रविवार, 2 अप्रैल 2017

संसदीय सचिव जांगड़े ने बच्चों को पिलाई दो बूंद जिंदगी की

सघन पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण शुरू


नवीन कदम ब्यूरो@जांजगीर-चांपा.
विकासखण्ड नवागढ़ के ग्राम केरा में संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े ने आजनन्हें बच्चों को पल्स पोलियो ड्राॅप पिलाकर सघन पल्स पोलियो अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इस मौके पर केरा सरपंच महेन्द्र देवांगन, उप सरपंच आशीष तिवारी, मिस्दा सरपंच साहू, केरा के पूर्व सरपंच लोकेश शुक्ला, जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ. विजय श्रीवास्तव, बीएमओ नवागढ़ डाॅ.एस.के. साहू, डीपीएम गिरिश कुर्रे, संतोष अग्रवाल सहित बच्चों के साथ उनकी माताएं और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

संसदीय सचिव जांगड़े ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुये कहा कि जांजगीर-चांपा जिला सहित छत्तीसगढ़ को पोलियो से मुक्त रखने के लिये जनप्रतिनिधियों और आमजन को इस कार्य में सहयोग करना होगा।
संसदीय सचिव जांगड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ को पोलियो मुक्त बनाये रखने के लिये आज से पल्स पोलियो अभियान का दूसरा चरण शुरू हुआ है, जबकि पहला चरण 29 जनवरी से चलाया गया था। उन्होंने कहा कि माता-बहनें ये न सोचंे कि पहले चरण में बच्चों को पोलियो की दवाई पिलाई जा चुकी है तो अब इसकी आवश्यकता नहीं है। इस चरण में भी बच्चों को पोलियो की दवा आवश्यक रूप से पिलानी होगी। 

संसदीय सचिव जांगड़े के कहा पोलियो की दवा पीने से अगर एक भी बच्चा छूटा तो इससे सुरक्षा चक्र टूटने का खतरा रहेगा। पंचायत प्रतिनिधियों और सभी आमजन से आग्रह है कि यदि उनके जानकारी में कोई बच्चा छूट गया है तो वे अपना दायित्व समझकर उन बच्चों को पोलियो बूथ तक ले जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा पोलियो की दवा पीने से न छूट जाए इसके लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। इस कड़ी में पोलियो बूथ के अलावा स्टेशनों और मोबाईल वेन के जरिये भी बच्चों को दवा दी जा रही है। जांगड़े ने नूतन, मयंक, तुषार और यशस्वी सहित अनेक बच्चों को आज पोलियो की दवा पिलाई।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. व्ही. जयप्रकाश ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिला सहित पूरा छत्तीसगढ़ पोलियो से मुक्त हो चुका है, लेकिन पड़ोसी देशों में आज भी इस बीमारी का वायरस मौजूद है, इसलिये सुरक्षा की दृष्टि से यह अभियान चलाया जा रहा है, ताकि इन देशों के लोगों से संपर्क होने पर दवा पीने से प्रतिरोधी क्षमता के कारण वायरस वहीं पर खत्म हो जाये। डाॅ. जयप्रकाश ने बताया कि आज से जिले के शून्य से 5 वर्ष के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का अभियान शुरू हो चुका है। छूटे बच्चों को तीन और चार अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग और आंगनबाड़ी कार्यकताओं-सहायिकाओं के सहयोग से घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। 

इस अभियान के तहत जिले के दो लाख 33 हजार 264 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। शहरी क्षेत्र के 33 हजार 819 और ग्रामीण क्षेत्र के एक लाख 99 हजार 445 बच्चों को दवा पिलाने का अभियान शुरू हो गया है। अभियान के अंतर्गत ट्रांजिट दल और मोबाईल टीमें भी बनाई गई हैं। साथ ही पहुंच विहीन दूरस्थ क्षेत्रों, झोपड़ी आदि क्षेत्रों में बच्चों को दवा पिलाने की व्यवस्था की गई है। 

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