जांजगीर-चांपा. जिलेभर की मितानिन, ब्लॉक समन्वयक, स्वस्थ पंचायत समन्वयक और मितानिन प्रशिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आगामी तीन अगस्त से कामकाज बंद कर अनिश्चितकालिन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। हड़ताल से शहरी व ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराने की संभावना है।
प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ छत्तीसगढ़ के बैनर तले आगामी तीन अगस्त से जिलेभर की मितानिनें, ब्लॉक समन्वयक, स्वस्थ पंचायत समन्वयक और मितानिन प्रशिक्षक स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े सभी क्रियाकलाप बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले हैं। इसका विपरीत प्रभाव अभी से ही शहर व ग्रामीण अंचल में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर पडऩे लगा है। बताया जा रहा है कि इनके हड़ताल पर जाने से मंगलवार को उपस्वास्थ्य केन्द्रों में होने वाले टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, नवजात भेंट, प्रसव निबटारा, मौसमी बीमारियों पर दवाईयां वितरण समेत स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े कई कार्य प्रभावित होंगे। जिला मितानिन संघ की पदाधिकारियों ने बताया कि मितानिन, ब्लॉक समन्वयक, स्वस्थ पंचायत समन्वयक और मितानिन प्रशिक्षक 15 वर्षों से सेवा दे रहे हैं। वर्ष 2013 से शासन द्वारा मितानिनों को ही प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत अलग से राज्य अंश दिया जा रहा है।
राज्य अंश व प्रोत्साहन की पूरी राशि मांगी
मितानिन, ब्लॉक समन्वयक, स्वस्थ पंचायत समन्वयक और मितानिन प्रशिक्षकों को 50 प्रतिशत राज्य अंश राज्य शासन से नहीं मिल रहा है। मितानिनों ने शिकायत करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा के बदले मितानिनों को जो प्रोत्साहन राशि मिलती है, वह हर माह पूरी नहीं मिलती। प्रतिमाह 1500 रुपए ही मिलते हैं। वह भी समय पर नहीं मिलता। इससे मितानिनों में आक्रोश है। मितानिनों ने शासन से पूरी प्रोत्साहन राशि एक साथ दिलाने और समय पर राशि उपलब्ध कराने की मांग की है। मितानिनों को कहना है कि आगामी 3 अगस्त को जिला मुख्यालय में जिलेभर की सैकड़ों मितानिनें मानव श्रृंखला बनाकर कलेक्टोरेट के सामने प्रदर्शन करेंगी। इसी तरह 4 अगस्त से जिले में अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

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