जांजगीर-चांपा. कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने गुरूवार को जिले में स्थापित पॉवर प्लांट के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर राख के सुरक्षित उपयोग के संबंध में निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों से काफी मात्रा में फ्लाई एश उत्पन्न होता है। राख के सुरक्षित उपयोग के लिए भारत शासन के पर्यावरण मण्डल वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। जारी अधिसूचना के अनुसार 10 मेगावाट से अधिक कोयला आधारित पॉवर प्लांट द्वारा एक वर्ष के भीतर फ्लाई एश ब्रिक्स निर्माण के लिए प्लांट स्थापित करना होगा।
बैठक में कलेक्टर ने बताया कि 10 से 25 मेगावाट तक विद्युत उत्पादन क्षमता वाले संयंत्र 10 हजार एश ब्रिक्स प्रतिदिन तैयार करेंगे। इसी प्रकार 25 से 50 मेगावाट वाले प्लांट 20 हजार, 50 से 75 मेगावाट वाले प्लांट 40 हजार ब्रिक्स प्रतिदिन तैयार करेंगे। इसी क्रम में अधिक उत्पादन क्षमता वाले प्लांट अधिक ब्रिक्स तैयार करेंगे। उन्होंने प्लांट के प्रतिनिधियों को सयंत्र से सौ किलोमीटर के दायरे में स्थित निजी ब्रिक्स निर्माताओं को भी फ्लाई एश परिवहन कर नि:शुल्क उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन के तहत किए जा रहे निर्माण कार्योंं में फ्लाई एश ब्रिक्स का उपयोग अनिवार्य किया गया है। डॉ. भारतीदासन ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण मण्डल के अधिकारियों को निर्देशित किया कि छोटे एरिया में एश निस्तारण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी ना करें। खुले और अनुपयोगी खदानों में राख का सुरक्षित निस्तारण किया जाए। पर्यावरण मंडल द्वारा इन खदानों में राख निस्तारण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। राख निस्तारण के लिए संबंधित ग्राम पंचायत की अनापत्ति प्रमाण पत्र भी जरूरी है। कलेक्टर ने कहा कि एसडीएम अनुपयोगी खुले खदानों की सूची उपलब्ध करवाएंगे। एसडीएम द्वारा क्षेत्र चिन्हांकन करवाने के बाद ही पर्यावरण मंडल द्वारा राख निस्तारण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
एसपी ने सुरक्षित यातायात के लिए दिए निर्देश
बैठक में पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने विभिन्न संयंत्रों के प्रतिनिधियों को कड़े शब्दों में समझाइश दी कि वे अपने अनुबंधित परिवहनकर्ताओं से यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करवाएं। परिवहन के दौरान जान-माल की सुरक्षा प्रमुख जिम्मेदारी है। एक सप्ताह के भीतर सभी वाहनों में स्पीड गवर्नर लगवाना सुनिश्चित करें। बिना स्पीड गवर्नर के वाहनों को परिवहन की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमित रूप से वाहनों की जांच करवाएं। नो एण्ट्री एरिया में ही निर्धारित समय में वाहनों का प्रवेश सुनिश्चित करें। नाबालिकों को वाहन चलाने ना दिया जाए। वाहन चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाए। वाहन एवं चालक से संबंधित सुसंगत दस्तावेज का सत्यापन करने के बाद ही परिवहन संबंधी अनुबंध करें। उन्होंने वाहन नंबर एवं वाहन चालकों के नाम की सूची संबंधित थाने में भी उपलब्ध करवाने को कहा।

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