जांजगीर-चांपा. पेट्रोल-डीजल के दाम 16 जून से रोज बदलेंगे। इसके लिए जिले के पेट्रोल पंप की मशीनें अपडेट नहीं हैं। अधिकतर पंपों में ऑटोमेशन सिस्टम नहीं है। इस वजह से वे कंपनी से ऑनलाइन नहीं जुड़ पाए हैं। ऐसे में कीमत में आने वाले उतार-चढ़ाव की जानकारी फोन से लेकर मशीन में दर्ज की जाएगी। ऑनलाइन सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुरानी मशीनों में ऑटोमेशन सिस्टम इंस्टाल किया जाना है।
इसके कई फायदे हैं। सबसे पहले पेट्रोल की चोरी पर लगाम लगेगी। साथ ही पेट्रोल पंप और कंपनी के बीच होने वाले स्टॉक के ट्रांजेक्शन, पेट्रोल-डीजल के मूल्य निर्धारण की जानकारी भी ऑनलाइन हो जाएगा। जैसे ही पेट्रोल व डीजल के दाम में उतार-चढ़ाव आएगाए कंप्यूटर के माध्यम से मशीन में नई दर डाल दी जाएगी, लेकिन जिले के लगभग 90 प्रतिशत पेट्रोल पंपों में ऑटोमेशन सिस्टम नहीं है। ऑटोमेशन सिस्टम के अभाव में मशीन में नया रेट बदलने में समय लगेगा। पुरानी व्यवस्था की तरह कंपनी के अधिकारी फोन पर पेट्रोल व डीजल का नया रेट बताएंगे। उसके बाद पंप दामों में बदलाव करेंगे। कीमत में कमी होने पर उपभोक्ताओं को भी नुकसान उठाना पड़ा सकता है।
फिर भी नहीं कर रहे उपयोग
जिले के लगभग 10 प्रतिशत पेट्रोल पंप को ऑटोमेशन सिस्टम से अपग्रेड कर दिया गया है। इनमें भी डीलर नए सिस्टम से काम नहीं कर रहे हैं। वहीं शेष मशीन को अपग्रेड कराने में उनकी रुचि नहीं है।
इस तरह काम करती है मशीन
पेट्रोलियम कंपनी के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, ऑटोमिशन सिस्टम से हर बार दिए जाने वाले पेट्रोल डीजल व टैंक में बचे तेल का रिकार्ड ऑनलाइन दर्ज होगा। यदि टैंक को खोलकर कुछ डाला जाएगा तो तत्काल इसकी सूचना कंपनी मुख्यालय को ऑनलाइन मिल जाएगी। इस तरह पेट्रोल-डीजल देने में गड़बड़ी और मिलावट की संभावना खत्म हो जाएगी।
ऑटोमेटिक बुक होगा आर्डर
डीलर को पेट्रोल-डीजल खत्म होने पर कंपनी को आपूर्ति के लिए आर्डर देना पड़ता है, लेकिन ऑटोमेशन सिस्टम से कंपनी को यह जानकारी रहेगी कि टैंक में कितना तेल है। जैसे ही टैंक में तेल की मात्रा कम होगी, ऑटोमेटिक डीलर के नाम से आर्डर बुक हो जाएगा।

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