शनिवार, 10 जून 2017

आंदोलन के नाम पर की दो घंटे तक राजनीतिक ड्रामेबाजी, गिरफ्तारी के दौरान कैमरे के सामने पोज मारते नजर आए नेता

जांजगीर-चांपा. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर राज्य में सत्तासीन रमन सरकार के विरोध में शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आहृवान पर जिला मुख्यालय जांजगीर में कांग्रेसियों द्वारा आंदोलन और चक्काजाम के नाम पर केवल राजनीतिक ड्रामेबाजी की गई। कांग्रेस नेताओं की छिछालेदर उस वक्त हुई, जब आंदोलन स्थल पर उनके कार्यकर्ताओं से कहीं ज्यादा संख्या में पुलिस फोर्स पहुंच गई। सिर्फ इतना ही नहीं, कुछ घंटे तक राजनीतिक ड्रामा करने के बाद कांग्रेसी अपनी गिरफ्तारी देने लगे, लेकिन इस वक्त भी उन्होंने मीडिया के कैमरों के सामने पोज मारने से परहेज करना गंवारा नहीं समझा।

दरअसल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार के विरोध में शनिवार की सुबह 11 बजे से स्थानीय नेताजी चौक में जिले के कांग्रेसजनों की उपस्थिति में चक्काजाम किया। पार्टी की जिलाध्यक्ष मंजू सिंह ने चक्काजाम में शामिल होने के लिए कांग्रेस के सभी अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं से आग्रह किया था, इसके बावजूद गिनती के पदाधिकारी और कार्यकर्ता आंदोलन स्थल पर पहुंचे। इस दौरान कांग्रेसियों ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से राज्य सरकार के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की कमीशनखोरी की स्वीकारोक्ति, शराब खरीदी कमीशन का 1500 करोड़ रुपए का घोटाला, इंदिरा प्रियदर्शनी बैंक घोटाला, 36 हजार करोड़ रुपए का नान घोटाला, वर्जिन आइलैंण्ड ने मुख्यमंत्री के बेटे अभिषेक सिंह के खाते के नाम की जांच, अगस्ता वेस्ट लेण्ड हेलीकाप्टर की खरीदी में हुई कमीशनखोरी की जांच, अन्तागढ़ विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी खरीद-फरोख्त की जांच तथा किसानों को 2100 रुपए समर्थन मूल्य और 300 रुपए बोनस के वायदे को निभाने की नाकामी आदि मांगों को लेकर जवाब मांगते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को हटाने की मांग की।

इसके अलावा केन्द्र की मोदी सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। चक्काजाम के दौरान जिलाध्यक्ष मंजू सिंह, जांजगीर-चांपा विधायक मोतीलाल देवांगन तथा अकलतरा विधायक चुन्नीलाल साहू सहित कांग्रेसियों की कुल संख्या एक सैकड़े के करीब थी, जबकि आंदोलन स्थल पर उपस्थित कांग्रेसियों की तुलना में तीन गुना पुलिस फोर्स तैनात थी। कांग्रेसजनों की स्थिति उस वक्त हास्यास्पद नजर आई जब उन्होंने आंदोलन को आक्रामक स्वरूप न देकर केवल राजनीतिक ड्रामेबाजी की। हद तो तब हो गई, जब पुलिस अधिकारी और बल धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम के दौरान कांग्रेसियों को गिरफ्तार करने पहुंचा तो कांग्रेसी पूरे गेटअप के साथ मीडिया के कैमरे के सामने अलग-अलग पोज में फोटो खींचवाते नजर आए। इस बात को लेकर कांग्रेस के पदाधिकारियों की खूब किरकिरी हो रही है।

हर बार निभाते हैं औपचारिकता

धरना-प्रदर्शन और आंदोलन के नाम पर जिले के कांग्रेसी हर बार औपचारिकता निभाते हैं। आलम यह हो गया है कि धरना स्थल पर जितनी संख्या में कांग्रेसी उपस्थित नहीं रहते, उससे कहीं दो से तीन गुना अधिक पुलिस बल तैनात रहता है। हाल ही में हुए कुछ धरना-प्रदर्शन पर गौर किया जाए तो कांग्रेस पदाधिकारियों को अपनी ईज्जत बचानी मुश्किल हो गई थी। कांग्रेस पदाधिकारियों की हठधर्मिता के कारण अब कार्यकर्ता और समर्थक तलाशने पड़ जा रहे हैं।

संख्या को लेकर भी उठे सवाल

जिला मुख्यालय जांजगीर के नेताजी चौक में चक्काजाम करते हुए करीब सौ कांग्रेसियों को गिरफ्तार करने की बात कोतवाली पुलिस कह रही है, जबकि कांग्रेसियों ने अपनी विज्ञप्ति में गिरफ्तार कांग्रेसियों की संख्या 213 बताई है। इस बात को लेकर भी विरोधाभाष की स्थिति निर्मित हो रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि मीडिया कोतवाली पुलिस के बताए संख्या को पुख्ता माने अथवा कांग्रेसियों द्वारा बताई गई संख्या को। कुल मिलाकर कहा जाए तो चक्काजाम स्थल का मुआयना करने पर केवल सौ-डेढ़ सौ कांग्रेसी ही दिखे थे, मगर पार्टी के पदाधिकारी गिरफ्तारी संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताते हुए आंदोलन के सफल होने का दावा करते हुए वाहवाही लूटने की पूरजोर कोशिश कर रहे हैं।

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