शनिवार, 15 अप्रैल 2017

आगजनी से निपटने कोई पुख्ता इंतजाम नहीं, पुलिस और जिला प्रशासन अपना रहा उदासीन रवैया

जांजगीर-चांपा. प्रदेश की राजधानी रायपुर समेत कई शहरों में गर्मी बढ़ते ही आगजनी के भीषण हादसे होने लगे हैं। इसके बावजूद जिला मुख्यालय जांजगीर में ऐसे हादसों को लेकर एहतियात नजर नहीं आ रहा है और न पुलिस-प्रशासन में गंभीरता दिख रही है। शहर में संचालित कई होटल व लॉज में आगजनी से निपटने पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। यदि यहां आग लग जाए तो राजधानी जैसी बड़ी दुर्घटना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। 

शनिवार को ‘दैनिक नवीन कदम’ की टीम ने शहर के होटल, लॉज, पार्किंग स्थल, रिहायशी कालोनियों समेत बाजार क्षेत्र की पड़ताल की तो ऐसे हादसों से निपटने को लेकर बरती जा रही लापरवाही खुलकर सामने आई। पड़ताल के दौरान शहर के किसी भी दुकान, लॉज में रेत से भरी बाल्टियां या अग्निशमन यंत्र नहीं दिखे। ऐसे में यहां हादसा होने पर फायर बिग्रेड को पहुंचने में किसी कारणवश देरी हुई तो सब कुछ स्वाहा हो सकता है। हालांकि राजधानी में हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन ने जिले में जांच-पड़ताल के लिए टीम गठित कर दी है, लेकिन अब तक यह टीम इंतजामों की पड़ताल करने नहीं निकली है। 

गर्मी के दौरान तापमान अधिक रहने, हवा चलने और बिजली का लोड अधिक होने से शार्ट सर्किट होने पर आग लगने की संभावना बढ़ जाती है। शहरी क्षेत्र में आग लगने का खतरा ज्यादा है। वजह एक तो शहर में तंग गलियों में मार्केट व गोदाम हैं, जहां अंदर तक अग्निशमन वाहनों का पहुंचना मुश्किल है। गर्मी के सीजन में हल्की सी चिंगारी से आग भडक़ सकती है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। शहर में फ्लैट सिस्टम वाली कई ऊंची रिहायशी कालोनियां भी बन गई हैं, जहां आगजनी से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

ट्रांसफार्मरों के आसपास पार्किंग

शहर में जिला अस्पताल, कलेक्टोरेट न्यायालय परिसर, कालेज समेत अन्य स्थानों में वाहन स्टैंड हैं। मगर अधिकांश प्राइवेट और सरकारी दफ्तरों में वाहन स्टैंड की व्यवस्था नहीं है। इसलिए लोग अपने वाहनों को जहां-तहां रख देते हैं। ऐसे स्थानों पर कई ट्रांसफार्मर स्थापित हैं, जिसके शार्ट-सर्किट से बड़ा हादसा हो सकता है। राजधानी के रेलवे पार्किंग में हुई आगजनी के बाद बाद भी यहां किसी भी पार्किंग में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेत से भरी बाल्टियां या अन्य इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें