जांजगीर-चांपा. समाज सेवा के क्षेत्र में चांपा सेवा संस्थान एक ऐसा संस्थान बन चुका है, जिसकी पहचान अब प्रदेश ही नहीं, अपितु देश के कई राज्यों में बन चुकी है। संस्थान के पदाधिकारियों ने बनारस में गंगा घाट की साफ-सफाई कर एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। वहीं संस्थान के पदाधिकारियों द्वारा समय-समय पर किया जा रहा समाज सेवा कार्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह संस्थान तब चर्चा में आया, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान से जुडक़र संस्थान के पदाधिकारियों ने बनारस जाकर गंगा घाट की सफाई करने का संकल्प लिया और कई दिनों तक वहां रहकर साफ-सफाई की। इसके अलावा संस्थान ने पदाधिकारियों ने हसदेव नदी के तट की सफाई के साथ ही हसदेव गंगा आरती कार्यक्रम आयोजित कर लोगों के दिलों में खास जगह बना ली। सिर्फ इतना ही नहीं, पिछले दिनों ठंड से ठिठुरती जिदंगियों को इस संस्थान के पदाधिकारियों ने कंबल व अन्य गर्म कपड़े बांटकर समाजसेवा की अनूठी मिसाल पेश की। इन सभी कार्यों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राजधानी रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में संस्थान को सम्मानित किया है। कार्यक्रम में शामिल हुए संस्थान के पदाधिकारी एवं नगरपालिका परिषद चांपा के पूर्व उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम शर्मा ने बताया कि उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में कुछ अनूठा करने की ठानकर इस संस्थान की नींव रखी थी। चंद लोगों से शुरू हुआ यह संस्थान आज बड़ा रूप ले चुका है। उन्होंने बताया कि संस्थान में वर्तमान में डेढ़ सौ से ज्यादा महिला-पुरूष कार्यकर्ता हैं, जो नि:स्वार्थ भाव से समाजसेवा के कार्य के लिए तत्पर रहते हैं। उनका कहना है कि संस्थान के कार्यों की खुले कंठ से सराहना करते हुए सीएम डॉ. सिंह ने उन्हें उत्कृष्ठ सेवा का सम्मान प्रदान किया है। शर्मा ने बताया कि संस्थान आगे भी जनसेवा और समाज सेवा के कामों को बखूबी करता रहेगा।के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने चांपा सेवा संस्थान को सम्मानित किया है। रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम डॉ. सिंह ने संस्थान के पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर उनके कार्यों की खुले कंठ से सराहना की है।
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