शनिवार, 15 अप्रैल 2017

नहीं जुड़ेंगे मासिक टेस्ट के अंक, वार्षिक परीक्षा होगी महत्वपूर्ण, केन्द्रीय विद्यालय में सीसीए बंद, वार्षिक परीक्षा में होना होगा उत्तीर्ण

विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए बेक टू बेसिक्स सिस्टम लागू

 

जांजगीर-चांपा. केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा दूसरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए बेक टू बेसिक्स सिस्टम लागू किया गया है। इस सिस्टम के लागू होने के बाद इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को पूरे शैक्षणिक सत्र में अद्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा देना होगा, जिसमें उत्तीर्ण होने के बाद ही विद्यार्थी अगली कक्षा में जा सकेंगे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहले सीसीए सिस्टम होने पर मासिक टेस्ट के साथ अद्र्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा के सभी अंकों को जोडक़र विद्यार्थी का रिजल्ट तैयार किया जाता था। मगर केन्द्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली की ओर से आए नए आदेश को सभी केन्द्रीय विद्यालयों में अप्रैल माह से लागू कर दिया गया है। इस सिस्टम के बाद यह भी तय हो गया है कि यदि विद्यार्थी वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण होता है तो उसे एक साल और उसी कक्षा में पढऩा होगा।

अब तक सीसीए सिस्टम में चार टेस्ट होते थे, जिसमें दस-दस अंक होते हैं। इसके बाद अद्र्धवार्षिकी में तीस अंक और वार्षिक परीक्षा के तीस अंक मिलाकर कुल 100 अंकों के आधार पर रिजल्ट तैयार होता था। नए आदेश के बाद अब सिर्फ अद्र्धवार्षिकी और वार्षिकी परीक्षा होगी, जिसमें विद्यार्थी का उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा।
 

वर्ष में दो बार होगी परीक्षा

केन्द्रीय विद्यालय के कक्षा दूसरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को वर्ष में दो बार परीक्षा देनी होगी। पहली अद्र्धवाषिक और वर्ष के अंत में दूसरी वार्षिक परीक्षा होगी, जिसमें उत्तीर्ण होना विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है।
 

आरटीई को लेकर संशय

वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू है, जिसके अनुसार कक्षा पहलीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों को हर वर्ष उत्तीर्ण करना है। केन्द्रीय माध्यमिक बोर्ड के बेक टू बेसिक्स के इस आदेश के बाद स्थिति स्पष्ट नहीं है कि पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थी यदि अनुत्तीर्ण होते हैं तो इन्हें अधिनियम के तहत लाभ होगा या नहीं।
 

यह है बैक टू बेसिक्स सिस्टम

केन्द्रीय विद्यालय में शिक्षक हर माह बच्चों की ग्रेडिंग रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके आधार पर किस बच्चे ने कितना इम्प्रूव किया और किसका पिछले माह की अपेक्षा परफार्मेंस कमजोर रहा, यह रिपोर्ट तैयार होगी। इसी के आधार पर शिक्षक भी अपना रिपोर्ट कार्ड तैयार करेंगे। प्रत्येक विद्यार्थी को तीन लेवल में बांटा गया है, जिसमें लेवल एक में बेहतर परफार्मेंस लाने वाले, लेवल दो में एवरेज विद्यार्थी और लेवल तीन में ऐसे विद्यार्थी जो डी ग्रेड यानि पढ़ाई में कमजोर हैं।

परखा जाएगा शैक्षणिक स्तर

बोर्ड के आदेश आए हैं, जिसके अनुसार अप्रैल माह से बेक टू बेसिक्स सिस्टम अप्रैल माह से लागू कर दिया गया है। इसमें नई पहल शुरू हुई है, जिसमें बच्चों का बेस मजबूत करने के लिए समीक्षा की जाएगी। इसमें कक्षा दूसरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों का प्रति माह शैक्षणिक स्तर परखा जाएगा।

- संगीता लूथर, प्रभारी प्राचार्य, केन्द्रीय विद्यालय जांजगीर


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