जांजगीर-चांपा. नौकरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर लाफार्ज कंपनी के खिलाफ भू-विस्थापितों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के नेता तथा गौ सेवक विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष गिरधारी यादव ने शनिवार को धरना स्थल पहुंचकर अपना समर्थन दिया। ज्ञात हो कि अकलतरा क्षेत्र के ग्राम किरारी और चोरभट्ठी के भू-विस्थापित आरसमेटा में संचालित लाफार्ज फैक्ट्री में नौकरी सहित अन्य मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से ग्राम किरारी में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। भू-विस्थापितों का आरोप है कि लाफार्ज ने उनकी जमीन लेकर वादाखिलाफी की है।
कंपनी ने सीएसआर की राशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी भी की है। फैक्ट्री से प्रभावित भू-विस्थापितों के आंदोलन को शनिवार को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के गौ सेवक विभाग के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष गिरधारी यादव ने अपना समर्थन दिया। इस दौरान यादव ने भू-विस्थापितों को हरसंभव सहयोग करने की बात कही। भू-विस्थापितों ने बताया कि पटवारी हल्का नंबर 17 के अंतर्गत क्षेत्र के किसानों से लगभग 1500 एकड़ जमीन 15 वर्ष पहले लाफार्ज कंपनी के लिए अधिग्रहित की गई थी। जमीन का मुआवजा देने के बाद भू-विस्थापितों को फैक्ट्री में नौकरी देने का वायदा किया गया था। माइनिंग का काम पिछले 13 वर्षों से चल रहा है, किन्तु किरारी और चोरभट्ठी के भू-विस्थापितों के शिक्षित बच्चों को अब तक नौकरी नहीं दी गई है और न ही सीएसआर मद से ग्राम विकास में योगदान दिया जा रहा है। सडक़, पानी, स्वास्थ्य जैसे बुनियादी कामों में कंपनी का कोई योगदान नहीं है। इसके विरोध में लगभग 104 परिवारों द्वारा क्रमिक हड़ताल किया जा रहा है। भू-विस्थापितों की मांगों को जायज बताते हुए जोगी कांग्रेस नेता गिरधारी यादव ने लाफार्ज प्रबंधन को धोखेबाज करार देते छत्तीसगढिय़ों का शोषक बताया तथा जिला प्रशासन से इस मसले पर कड़ी कार्यवाही की मांग की। यादव ने कहा कि एसडीएम के समक्ष हुई बैठक का उल्लंघन कर लाफार्ज कंपनी तानाशाही कर रही है। जिले में भू-विस्थापितों के साथ अन्याय हो रहा है। पुनर्वास व नौकरी जैसी मांगे जिले में लगभग सभी कंपनियों मे विचाराधीन है। वहीं सीएसआर मद में भारी घोटाला हो रहा है। गरीब किसानों की मांगों को लेकर शासन-प्रशासन उदासीन है। यादव ने कहा कि किरारी के लाफार्ज कंपनी अपनी करतूत से बाज आए और भू-विस्थापितों को किए वायदे को तत्काल पूरा करे, अन्यथा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ उग्र आंदोलन करने बाध्य होगी। धरना स्थल पर हेमंत कश्यप, फूलसिंह जगत, अशोक कुमार, लक्ष्मी साहू, भरत साहू, रामखिलावन, नर्मदा, भुवनेश्वर कश्यप, जलेश्वर प्रसाद, संदीप तिवारी, कीर्तन लाल, ननकी सिदार, पुरुषोत्तम कश्यप, महादेव साहू, परमानंद, कृष्णकुमार, नंद केंवट, कुंजराम, संतोष कुमार, शांति कश्यप, देवी प्रसाद, रमेश दास, राजाराम नेताम, आशुतोष कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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