फिरतीनबाई की नजर थी। पांच-छह माह की गर्भवती हुई उसकी दूसरी पत्नी को फिरतीनबाई घूरकर देखती थी, जिसके कारण उसके पेट में दर्द शुरू हो गया था। इस पर बैगा से संपर्क किया तो उसने उस पर टोना-जादू लगने की बात कही। ऐसे में दूसरी पत्नी को घटना के आठ दिन पहले उसके मायके भेज दिया एवं 31 मार्च की रात मौका देखकर फिरतीनबाई के घर घुसकर बत्ते से उसकी हत्या कर दी।

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