शनिवार, 4 मार्च 2017

मुफ्त सहायता के लिए कर सकते हैं आवेदन-विभा पाण्डेय

जिला जेल में विधिक साक्षरता शिविर का हुआ आयोजन

जांजगीर-चांपा. जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव के निर्देशन में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूजा जायसवाल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जंाजगीर की सचिव विभा पाण्डेय द्वारा जिला जेल जंाजगीर में जाकर बंदियों से मुलाकात की गई और उन्हें आवश्यक कानूनी जानकारी प्रदान करने के लिए विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।

प्राधिकरण की सचिव विभा पाण्डेय ने बताया कि जेल में निरूद्ध विचाराधीन एवं दंडित बंदियों को एकत्रित कर उन्हें बताया गया कि यदि उनके मामलों में पैरवी करने के लिए कोई निजी अधिवक्ता नियुक्त नहीं है तो वे विधिक सेवा प्राधिकरण में नि:शुल्क विधिक सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। सभी अभिरक्षाधीन बंदी नि:शुल्क विधिक सहायता के पात्र होते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष बंदी अपने आवेदन चाहें तो जेल के माध्यम से अथवा संबंधित न्यायालय के माध्यम से भिजवा सकते हैं। जेल में सप्ताह में निर्धारित दो दिवसों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा लीगल एड क्लीनिक का संचालन किया जाता है। लीगल एड क्लीनिक में उपस्थित होने वाले पैनल अधिवक्ता से भी बंदी अपने आवेदन तैयार करा सकते है, और उनसे अन्य विधिक सलाह नि:शुल्क प्राप्त करते हैं। नि:शुल्क विधिक सहायता संबंधी बंदियों के आवेदन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उनके आवेदन पर विचार करते हुए पैनल अधिवक्ता प्रदाय करते हैं, जो संबंधित न्यायालय में आवेदक अथवा बंदी की ओर से मामले में पैरवी करते हैं। दोषसिद्ध बंदी जो निर्णय अथवा दंडादेश के विरूद्ध अपील करना चाहते हैं, को भी अपील प्रस्तुत कराने में नियमानुसार विधिक सहायता प्राधिकरण के द्वारा प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त बंदियों को अन्य महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी के साथ-साथ विधिक सेवा प्राधिकरण की अन्य योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। इस दौरान् जेल अधीक्षक टीआर पटेल के साथ जेल स्टाफ उपस्थित रहे।

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