परामर्श केन्द्र के सदस्यों की पहल पर घरेलू विवाद के चार प्रकरणों में राजीनामा
जांजगीर-चांपा. एक युवक देर रात तक घर से बाहर रहता था, जिससे तंग आकर उसकी पत्नी मायके चली गई थी। दोनों का वैवाहिक संबंध टूटने के कगार पर था, लेकिन परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्यों की पहल पर उनके बीच राजीनामा हुआ और वे फिर से एक साथ हंसी-खुशी रहने के लिए तैयार हो गए। परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्यों की पहल पर पारिवारिक विवाद से संबंधित ऐसे चार प्रकरणों में पति-पत्नी के बीच राजीनाम हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रकरण क्रमांक 76/2017 अंतर्गत आवेदिक रायगढ़ जिला निवासी पति के देर रात तक घर से बाहर रहने के कारण परेशान होकर अपने मायके चली गई थी। एक पक्ष ने इस मामले को परिवार परामर्श केन्द्र तक पहुंचाया, तब दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश दी गई। इस दौरान विवाहिता ने अपनी बातें रखी और पति पर कई आरोप लगाए, लेकिन परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्यों की समझाइश पर दंपति साथ रहने तैयार हो गया। पति ने भी अपनी गलती मानी और भविष्य में कोई शिकायत का मौका नहीं देने का आश्वासन दिया। समझाइश के बाद दोनों हंसी-खुशी एक-साथ रहने को तैयार हुए।
इसी तरह एक अन्य मामले में चिरमिरी क्षेत्र की छोटीबाजार चैना दफाई निवासी महिला विवाह होकर सक्ती क्षेत्र के नंदेलीभाठा आई है। वह परिवारिक विवाद के चलते पिछले कुछ दिनों से पति से अलग रह रही थी। यह मामला परिवार परामर्श केन्द्र पहुंचा, जिसके बाद दोनों पक्षों को नोटिस भेजकर बुलवाया गया। केन्द्र पहुंची विवाहिता ने बताया कि ससुराल के लोग बीमार होने पर उसका इलाज नहीं कराते और छोटी-छोटी बातों पर विवाद करते हैं। परामर्श केन्द्र के सदस्यों ने पति-पत्नी सहित ससुरालियों को बुलवाकर समझाइश दी, तब ससुरालियों ने विवाहिता को अपने साथ अच्छे से रखने का आश्वासन दिया, जिसके आधार पर विवाहिता ससुराल जाने तैयार हो गई।
एक अन्य मामले में जांजगीर निवासी एक युवक ने परिवार परामर्श केन्द्र में अर्जी दी थी, जिसमें उसने कहा था कि उसकी पत्नी बार-बार मायके चली जाती है। प्रकरण की सुनवाई के दौरान आवेदक की पत्नी ने अपने बयान में मारपीट कर विवाद करने से संबंधित बात कही। दोनों पक्षों को सुनने के बाद केन्द्र के सदस्यों ने उन्हें समझाइश देकर एक साथ रहने तैयार किया और इस प्रकरण में भी राजीनामा हो गया।
इसी तरह एक अन्य प्रकरण में जांजगीर थाना अंतर्गत ग्राम पीथमपुर निवासी आवेदक ने अपने दामाद से विवाद होने से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसमें दोनों पक्षों को तलब कर समझाइश दी गई। दोनों पक्षों ने भविष्य में कोई प्रकार का विवाद नहीं करने का आश्वासन दिया, जिससे दोनों पक्षों को राजीनामा करवाया गया। इस प्रकरण जिला परिवार परामर्श केन्द्र द्वारा केवल महिलाओं के ही आवेदन नहीं, बल्कि पुरूषों के आवेदन पर भी सुनवाई करते हुए चार प्रकरणों में संबंधित परिवारों को समझाइश देकर परिवार को एकीकरण करते हुए प्रकरण में राजीनामा कराया है।

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