बाल विवाह की रोकथाम के लिए समितियां गठित
नवीन कदम ब्यूरो@जांजगीर-चांपा. जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिला और विकासखण्ड
स्तर पर समितियां गठित की गई है। इस संबंध में कलेक्टर डाॅ.एस भारतीदासन
द्वारा जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को परिपत्र जारी कर दिया गया है।
परिपत्र के अनुसार जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष कलेक्टर होंगे। पुलिस
अधीक्षक, मुख्य कार्यापालन अधिकारी जिला पंचायत, मुख्य चिकित्सा एवं
स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला
एवं बाल विकास इस समिति के सदस्य होंगे।
इसी प्रकार विकासखण्ड
स्तरीय समिति के अध्यक्ष अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) होंगे, जबकि इस
समिति के सदस्य-अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद
पंचायत, खंड शिक्षा अधिकारी, तहसीलदार और परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल
विकास परियोजना होंगे। परिपत्र के माध्यम से जिले के विशिष्ट क्षेत्रों एवं
जातियों को पटवारी, कोटवार, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं ग्राम
स्तरीय शासकीय अमले के माध्यम से चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम स्तर पर विवाह पंजी और विवाह का रिकार्ड संधारित करने के साथ ही उम्र
और विवाह तिथि के सत्यापन के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक विवाह
का पंजीयन ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय एवं राजस्व विभाग के समन्वय से
सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। परिपत्र के अनुसार
प्रत्येक विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर बाल विवाह की निगरानी एवं
रोकथाम के लिए स्व सहायता समूहों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों और
बाल संरक्षण समितियों के अध्यक्ष तथा सदस्यों की सहभागिता भी रहेगी।
बाल
विवाह के प्रचार-प्रसार हेतु पत्र लेखन, नारा लेखन, पाम्प्लेट वितरण, बाल
विवाह रोकथाम रैली, वाद-विवाद, बाल विवाह का समाज पर दुष्प्रभाव आदि विषयों
पर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। बाल विवाह की रोकथाम हेतु प्रत्येक
गांव के सरपंच, पंचायत सचिव, ग्राम के शिक्षक, कोटवार, आंगनबाड़ी
कार्यकर्ता और ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति के सदस्यों द्वारा
परिवार के सदस्यों को समझाईश दी जाएगी।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें