मंगलवार, 21 मार्च 2017

आयुष मेडिकल एसोशिएशन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कहा, जांच के नाम पर न करें प्रताडि़त

जांजगीर-चांपा. छग उच्च न्यायालय के आदेश पर झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ शुरू हुई कार्यवाही से एक ओर जहां अवैध क्लीनिक संचालकों में दहशत है, वहीं दूसरी ओर आयुष मेडिकल एसोशिएशन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की आड़ में आयुष चिकित्सकों को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने का आरोप लगाया है। 

कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में आयुष मेडिकल एसोशिएशन ने कहा है कि छग उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा रिट पीटिशन में पारित निर्णय के पालन में छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी ज्ञापन के पालन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा टीम बनाकर जिले में झोलाछाप डॉक्टरों (क्वेक्स) के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। जांच टीम में आयुष चिकित्सा विशेषज्ञों के न होने के कारण जांच टीम द्वारा पंजीकृत आयुष चिकित्सकों से अनावश्यक दस्तावेजों एवं तथ्यों की जानकारी मांगी जा रही है, जबकि राज्य शासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार आयुष चिकित्सालयों में आपातकालीन प्राथमिक उपचार के लिए जीवन रक्षक दवाओं के रखे जाने का प्रावधान है, लेकिन जांच टीम द्वारा इसे उचित नहीं होना बताकर आयुष चिकित्सकों के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। ज्ञापन में आगे कहा गया है कि आयुष मेडिकल एसोशिएशन जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के विरूद्ध की जा रही कार्यवाही का समर्थन करता है, लेकिन इसकी आड़ में आयुष चिकित्सकों को बेवजह परेशान किए जाने का विरोध करता है। कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने आयुष मेडिकल एसोशिएशन को उचित पहल करने का आश्वासन दिया है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें