शनिवार, 10 जून 2017

शिक्षक संघ ने की अपर मुख्य सचिव से मुलाकात, राजस्थान की तर्ज पर शासकीयकरण कर संविलियन की मांग

जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ पंचायत ननि शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमण्डल प्रान्ताध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एमके राउत व स्कूल शिक्षा सचिव शिक्षा विभाग विकासशील को मंत्रालय महानदी भवन रायपुर में मिलकर मांगों से अवगत कराया। संघ के जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह व जिला सचिव बोधीराम साहू ने बताया कि विभाग के प्रमुख अपर मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षाकर्मियों को भी सातवां वेतनमान देने प्रस्ताव भेजा जाएगा। 

संघ ने मांग रखी कि राजस्थान मॉडल के आधार पर प्रदेश में भी शासकीयकरण कर संविलियन किया जाए। इस पर सचिव ने राजस्थान के सचिव से तत्काल फोन पर बात की और विचार कर निर्णय लेने की बात कही। सातवां वेतनमान का प्रस्ताव शीघ्र वित्त विभाग को भेजे जाने की बात पंचायत सचिव ने कही। नियुक्ति तिथि से 2 स्तरीय क्रमोन्नति समयमान दिये जाने, कटौती किए गए भत्ते को पुन: दिए जाने की मांग पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा जा चुका है, चर्चा कर आदेश जारी किया जाएगा। प्राचार्य प्रधानपाठक के पदों पर केबिनेट के निर्णय अनुुसार पदोन्नति की मांग पर प्रकिया बनाने की बात कही। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को स्थगित कर पदोन्नति के लिए समयसीमा तय करने की मांग पर समय सारणी बनाकर जल्द पदोन्नति करने की बात कही तथा पदोन्नति को सरलीकरण करते हुए एमए अंग्रेजी को शिक्षक पंचायत अंग्रेजी में पदोन्नत करने, कला व विज्ञान दो संवर्ग करने व कामर्स को गणित विषय मानकर पदोन्नति देने की बात कही। इस प्रकार से अतिशेष की समस्या का पूर्ण समाधान करने की बात कही, जो अतिशेष के मामले में ऐतिहासिक काम होगा। वेतन आबंटन, भुगतान, हेड लाक अनलाक की समस्या का निराकरण की मांग पर शिक्षा सचिव ने कहा कि वेतन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। 

शिक्षाकर्मियों की खुली स्थानान्तरण नीति की मांग पर विचार करने की बात कही। पदोन्नति की प्रक्रिया बीच में न रोकने संबधी निर्देश जारी किया गया। 28 जनवरी को सचिव स्तरीय चर्चा में बनी सहमति पर आदेश जारी करने की मांग संघ द्वारा रखी गई। इस पर चर्चा करते हुए 2 से 3 सप्ताह में शिक्षा व पंचायत विभाग द्वारा आदेश जारी किए जाने की जानकारी सचिव ने दी। प्रतिनिधि मण्डल में सुधीर प्रधान, प्रदेश महासचिव बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, गुरूदेव राठौर, गिरिजाशंकर शुक्ला, संतोष सिंह, शैलेन्द्र पारिक, नारायण चौधरी, गोपीराम वर्मा, देवनाथ साहू, विकास तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

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