शुक्रवार, 30 जून 2017

अहाता निर्माण का चार लाख डकार गया अध्यक्ष पति! जनपद पंचायत बलौदा के अध्यक्ष पति की मानमानी जारी, परत-दर-परत खुल रहा है काला कारोबार

बलौदा. जनपद अध्यक्ष के ठेकेदार पति पर चार लाख रुपए आहरण कर डेढ़ साल बाद भी अहाता निर्माण शुरू नहीं करने का आरोप है। बसंतपुर पंचायत के बड़ेपारा स्थित श्मशान घाट में बाउंड्रीवाल और रंगमंच के लिए गौण खनिज मद से दस लाख रुपए की मंजूरी मिली थी। वहीं डेढ़ साल पहले 40 फीसदी रकम यानी चार लाख रुपए काम शुरू करने के लिए आहरण भी किया गया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं किया गया है। प्रस्तावित स्थल पर डेढ़ सालों से भ्रष्टाचार का गड्ढा खुदा हुआ है, जिसमें शायद किसी के गिरकर मरने का इंतजार हो रहा है।

बलौदा ब्लाक में गौण खनिज मद की राशि पर हुए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मीडिया द्वारा लगातार खुलासा किया जा रहा है। ताजा मामला इसी ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत बसंतपुर है। प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक, इस पंचायत के बड़ेपारा स्थित श्मशान घाट में बाउंड्रीवाल और रंगमंच निर्माण के लिए गौण खनिज मद से दस लाख रुपए की स्वीकृति मिली थी। आरोप है कि इस कार्य की जवाबदारी बलौदा जनपद अध्यक्ष रूक्मणि साहू के ठेकेदार पति प्रेमलाल साहू ने ली। उसने निर्माण के लिए जनपद से चालीस फीसदी रकम यानी चार लाख रुपए डेढ़ साल पहले आहरण किया गया था, लेकिन जब मौके पर जाकर पड़ताल की गई तो वहां भ्रष्टाचार का गड्ढा डेढ़ साल से खुदा मिला। इसमें शायद किसी के गिरकर मरने का इंतजार हो रहा है। यही वजह है कि अब तक निर्माण प्रारंभ नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि श्मशान घाट जैसे महत्वपूर्ण स्थान में अहाते का होना अत्यंत आवश्यक है। पंचायत की सक्रियता से यहां गौण खनिज मद से रकम भी स्वीकृत हुई है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही से अब तक काम प्रारंभ नहीं हो सका है। आपकों बता दें कि जनपद अध्यक्ष पत्नी होने का ठेकेदार पति प्रेमलाल साहू भरपूर फायदा उठा रहा है। यही वजह है कि बसंतपुर और करमंदा में तीस लाख के काम में भ्रष्टाचार उजागर होने के बावजूद उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पा रहा है। जिस तरह के हालात अभी बने हैं, उसे देखते हुए ऐसा लगता है कि मानों जैसे ठेकेदार पति प्रेमलाल साहू को भ्रष्टाचार करने का लाइसेंस ही मिल गया है।
 

जनपद क्षेत्र में चल रहा एकछत्र राज

बलौदा ब्लाक के अंतर्गत ग्राम पंचायत रैनपुर, बसंतपुर, करमंदा, कोसमंदा, कमरीद सहित अन्य गांवों में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए गौण खनिज मद 75 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। ये सारे काम अपने प्रभाव से जनपद अध्यक्ष के ठेकेदार पति प्रेमलाल साहू ने हथिया लिया है। मीडिया द्वारा जब बसंतपुर के हाईस्कूल में अहाता निर्माण और करमंदा के केशवकुंज के अहाते में हुए भ्रष्टाचार का खुलासा किया गया तो जनपद में हडक़ंप मच गया। पता यह भी चला है कि आगे का कार्य उजागर न हो, इसे ध्यान में रखते हुए ठेकेदार पति ने उक्त पंचायतों के सरपंचों को अपने प्रभाव का जलवा दिखा दिया, ताकि मीडिया जब पंचायत प्रतिनिधियों से पूछे कि उक्त काम कौन करा रहा है तो वो पंचायत का ही नाम बताएं, लेकिन इन हरकतों से पंचायत प्रतिनिधि ही अपने लिए गड्ढा खोद रहे हैं, क्योंकि आज नहीं तो कल कार्रवाई निश्चित है। 
 

कमीशन लेकर इंजीनियर काट रहे चांदी

जनपद पंचायत बलौदा क्षेत्र में हुए लाखों के निर्माण कार्यों का सत्यापन करने वाले इंजीनियर चांदी काट रहे हैं। केवल मदनपुरगढ़ और बसंतपुर गांव में हुए कार्यों की बात करें तो तस्वीर भ्रष्टाचार की कहानी चीख-चीखकर बयां कर रही है। इसके बावजूद घटिया काम को बढिय़ा बताकर इंजीनियरों ने सत्यापन और मूल्यांकन कर दिया, ताकि रकम आहरण करने में कोई दिक्कत ही न हो। मदनपुरगढ़ मामले में जनपद सीईओ जांच कराने का हवाला दे रहे हैं, लेकिन शायद जपं अध्यक्ष के ठेकेदार पति के प्रभाव से यह जांच कब पूरी होगी कहा नहीं जा सकता। इसी तरह करमंदा के केशवकुंज में बने घटिया अहाता का मूल्यांकन व सत्यापन भी हो गया है, जिसमें काम को बेहतरीन बताकर सत्यापन व मूल्यांकन कर दिया गया है। सीईओ यहां भी जांच कर सरपंच से रकम वसूली व ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कह रहे हैं, लेकिन यह कार्रवाई भी आगे नहीं बढ़ रही है।

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