गुरुवार, 16 मार्च 2017

मिलर को लाभ पहुंचाने चावल जमा कराने में किया फर्जीवाड़ा

छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड डभरा का मामला

 

डोलकुमार@जांजगीर-डभरा. छग स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड डभरा कार्यालय द्वारा एक राइस मिलर को लाभ पहुंचाते हुए नियम विरूद्ध उससे हजारों क्विंटल चावल अधिक जमा कराया गया है। इस संबंध में जिला कार्यालय द्वारा एफसीआई में जमा चावल के विरूद्ध नान में जमा कराने के रेशियों का पालन नहीं करने के संबंध में छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड डभरा के केन्द्र प्रभारी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।

विदित हो कि खरीफ  विपणन वर्ष 2016-17 में भारतीय खाद्य निगम के जमा चावल के विरूद्ध नान में चावल जमा रेशियो निर्धारित कर चावल उपार्जन के निर्देश जारी किए गए थे। कलेक्टर द्वारा यह निर्देश दिया गया था कि तीन लाट चावल भारतीय खाद्य में जमा पर एक लाट चावल नान में जमा करना है, किन्तु छग स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड डभरा में नियम विरूद्ध जाकर शिवशंकर राइस मिल डभरा से 21 लाट चावल अधिक जमा कराया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि शिवशंकर राइस मिल संचालक को लाभ पहुंचाने के दृष्टिकोण से यह अवैध कदम उठाया गया है, जो कि एक गंभीर लापरवाही पूर्वक कार्य है। जानकारी के अनुसार मिलर से मोटी रकम लेकर यह खेल खेला जा रहा है और शायद इस मामले से कलेक्टर अंजान है, तभी तो उक्त मिलर से क्षमता से अधिक चावल लिया गया है। यह मामला उजागर तब हुआ, जब शिवशंकर राइस मिल डभरा के जमा चावल के रेसियो की 27 दिसम्बर 2016 को भारतीय खाद्य निगम एवं नान में समीक्षा की गई। नियमानुसार, शिवशंकर राइस मिल डभरा को 14 लाट चावल नान में जमा करने की पात्रता है, किन्तु उक्त मिलर द्वारा 31 लाट चावल जमा कराया गया है, जिसमें 10 लाट चांपा व 21 लाट चावल डभरा में जमा किया गया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि उक्त मिलर से पात्रता से अधिक चावल आखिर क्यों जमा कराया गया है।


डभरा केन्द्र प्रभारी को नोटिस

नान के जिला कार्यालय द्वारा छग स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड डभरा के तकनीकी सहायक व केन्द्र प्रभारी एलपी साकेत को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के माध्यम से दो दिवस के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। हालांकि इतने बड़े मामले पर हुई गड़बड़ी में विभाग के बड़े अधिकारियों की भी संलिप्तता होने की संभावना है, लेकिन जानबूझ कर छोटे कर्मचारी को नोटिस भेजा गया है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें