जैजैपुर के बीआरसी दफ्तर में दस लाख का पुराना गणवेश रखे होने का मामला
जैजैपुर. स्कूली विद्यार्थियों को बांटे जाने वाले गणवेश के फर्जीवाड़े के मामले में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। यही वजह है कि क्षेत्र के पत्रकारों को आगे आना पड़ा है। पत्रकारों ने सोमवार को बीआरसी दफ्तर का घेराव कर हंगामा किया। वे घंटों तक बीआरसी दफ्तर के बाहर नारेबाजी करते बैठे रहे, लेकिन एक भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि उनके आंदोलन को समर्थन देने नहीं पहुंचे।
उल्लेखनीय है कि जिले के जैजैपुर स्थित राजीव गांधी शिक्षा मिशन के खंड समन्वयक कार्यालय में दस लाख रुपए के पुराने स्कूली गणवेश छिपाकर रखे होने की खबर दो दिन पहले दैनिक नवीन कदम ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन तथा राजीव गांधी शिक्षा मिशन के अफसर हरकत में आए और वहां डंप गणवेश को वितरण से बचा हुआ बताकर मामले में लीपापोती करने लगे। इसके बाद भी जनप्रतिनिधियों की आंख नहीं खुली। इस मामले को लेकर सोमवार को प्रेस क्लब जैजैपुर द्वारा तूल दिया गया। प्रेस क्लब के सदस्यों ने बीआरसी दफ्तर का घेराव कर खूब हो-हंगामा किया। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों का कहना था कि दफ्तर में दस लाख रुपए का गणवेश डंप है, जिसे चुपचाप खपाने की योजना बनाई जा रही है। इस संबंध में पूछे जाने पर अफसर गोलमोल जवाब दे रहे हैं, जिसके विरोध में उन्हें धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होना पड़ा है। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने मांग की कि किसी दंडाधिकारी के सामने बीआरसी में डंप गणवेश का पंचनामा तैयार करवाया जाए, ताकि हकीकत सामने आए। बताया जा रहा है कि कुछ देर बाद शिवसैनिकों ने बीआरसी दफ्तर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया, लेकिन क्षेत्र के निर्वाचित एक भी जनप्रतिनिधि वहां नहीं पहुंचे। इस बात को लेकर पत्रकारों में आक्रोश देखा गया।

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