गुरुवार, 8 जून 2017

जिला जेल जांजगीर और उपजेल सक्ती का निरीक्षण, विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने बंदियों से की मुलाकात

जांजगीर-चांपा. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं जिला न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव के निर्देशानुसार आठ जून को प्राधिकरण की सचिव शुभदा गोयल ने जिला जेल जंाजगीर एवं उपजेल सक्ती जाकर दोषसिद्ध बंदियों के संबंध में जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के द्वारा सीआरए नंबर 724 / 2008 ‘पदुम सिंह सिदार एवं एक अन्य विरूद्ध छग में पारित आदेश दिनंाक 03/04/2017 के पालन में जिला जेल जंाजगीर एवं उपजेल सक्ती जाकर ऐसे दोषसिद्ध बंदियों के बारे में जानकारी ली गई। ऐेसे बंदियों के बारे में जानकारी एकत्र की जानी थी, जिनके पक्ष में जमानत आदेश हो गया हो, लेकिन वे जमानत प्रस्तुत न कर पाने के कारण जेल में निरूद्ध हों। 

प्राधिकरण की सचिव शुभदा गोयल ने बताया कि जिला जेल जंाजगीर में 10 दोषसिद्ध बंदी तथा उपजेल सक्ती में 13 दोषसिद्ध बंदी निरूद्ध हैं। दोनों जेलों में ऐसे कोई भी दोषसिद्ध बंदी निरूद्ध नहीं होना पाया गया, जिनके पक्ष में जमानत आदेश हुआ हो, लेकिन जमानत पेश नहीं कर पाने के कारण वे जेल में निरूद्ध हों। दोनों जेलों में निरूद्ध विचाराधीन बंदियों से भी मुलाकात की गई तथा उनकी दैनिक जीवनचर्या, खान-पान एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई। दोनों जेलों में विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन भी किया गया और बंदियों को जेल नियमावली, नि:शुल्क विधिक सहायता, लीगल एड क्लीनिक की स्थापना के उद्देश्य एवं लीगल एड क्लीनिक की कार्यवाहियां, आगामी नेशनल लोक अदालत में निराकरण योग्य प्रकरणों एवं लोक अदालत के लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

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