शुक्रवार, 7 जुलाई 2017

पूरे बिलासपुर संभाग के निकायों में घटिया सामग्री की आपूर्ति, नपा चांपा में सामग्री आपूर्ति के बाद परत-दर-परत खुल रहा भ्रष्टाचार

राजेन्द्र राठौर@जांजगीर-चांपा. नगरपालिका परिषद चांपा में गुपचुप तरीके से पार्षद निधि से आठ लाख रुपए की विद्युत सामग्री आपूर्ति कर सुर्खियों में आए शिवम इंटरप्राइजेज के संचालक ने पूरे बिलासपुर संभाग के नगरीय निकायों में घटिया सामग्री आपूर्ति की है, जिसका परत-दर-परत खुलासा हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस ठेकेदार ने बाजार मूल्य से दो से तीन गुना अधिक कीमत पर निकायों में सामग्री की आपूर्ति की है। 

‘दैनिक नवीन कदम’ को प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले सहित बिलासपुर संभाग के नगरीय निकायों में हर साल अरबों रुपए की विद्युत सामग्री की खरीदी होती है, जिसकी आपूर्ति का ठेका जांजगीर के शिवम इंटरप्राइजेज को ही मिलता है। इस ठेकेदार ने नगरीय प्रशासन विभाग में तगड़ी सेटिंग कर रखी है। लिहाजा, इनके अलावा किसी अन्य ठेकेदार को काम मिलता ही नहीं है। इस ठेकेदार ने अब तक जिन नगरीय निकायों में विद्युत सामग्री की आपूर्ति की है, उसकी गुणवत्ता सही नहीं है। नगरपालिका नैला-जांजगीर में इनके द्वारा आपूर्ति की गई विद्युत सामग्री चंद दिनों में खराब हो जा रही है। सिर्फ इतना ही नहीं, इस ठेकेदार ने सामग्री की आपूर्ति बाजार मूल्य से दो से तीन गुना अधिक कीमत पर की है। इसी तरह का हाल नगरपालिका चांपा का भी है। यहां भी शिवम इंटरप्राइजेज द्वारा आपूर्ति की गई विद्युत सामग्री घटिया निकली है। इसके बावजूद, निकाय प्रमुखों ने आंख मूंदकर न केवल इन्हें ठेका दिया है, बल्कि नियम-कायदों को ताक पर रखकर भुगतान भी किया है।  नगरीय प्रशासन विभाग के अफसरों से तगड़ी सांठगांठ होने की वजह से अब तक इस ठेकेदार का बिल भी कहीं नहीं लटका है, लेकिन नपा चांपा में सामने आए फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद इस ठेकेदार की धडक़नें तेज हो गई है। इस मामले में यदि शासन-प्रशासन संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करता है तो निश्चित तौर पर शिवम इंटरप्राइजेज के संचालक के होश ठिकाने लग जाएंगे। बहरहाल, नगरपालिका चांपा में पार्षद निधि से गुपचुप तरीके से खरीदी गई विद्युत सामग्री तथा आपूर्तिकर्ता शिवम इंटरप्राइजेज के संचालक को नियम विरूद्ध भुगतान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
 

सामानों में कोई गारंटी भी नहीं

शिवम इंटरप्राइजेज के संचालक ने बिलासपुर संभाग के जिन-जिन निकायों में सामग्री की आपूर्ति की है, वहां आपूर्ति की गई सामानों में कोई गारंटी नहीं दी है, जबकि यदि हम बाजार से एक सीएफएल या एलईडी लाइट की खरीदी करते है तो कम से कम छह माह से एक साल की गारंटी कंपनी देती है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि नगरीय निकायों में बिना गारंटी लाखों की सामग्री आखिर किस वजह से खरीदी जा रही है। कहीं शिवम इंटरप्राइजेज के संचालक को उपकृत करने के लिए ही भ्रष्टाचार का खेल तो नहीं खेला जा रहा है, यह अपने आप में बड़ा सवाल है।
 

छह माह में खराब हुए सामान

नगरपालिका परिषद जांजगीर-नैला में क्रय की गई विद्युत सामग्री की बात की जाए तो शिवम इंटरप्राइजेज के संचालक ने यहां इतने घटिया किस्म की सामग्री की आपूर्ति की है, जो छह माह से पहले ही खराब हो गए हैं। नपा द्वारा खरीदा गया सीएफएल दो से तीन माह में खराब हुआ है, जो भ्रष्टाचार की पोल खोलने काफी है। इसी तरह ट्युब लाइट, एलईडी, सोडियम लाइट आदि भी घटिया स्तर का खरीदा गया है, जिसमें निकाय प्रमुखों ने आपूर्तिकर्ता शिवम इंटरप्राइजेज के संचालक से कोई गारंटी नहीं ली है। चंद दिनों के भीतर सामान खराब होने के बाद भी इस ठेकेदार को पूरा भुगतान कर दिया गया है।
 

अफसरों को कमीशन से मतलब

जिले सहित पूरे बिलासपुर संभाग के नगरीय निकायों में सामग्री खरीदी में भ्रष्टाचार चरम पर है। निकायों में पदस्थ अधिकारी आंख मूंदकर सामग्री की खरीदी कर रहे हैं और नियम-कायदों को ताक पर रखकर ठेकेदार को भुगतान भी कर रहे हैं। इसके पीछे बड़ी वजह कमीशनखोरी बताई जा रही है। बताया जाता है कि किसी ठेकेदार को यदि दस लाख की सामग्री आपूर्ति का ठेका दिया जाता है तो संबंधित अधिकारी उससे बीस से तीस फीसदी कमीशन पहले ही ले लेते हैं, जिसके बाद सामग्री यदि घटिया स्तर की भी होती है, फिर भी ठेकेदार को पूरी राशि का भुगतान कर दिया जाता है।

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