सोमवार, 5 जून 2017

स्कूलों में शिक्षकों की आउटसोर्सिंग के विरोध में एनएसयूआई ने किया विरोध-प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

जांजगीर-चांपा. स्कूलों में शिक्षकों की आउटसोर्सिंग के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन से जुड़े छात्रों ने सोमवार को कलेक्टोरेट का घेराव कर आउटसोर्सिंग का विरोध किया। इस संबंध में शासन-प्रशासन के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। दरअसल, एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने रविवार को प्रदेश कांग्रेस भवन के सभागार में बैठक लेकर छह जून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन करने की बात कही थी, जिसके तहत सोमवार छह जून को जिला मुख्यालय जांजगीर में एनएसयूआई के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। 

इस दौरान पदाधिकारियों ने बताया कि आउटसोर्सिंग का कांग्रेस के छात्र संगठन ने शुरू से विरोध किया है। इसके खिलाफ  धरना-प्रदर्शन करने पर संगठन के पांच कार्यकर्ता कई दिनों तक जेल में बंद भी रहे। विपक्ष के विरोध और युवाओं के हित की सरकार को कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि एक तरफ  सरकार ने दस सरकारी और पांच निजी विश्वविद्यालय, 104 तकनीकी कॉलेज और 500 से अधिक वाणिज्यिक व विज्ञान महाविद्यालय खोल दिए हैं। डीएड, बीएड और नर्सिंग कॉलेज की बाढ़ ला दी है। इंजीनियरिंग की सीट बढ़ा दी है। दूसरी तरफ विश्वविद्यालय और कॉलेजों से पढक़र निकलने वाले युवाओं के रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं कर रही है। निजी अस्पताल नर्सिंग कॉलेज में कैम्पस सिलेक्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने न केवल नर्सिंग कॉलेज, बल्कि दूसरे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी कैम्पस सिलेक्शन नहीं किया है। इसके बाद सरकार कहती है कि राज्य में योग्य शिक्षक नहीं मिल रहे। पदाधिकारियों ने सरकार से सवाल किया कि जब योग्य शिक्षक नहीं मिल रहे तो डिग्री क्यों बांट रही। कलेक्टोरेट में प्रदर्शन करने के बाद अपनी मांग के संबंध में पदाधिकारियों ने ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान किसी अप्रिय स्थिति से निपटने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

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