जांजगीर-चांपा. जिले में महिला उत्पीडऩ की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए चार वर्ष पूर्व अधिसूचना जारी होने के बावजूद विभिन्न संस्थानों में अब तक समितियों का गठन नहीं किया गया है। जांजगीर-चांपा विधायक मोतीलाल देवांगन ने इस पर तीव्र आपत्ति जाहिर करते हुए कलेक्टर को एक पत्र लिखकर नियमों के तहत् जिले में संचालित 10 से अधिक स्टॅाफ वाले कार्यालयों में महिला उत्पीडऩ रोकने समिति का गठन कराए जाने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न विभागों के कार्यालयों में महिला उत्पीडऩ की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए समिति का गठन किया जाना आवश्यक है। बावजूद इसके, जिले में नियम के तहत् 10 से अधिक स्टॉफ वाले कार्यालयों में महिला उत्पीडऩ रोकने समिति का गठन नहीं किया गया है। इस बात की जानकारी होने पर जांजगीर-चांपा विधायक देवांगन ने विगत सात अप्रैल को कलेक्टर को एक पत्र लिखकर जिले के विभिन्न विभागों में महिला उत्पीडऩ की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए 15 दिवस के भीतर नियमानुसार समितियों का गठन किए जाने की मांग की है।
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