डभरा. शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला रेड़ा में पदस्थ एक निम्न श्रेणी लिपिक द्वारा अपने हक की राशि मांगना व अपने विभाग में हो रही अनियमितता की जानकारी मांगना इतना बड़ा गुनाह हो गया कि उस लिपिक को इतनी ज्यादा मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है कि वह आत्महत्या करने के लिए विवश हो गया है। इतना ही नहीं, जानकारी बाहर आ जाने के भय से फर्जी शिकायत को आधार बनाकर उक्त लिपिक को ब्लॉक से बाहर संलग्न करा दिए जाने का आदेश जारी करवा दिया गया है।
जनकारी के अनुसार, विकासखण्ड डभरा के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला रेड़ा में राजू साहू नामक युवक सहायक ग्रेड तीन के पद पर पदस्थ है। उसका आरोप है कि उसे चार वर्षो से यात्रा भत्ता नहीं दिया जा रहा है, जिससे परेशान होकर उसने विद्यालय के प्राचार्य व जिला शिक्षा अधिकारी को समस्या से अवगत कराया था। बावजूद इसके उसकी समस्या यथावत है। उसका आरोप है कि कार्यालय में पदस्थ उच्च वर्ग लिपिक चन्द्रमणी प्रसाद पटेल द्वारा अपना यात्रा भत्ता हमेशा निकाल लिया जाता है। राजू साहू का कहना है कि उसके द्वारा स्कूल कार्यालय से जरूरी दस्तावेज गायब होने एवं संस्था में हुई अनिमितता के संबंध में सूचना का अधिकार के तहत आवदेन लगाकर जानकारी मांगी गई है, जिससे विद्यालय के प्राचार्य झनकराम सिदार द्वारा उच्च अधिकारियों के पास उसके खिलाफ फर्जी शिकायत कर दी गई है।
डीईओ के आदेश की अवहेलना
लिपिक राजू साहू द्वारा लगाए गए सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगे जाने के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी आरपी आदित्य के द्वारा प्राचार्य को समय सीमा के अंदर चाही गई सूचना उपलब्ध कराने एवं वरीयता क्रम में यात्रा भत्ता प्रदान किए जाने का आदेश जारी करते हुए कार्यालय को अवगत कराने का आदेश दिया था, लेकिन प्राचार्य के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश की अवहेलना की जा रही है।
मानसिक प्रताड़ना का आरोप
लिपिक साहू की आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय है और उसकी जीविका का एकमात्र साधन नौकरी है। ऐसे में उसे विगत चार वर्षों से यात्रा भत्ता का भुगतान नहीं किया जाना और विगत चार वर्षों से अपने वेतन की राशि को शासकीय कार्य में उपयोग कराया जाना कार्यालय की गम्भीर लापरवाही को दर्शाता है। उपरोक्त कारणों का उल्लेख करते हुए लिपिक द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र के माध्यम से शिकायत करते हुए कहा है कि इसी तरह उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा तो प्रताड़ना से तंग आकर वह आत्महत्या कर सकता है, जिसके जिम्मेदार संस्था के प्राचार्य झनकराम सिदार एवं उच्च वर्ग लिपिक चन्द्रमणी प्रसाद पटेल होंगे।
भुगतान के लिए रिश्वत की मांग
लिपिक साहू का आरोप है कि यात्रा भत्ता भुगतान करने के लिए उच्च वर्ग लिपिक चन्द्रमणी प्रसाद पटेल व प्राचार्य झनकराम सिदार द्वारा रिश्वत मांगा गया था और रिश्वत मांगे जाने की बातचीत को उसने रिकार्डिंग कर लिया है, जिसके लिए उस पर रिकार्डिंग को नष्ट करने करने का दबाव बनाया जा रहा है। लिपिक राजू साहू ने उक्त रिकार्डिंग की सीडी बनाकर जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित कर आवश्यक कार्यवाही की मांग की है।

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