जांजगीर-चांपा. बिना परमिट और फिटनेस के सडक़ों पर दौडऩे वाले स्कूली वाहनों पर परिवहन और यातायात विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। स्कूली वाहनों में बच्चों के परिवहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक एचआर मनहर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशानुसार 9 जून को जिले के सभी अद्र्धशासकीय, शासकीय एवं निजी स्कूल वाहनों का भौतिक सत्यापन किया गया। स्कूली वाहनों के भौतिक सत्यापन के लिए जिला मुख्यालय जांजगीर के खोखराभाठा तथा सक्ती के नंदेलीभाठा में शिविर लगाया गया था, जहां कुल 136 वाहनों का भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान 48 वाहनों का फिटनेस व परमिट नहीं होना पाया गया।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्कूल बसों से संबंधित अनुज्ञा पत्र की शर्तों के आधार पर एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 28 नवंबर 2015 को जारी अधिसूचना मोटरयान नियम 1994 की संशोधित बिन्दुओं, नियम 76-ख स्कूल बस अनुज्ञा के लिए शर्ते (01-16), 76 -ग शैक्षणिक संस्था द्वारा स्कूल बस के रूप में संचालन के लिए किराए पर ली गई वाहन के लिए अनुज्ञापत्र (01-16) के अनुसार भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस लाइन खोखराभाठा जांजगीर के शिविर में जिला परिवहन अधिकारी सुखनाथ अहिरवार तथा यातायात प्रभारी निरीक्षक शीतल सिदार की टीम एवं सक्ती के नंदेलीभाठा में सहायक उपनिरीक्षक कंवर की टीम ने जिले के कुल 136 स्कूली वाहनों के भौतिक सत्यापन के दौरान वाहन का स्थायी रजिस्ट्रेशन, बीमा प्रमाण पत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र, फिटनेस प्रमाण पत्र, कर जमा होने का प्रमाण पत्र, क्या बस के आगे एवं पीछे स्कूल बस लिखा है, क्या वाहन पीले रंग से रंगा हुआ है, स्कूल बस के बाहृय भाग में दोनों ओर 9 इंच की एक पट्टी लगी है, जिस पर स्कूल का नाम, पता एवं टेलीफोन अथवा मोबाइल नंबर लिखा है, बसों की खिड़कियों में क्षितिज के समानांतर जाली लगी है।
उपचार पेटी एवं आग से बचाव के लिए यंत्र की व्यवस्था है, बस में सुरक्षा एवं आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित परिचालक है, स्कूल बसों का संचालन करने वाले चालक के पास कम से कम पांच वर्ष का वाहन चालन का अनुभव है एवं हैवी लाइसेंस है, अन्य व्यक्ति को स्कूल बस में परिवहन तो नहीं कराया जा रहा है, बस में सीट के नीचे बस्ता रखने की पर्याप्त व्यवस्था है, स्कूल बस की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक तो नहीं है तथा स्पीड गवर्नर लगा है, बस में आपातकालीन दरवाजा है, बस में विश्वसनीय डोर लाकिंग सिस्टम है, बस की खिड़कियों में फिल्मयुक्त रंगीन कांच अथवा पर्दे तो नहीं लगे हैं, प्रेशर हार्न नहीं लगा हो, आदि बिन्दुओं पर जांच की।
शिविर में हुआ शारीरिक परीक्षण
स्कूली वाहनों के भौतिक सत्यापन के लिए आयोजित शिविरों में डॉक्टर भी मौजूद थे। मेडिकल ऑफिसर डॉ. ध्रुर्वे अपनी टीम के साथ जांजगीर तथा डॉ. डीके सिंह मेडिकल ऑफिसर अपनी टीम के साथ सक्ती में उपस्थित थे, जिन्होंने कुल 109 वाहन चालकों एवं परिचालकों का शारीरिक परीक्षण किया। शेष वाहन चालक और परिचालकों को जिला चिकित्सालय जांजगीर से मेडिकल परीक्षण करवाने की समझाइश दी गई।
प्रस्तुत किया गया है शपथ पत्र
यातायात प्रभारी निरीक्षक शीतल ने बताया कि स्कूल संचालकों व प्राचार्यो द्वारा छग शासन के मोटरयान नियम 1994 की संशोधित बिन्दु नियम 76ख, 76ग की जानकारी प्राप्त होने एवं नियम का पालन करने 58 स्कूल संचालकों तथा 129 वाहन चालकों द्वारा शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने बताया कि स्कूल सत्र के दौरान नियमों के अनुसार नहीं चलने वाले वाहनों के विरूद्ध अभियान चलाया जाकर वैधानिक कार्यवाही परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में की जाएगी।
इन बिन्दुओं पर वाहनों की जांच
⇏ वाहन का स्थायी रजिस्ट्रेशन, बीमा प्रमाण पत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र।
⇏ फिटनेस प्रमाण पत्र, कर जमा होने का प्रमाण पत्र।
⇏ क्या बस के आगे एवं पीछे स्कूल बस लिखा है, क्या वाहन पीले रंग से रंगा हुआ है?
⇏ स्कूल बस के बाहृय भाग में दोनों ओर 9 इंच की एक पट्टी लगी है, जिस पर स्कूल का नाम, पता एवं टेलीफोन अथवा मोबाइल नंबर लिखा है।
⇏ बसों की खिड़कियों में क्षितिज के समानांतर जाली लगी है।
⇏ उपचार पेटी एवं आग से बचाव के लिए यंत्र की व्यवस्था है।
⇏ बस में सुरक्षा एवं आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित परिचालक है।
⇏ चालक के पास कम से कम पांच वर्ष का वाहन चालन का अनुभव है एवं हैवी लाइसेंस है।
⇏ अन्य व्यक्ति को स्कूल बस में परिवहन तो नहीं कराया जा रहा है।
⇏ बस में सीट के नीचे बस्ता रखने की पर्याप्त व्यवस्था है।
⇏ स्कूल बस की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक तो नहीं है तथा स्पीड गवर्नर लगा है।
⇏ बस में आपातकालीन दरवाजा है, बस में विश्वसनीय डोर लाकिंग सिस्टम है।
⇏ बस की खिड़कियों में फिल्मयुक्त रंगीन कांच अथवा पर्दे तो नहीं लगे हैं, प्रेशर हार्न नहीं लगा है।
⇏ फिटनेस प्रमाण पत्र, कर जमा होने का प्रमाण पत्र।
⇏ क्या बस के आगे एवं पीछे स्कूल बस लिखा है, क्या वाहन पीले रंग से रंगा हुआ है?
⇏ स्कूल बस के बाहृय भाग में दोनों ओर 9 इंच की एक पट्टी लगी है, जिस पर स्कूल का नाम, पता एवं टेलीफोन अथवा मोबाइल नंबर लिखा है।
⇏ बसों की खिड़कियों में क्षितिज के समानांतर जाली लगी है।
⇏ उपचार पेटी एवं आग से बचाव के लिए यंत्र की व्यवस्था है।
⇏ बस में सुरक्षा एवं आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित परिचालक है।
⇏ चालक के पास कम से कम पांच वर्ष का वाहन चालन का अनुभव है एवं हैवी लाइसेंस है।
⇏ अन्य व्यक्ति को स्कूल बस में परिवहन तो नहीं कराया जा रहा है।
⇏ बस में सीट के नीचे बस्ता रखने की पर्याप्त व्यवस्था है।
⇏ स्कूल बस की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक तो नहीं है तथा स्पीड गवर्नर लगा है।
⇏ बस में आपातकालीन दरवाजा है, बस में विश्वसनीय डोर लाकिंग सिस्टम है।
⇏ बस की खिड़कियों में फिल्मयुक्त रंगीन कांच अथवा पर्दे तो नहीं लगे हैं, प्रेशर हार्न नहीं लगा है।
48 स्कूली वाहनों में मिली खामियां
स्कूली वाहनों के भौतिक सत्यापन के तहत कुल 136 वाहनों की जांच की गई। जांच में 88 वाहनों में फिटनेस व परमिट होना पाया गया। वहीं शेष 48 वाहनों का फिटनेस व परमिट नहीं होना पाया गया। जांच के दौरान खामी पाए गए वाहनों की खामीपूर्ति एवं भौतिक सत्यापन के लिए शेष रह गए वाहनों की खामीपूर्ति के लिए 14 जून तक का समय दिया गया है।


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