रविवार, 5 मार्च 2017

जैजैपुर विधायक बैठे धरने पर, कर रहे पूर्ण शराबबंदी की मांग

दो सूत्रीय मांगों को लेकर बिर्रा के बस स्टैण्ड में दिया जा रहा धरना

एक दिवसीय धरना
जांजगीर-जैजैपुर. छत्तीसगढ़ राज्य में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर लोगों की आवाज अब बुलंद होने लगी है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के बाद अब बहुजन समाज पार्टी ने सरकार को इस मसले पर घेरने की कवायद तेज कर दी है। प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी तथा बसंतपुर बैराज के डुबान प्रभावितों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर जैजैपुर के बसपा विधायक केशव चंद्रा ने मोर्चा खोल दिया है। दो सूत्रीय मांगों को लेकर अपने समर्थक और ग्रामीणों के साथ वे बिर्रा के बस स्टैण्ड में एक दिवसीय धरना पर बैठे हुए हैं।
छत्तीसगढ़ की रमन सरकार ने जब से शराब दुकानों का संचालन कार्पोरेशन बनाकर किए जाने का निर्णय लिया है, तब से जिले सहित समूचे प्रदेश में बवाल मचने लगा है। शराब के मुद्दे को लेकर चारों ओर विरोध के स्वर गूंज रहे हैं। एक दिन पहले शनिवार को कांग्रेसियों ने जहां प्रदेश भर में आंदोलन कर रमन सरकार को घेरने की कवायद की, वहीं अब उसी नक्शे कदम पर बहुजन समाज पार्टी भी चल रही है। प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी सहित बसंतपुर बैराज के डुबान प्रभावितों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर विधायक चंद्रा रविवार की सुबह से बिर्रा के बस स्टैण्ड में धरने पर बैठे हुए हैं। उनके साथ उनके काफी समर्थक और क्षेत्रवासी भी हैं, जो इस आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं। धरना को संबोधित करते हुए बसपा विधायक चंद्रा ने कहा कि सरकार का यह निर्णय सरासर अनुचित है। सरकार सिस्टम को संचालित करने के लिए बनाई गई है। सरकार का दायित्व है कि वह लोगों को नशे की लत से दूर रखने प्रभावकारी कदम उठाए, लेकिन रमन सरकार तो लोगों को शराब में डुबना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने इस निर्णय को तत्काल वापस लेना चाहिए। अन्यथा उग्र आंदोलन कर सडक़ की लड़ाई लड़ी जाएगी। ज्ञात हो कि शराबबंदी को लेकर विधायक चंद्रा ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी अनोखे अंदाज में विरोध प्रकट किया था। बहरहाल, छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी की मांग तूल पकडऩे लगी है। अगर यही हालात रहे तो आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ सकती है।

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