छककर पी शराब फिर मदहोश होकर बस स्टैण्ड में पड़े रहे घंटों तक, पुटपुरा स्थित 11वीं बटालियन में तैनात है नशे में धुत्त तीनों जवान
जांजगीर-चांपा. वर्ष 1959 में अभिनेता मुकेश की एक फिल्म ‘मैं नशे में हूं’ आई थी। इस फिल्म की एक गीत ‘यारों माफ करना, मैं नशे में हूं’ ने खूब धूम मचाई। इस गीत की पुनर्रावृत्ति बुधवार को जिला मुख्यालय जांजगीर के नए बस स्टैण्ड में नशे में धुत्त होकर पड़े तीन जवानों ने की। जवानों ने पहले छककर शराब पी, फिर नए बस स्टैण्ड के हॉल में मदहोश होकर ‘मैं नशे में हूं’ फिल्म का गीत गुनगुनाते घंटों तक पड़े रहे। इसकी जानकारी जब कुछ मीडियाकर्मियों तक पहुंची तो वे बस स्टैण्ड पहुंचे और नशे में धुत्त उन जवानों से बात की। जवानों ने कहा, साहब हम कभी-कभी पी लेते हैं, लेकिन होश में रहते हैं। आज कुछ ज्यादा ही पी ली। इसलिए ऐसा हाल हुआ है। मीडियाकर्मियों ने इस पूरे घटनाक्रम को कैमरे मेें रिकार्ड किया है, जिसकी खबर से बटालियन के अफसरों में हडक़ंप मचा हुआ है।
दरअसल, पुटपुरा के 11वीं बटालियन के कुछ जवानों द्वारा बुधवार को शराब के नशे में मदहोश होकर नए बस स्टैण्ड में पड़े होने की सूचना मीडियाकर्मियों तक पहुंची। सूचना के आधार पर कुछ मीडियाकर्मी नया बस स्टैण्ड पहुंचे तो वहां का नजारा काफी चौकानें वाला था। वहां 11वीं बटालियन के मेजर विलियम टोप्पो, आरक्षक महावीर मण्डावी और कांशीराम भुवारे सुबह से ही नशे में मदमस्त होकर जमीन पर पड़े हुए थे। उनकी हालत ऐसी थी कि जमीन से उठने तक की स्थिति में नहीं थे। मजे की बात यह रही कि नशे में धुत्त मेजर सहित तीनों जवान ‘मैं नशे में हूं’ फिल्म का गीत गुनगुना रहे थे। यह नजारा देख मीडियाकर्मियों ने जब पूरी गतिविधि को कैमरे में रिकार्ड करना शुरू किया तो मेजर विलियम टोप्पो जमीन से उठकर खड़े होने लगे, लेकिन उनके पांव साथ नहीं दे रहे थे। वे बार-बार लडख़ड़ाकर गिर जा रहे थे।
कुछ देर बार मेजर विलियम टोप्पो किसी तरह खड़े हुए और मीडियाकर्मियों से क्षमा-याचना करने लगे। उनका कहना था कि गलती हो गई। अब ऐसी गलती कभी नहीं होगी, जबकि नशे में धुत्त दोनों आरक्षक सुध-बुध खोकर जमीन पर ही पड़े हुए थे। बताया जा रहा है कि इस घटना की जानकारी मिलते ही बटालियन में हडक़ंप मच गया है। कुछ अधिकारियों के बस स्टैण्ड पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लिए जाने की सूचना मिल रही है। बहरहाल, इस घटना ने वर्दी पर एक बार फिर बदनामी की दाग लगा दी है। अब देखना यह होगा कि बटालियन के अधिकारी उन जवानों के खिलाफ आखिर क्या कार्रवाई करते हैं।
वर्दी में थे बटालियन के जवान
11वीं बटालियन के मेजर सहित तीनों जवान घटना के दौरान वर्दी में थे। पूछताछ करने पर पता चला कि वे ड्यूटी पर हैं, जो किसी काम से टीवीएस बाइक पर सवार होकर बस स्टैण्ड आए थे। काम निपटाने के बाद वे बटालियन लौटने के बजाय सीधे शराब दुकान पहुंच गए और छककर शराब पी। इसके बाद किसी तरह नया बस स्टैण्ड पहुंचे, जहां हाल में लेट गए। पूछताछ में पता चला कि तीनों जवान सुबह 11 बजे से बस स्टैण्ड में ही पड़े हुए थे। ऐसे में एक सवाल उठना लाजिमी है कि बटालियन के अफसरों ने घंटों तक गायब रहने वाले उन जवानों की आखिरकार खोजखबर क्यों नहीं ली।
पहले भी लगे गंभीर आरोप
पुटपुरा स्थित 11वीं बटालियन की छबि प्रशासनिक महकमे और आमजनता के बीच कुछ ठीक नहीं है। बटालियन के जवानों पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। बताया जाता है कि ग्राम पुटपुरा के ही लोगों ने कुछ साल पहले बटालियन के जवानों पर शराब के नशे में धुत्त होकर देह व्यापार करने वाली कुछ महिलाओं के साथ बटालियन परिसर में ही जिस्मानी रिश्ता कायम करने का आरोप लगाया था। सिर्फ इतना ही नहीं, बटालियन के जवानों पर आसपास के गांवों की महिलाओं एवं युवतियों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप भी कई बार लगे हंै। इन मामलों की शिकायत जिला प्रशासन के साथ ही पुलिस अफसरों तक पहुंची भी थी। बावजूद इसके शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। इस वजह से बटालियन के जवानों की मनमानी चरम पर है।

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