शनिवार, 15 अप्रैल 2017

जिला मुख्यालय के अधिकांश एटीएम हुए कैशलेस, नोटबंदी के बाद से कम नहीं हो रही लोगों की परेशानी

जांजगीर-चांपा. नोटबंदी के बाद कैश की किल्लत से लोग जैसे-तैसे उबर रहे हैं, लेकिन उनकी परेशानी अब भी कम नहीं हो रही है। जिला मुख्यालय जांजगीर में संचालित कुछ बैंकों के एटीएम को छोड़ अधिकांश में पिछले 2-3 दिनों से कैश नहीं है। ऐसे में लोग कैश के लिए दर-दर भटकते नजर आ रहे हैं।

जिला मुख्यालय जांजगीर में विभिन्न बैंकों के 20 से अधिक एटीएम हैं। इसके बावजूद कैश निकालने के लिए लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई एटीएम के शटर बंद हैं और जो खुले हैं, उनमें से अधिकांश में कैश ही नहीं हैं। कुछ लोगों ने बताया कि शुक्रवार को शहर के अधिकतर एटीएम में कैश नहीं था। इसी तरह की स्थिति शनिवार को भी रही। इस कारण उन्हें इधर-उधर धक्के खाने पड़े। अधिकतर एटीएम के बाहर नो कैश के बोर्ड लगे हुए नजर आ रहे हैं। लीड बैंक मैनेजर का कहना है कि एटीएम में कैश किन कारणों से नहीं हैं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। 


बैंकों से नहीं मिल रहे पर्याप्त नोट

सूत्रों की मानें तो बैंकों में नागपुर व रायपुर से पर्याप्त नोट नहीं आ रहे हैं, जिससे किल्लत की स्थिति बनी हुई है। बैंकों में यह परेशानी पिछले 2-3 दिनों से है। जरूरत के अनुसार बैंकों को पर्याप्त राशि नहीं मिल पा रही है। 40 से 50 लाख रुपए की जरूरत पर केवल 4 से 5 लाख रुपए की आहरण सुविधा बैंक दे रहे हैं, जिससे खाताधारक भी परेशान हैं। नोट नहीं होने के कारण प्रत्येक खाताधारकों को 5 से 10 हजार रुपए तक ही दिए जा रहे हैं। अधिक रकम की मांग करने पर बैंक के अधिकारी हाथ खड़े कर रहे हैं, जबकि लोगों को अपने घर व रिश्तेदारों के शादी-ब्याह के खर्च के लिए रुपए की सख्त जरूरत है। समय पर बैंकों से रुपए नहीं मिलने के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई हैं।

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