मंगलवार, 13 जून 2017

डभरा ब्लॉक के ग्राम लटियाडीह व कौडिय़ा में आंधी ने मचाई तबाही, छोटे बच्चों को साथ लेकर पेड़ के नीचे रात गुजारने मजबूर हुए ग्रामीण

डोलकुमार@डभरा. तेज आंधी-तूफान के साथ सोमवार की शाम से हुई झमाझम बारिश ने गर्मी से बेहाल लोगों को भले ही राहत पहुंचाई है, लेकिन इसी आंधी-तूफान और बारिश ने डभरा विकासखंड क्षेत्र के ग्राम लटियाडीह और कौडिय़ा में जमकर तबाही मचाई है। आंधी-तूफान से लटियाडीह और कौडिय़ा के कई घर तबाह हुए हैं। हालात यह है कि यहां के कई गरीब परिवारों के पास अब सिर छिपाने तक के लिए जगह नहीं बची है। आंधी-तूफान से प्रभावित लोगों को अब जिला प्रशासन से मदद की आस है। 

दरअसल, जिले के कई इलाकों में सोमवार की शाम तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश हुई। विकासखंड मुख्यालय डभरा तथा आसपास के गांवों में भी घंटों तक तेज आंधी-तूफान के बाद बादल बरसे। इस बारिश ने गर्मी और उमस से बेहाल लोगों को जहां राहत पहुंचाई, वहीं कई परिवारों के सिर से छत भी छिन लिया। तेज आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश ने डभरा विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत लटियाडीह और उसके आश्रित ग्राम कौडिय़ा में जमकर तबाही मचाई है। तेज आंधी-तूफान की वजह से यहां के कई घरों के छप्पर उड़ गए। वहीं मिट्टी के कई घर धराशाई हो गए। झमाझम बारिश के दौरान देर रात आई इस तबाही ने इन दोनों गांवों के दर्जनों परिवार के सिर से छत छिन लिया। 

अचानक आई इस तबाही से दोनों गांवों में रात भर अफरा-तफरी की स्थिति रही। आलम यह था कि लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर सिर छिपाने के लिए छत तलाशते रहे। प्रभावितों में से कुछ लोगों ने अपने परिवार के साथ जहां दूसरों के घरों में शरण ली, वहीं कई परिवार छोटे-छोटे बच्चों को साथ लेकर पेड़ के नीचे ही बैठकर सुबह होने का इंतजार करते रहे। मंगलवार की सुबह इसकी जानकारी होने पर ‘दैनिक नवीन कदम’ के संवाददाता ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर जब वस्तुस्थिति का जायजा लिया तो वहां का मंजर देखने लायक था। दोनों गांवों में आंधी-तूफान ने जमकर कहर बरपाया था। ग्रामीणों से चर्चा करने पर पता चला कि आंधी-तूफान की गति इतनी तेज थी कि उन्हें सुरक्षित स्थान में जाने का समय ही नहीं मिला। आंधी-तूफान और बारिश ने उनका सबकुछ तबाह कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि अब उनकी आस शासन-प्रशासन पर टिकी हुई है। प्रभावित ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से क्षतिपूर्ति दिए जाने का आग्रह किया है।

खाने के लिए अनाज तक नहीं

ग्राम कौडिय़ा के साधराम बंजारे, राजकुमार, साहेबलाल, रामाधार तथा ग्राम लटियाडीह के साधराम, रामनरेश ने बताया कि बारिश के साथ आए आंधी-तूफान ने उनका सबकुछ बर्बाद कर दिया। घर के सारे सामान खराब हो गए। अनाज भी पानी में भिगकर खराब हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके पास खाने तक के लिए अनाज नहीं है। बोआई के लिए बचाकर रखा गया धान बीज भी बर्बाद हो गया है।

आंधी-तूफान से हर साल तबाही

‘दैनिक नवीन कदम’ के संवाददाता से चर्चा के दौरान प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में आंधी-तूफान हर साल तबाही मचाता है। पिछले साल भी आंधी-तूफान से कई ग्रामीणों का आशियाना बर्बाद हुआ था। वहीं मिट्टी के कई घर ध्वस्त हो गए थे। इस साल भी शुरूआती बारिश उन पर कहर बनकर टूटी है। पहली बारिश ने उनका सबकुछ बर्बाद कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि आंधी-तूफान की वजह से गांव में आई तबाही की जानकारी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई है।

दिलवाई जाएगी क्षतिपूर्ति राशि

आंधी-तूफान से प्रभावित गांवों में सर्वे करवाकर मुआवजा प्रकरण बनाया जाएगा। प्रभावित लोगों को शासन की ओर से क्षतिपूर्ति राशि दिलवाई जाएगी। यदि किसी ग्रामीण का घर आंधी-तूफान से पूरी तरह से ध्वस्त हो गया होगा तो उच्चाधिकारियों से दिशा-निर्देश प्राप्त कर उसके रहने के लिए अस्थायी व्यवस्था भी की जाएगी।

 -रीता यादव, एसडीएम, डभरा

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