चांपा. अप्रैल की गर्मी ने भले ही लोगों को परेशान कर दिया हो, लेकिन वन अमले के लिए यह गर्मी फायदेमंद साबित हो रही है। अप्रैल में ही पड़ी 40 डिग्री की गर्मी ने तेंदूपत्ते को हाई क्वालिटी का बना दिया है। इससे लंबे समय बाद शासन को जिले से 100 फीसदी तक उच्च क्वालिटी की उपज मिलने वाली है, जिसका बड़ा आर्थिक फायदा सरकार को होगा।
वन विभाग के मुताबिक, आमतौर पर जिले में पैदा होने वाले तेंदूपत्ते की साइज 21 से 23 सेमी तक होती है, लेकिन साफ मौसम व अप्रैल में ही पड़ी भीषण गर्मी की वजह से पत्ते ने बेहतर ग्रोथ किया है, जिससे पत्तों की साइज 11 सेमी तक बढक़र 32 सेमी के आसपास हो गई है। पत्ते की यह ग्रोथ लंबे समय बाद जिले में देखा जा रहा है, जिसका बड़ा फायदा शासन को मिलेगा। विभाग के एक्सपर्ट के मुताबिक, गर्मी जितनी तेज पड़ती है, पत्ते की क्वालिटी उतनी की बेहतर होती जाती है। इसके लिए मौसम का साफ होना भी महत्वपूर्ण पहलू है। शासन तेंदूपत्ते की नीलामी बड़ी मात्रा में बिड़ी उत्पादकों को करती है। ऐसे में बड़ी हुई साइज के पत्तों का डेढ़ गुना दाम शासन को हासिल होगा।
इस दफे समितियों से खरीदी का दाम भी प्रति मानक बोरा 300 रुपए तक बढ़ा दिया है। तेंदूपत्ते की तोड़ाई पहले मई से शुरु कर दी जाएगी, जिसके लिए वन विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। वन विभाग के अफसरों ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी दस हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। बेहतर मौसम व गर्मी के चलते तेंदूपत्ते की क्वालिटी इस बार बेहतर रहने वाली है, जिसका फायदा शासन को मिलेगा।
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