बुधवार, 2 अगस्त 2017

सावन मास में जेठ जैसी गर्मी पडऩे से लोग हलाकान, 32 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है दिन का तापमान

जांजगीर-चांपा. सावन मास में जेठ जैसी गर्मी पडऩे से लोग हलाकान हैं। दिन का तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। रात 10 बजे तक गर्म हवाएं चल रही हैं। पखवाड़ेभर के भीतर बारिश के बाद उम्मीद बंधी थी कि मौसम का मिजाज बदलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। बरसाती सीजन में लोग छाता-रेनकोट धूप से बचने छोड़ चश्मा, टोपी, गमछा खरीद रहे हैं।

बारिश के सीजन में बारिश नहीं होने से वातावरण तप रहा है। सुबह के 10 बजते ही बादल न होने पर धूप और उमस परेशान करने लगती है। इन दिनों दिन का अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, लेकिन दिन का तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस तक चल रहा है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। गर्मी से बचने लोग अपने-अपने तरीके से उपाय कर रहे हैं। कपड़ा दुकानों, रेडिमेड शॉप में रेनकोट की बजाय स्कार्फ  व गमछा की बिक्री हो रही है। रोड किनारे स्कार्फ, चश्मा, टोपी बेचने वालों के यहां पहले की तरह फिर से अच्छी ग्राहकी होने लगी है। कपड़ा विक्रेताओं ने बताया कि बारिश सीजन के लिए रेनकोट, छतरी, गाड़ी कवर सहित अन्य सामान का स्टाक किया गया है, लेकिन इन सामानों की खास बिक्री नहीं हो रही है। इसकी जगह इन दिनों गमछा, साफा, रूमाल, काटन शर्ट की अच्छी बिक्री हो रही है। टोपी व चश्मा पहनने से सूर्य की किरणें सिर और आंख तक नहीं पहुंचती। इसलिए अधिकांश लोग धूप से बचने टोपी पहनना पसंद करते हैं।
 


खेती भी पिछड़ रही

समय पर बारिश नहीं होने से खरीफ  सीजन की बुआई लगातार पिछड़ती जा रही है। केवल सुविधा संपन्न किसान ही खेतों में व्यस्त हैं। खुर्रा बोनी करने वाले किसान अब भी आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। बारिश होने के बाद ही खेतों में हलचल दिखाई देगी। किसानों का कहना है कि बारिश के कारण हर दिन किसानी पिछड़ रही है। यदि यही हाल रहा तो इस साल फिर से बोनी करनी पड़ेगी।

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