राजेन्द्र जायसवाल@चांपा. विधायक आदर्श ग्राम योजना के तहत चांपा के समीपस्थ स्थित ग्राम पंचायत सिवनी को आदर्श ग्राम तो घोषित कर दिया गया है, लेकिन आदर्श ग्राम घोषित होने के तीन वर्षों बाद भी यहां सुविधाओं में कोई खास इजाफा नहीं हुआ है। गांव के बाशिंदे एक ओर जहां मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। वहीं देश का भविष्य कहलाने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं को भी दूर करने वाला कोई नहीं है। यही वजह है कि अफसरों के आंखों के सामने ठेकेदार ने इस गांव में स्कूल भवन का घटिया निर्माण करवा दिया है, जो हैण्डओवर के पहले ही जर्जर हो गया है। नतीजतन, क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों को वर्षों पहले निर्मित जर्जर भवन में जान-जोखिम में डालकर भविष्य गढऩा पड़ रहा है।
सक्ती विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत सिवनी (चांपा) को आदर्श ग्राम योजना के तहत विधायक डॉ. खिलावन साहू ने करीब तीन वर्ष पहले गोद लिया है। आदर्श ग्राम योजना के तहत इस गांव में अब तक वे तमाम सुविधाएं उपलब्ध हो जानी चाहिए थी, जो बड़े शहरों में रहने वाले लोगों को मिलती है। मगर आश्चर्य की बात है कि वाईफाई, हाईटेक ग्राम पंचायत भवन और सर्वसुविधायुक्त अस्पताल की बात तो छोडि़ए, यहां सर्वसुविधायुक्त एक स्कूल भवन तक नहीं है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत सिवनी के पुराने स्कूल भवन में वर्षों से हायर सेकेण्डरी तक की कक्षाएं लग रही हैं। समय के साथ विद्यार्थियों की संख्या बढऩे से पुराना भवन छोटा पडऩे लगा, जिसे ध्यान में रखते हुए यहां स्कूल के लिए नया भवन निर्माण कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। ग्राम पंचायत के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी भी मिल गई और शासन ने यहां नया भवन बनाने के लिए भारी भरकम राशि भी आवंटित कर दी, उक्त राशि से ठेकेदार के माध्यम से गांव में स्कूल भवन का निर्माण शुरू करवाया गया। यहां तक तो सबकुछ ठीक था, लेकिन कमीशनखोरी के चक्कर में ठेकेदार ने जो गुल खिलाए, उसका खामियाजा विद्यार्र्थियों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मानें तो ठेकेदार ने ऐसा भवन बनवाया है, जो हैण्डओवर के पहले ही जर्जर अवस्था में है। ठेकेदार ने निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती है। यह पूरा खेल विभागीय अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन की आंखों के सामने हुआ है, लेकिन ठेकेदार की पहुंच ऐसी है कि कलेक्टर और अन्य जिम्मेदार अफसरों ने उसके खिलाफ अब तक किसी तरह की कार्यवाही करना तक मुनासिब नहीं समझा है। ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार के मुताबिक, भवन बनकर तैयार है, लेकिन असल में भवन घटिया के साथ ही अधूरा भी है। बताया जा रहा है कि इसी वजह से शिक्षा विभाग ने उस भवन को ट्रैकओवर लेने से इंकार कर दिया है। ऐसे में बारहवीं तक की कक्षाएं वर्षों पहले निर्मित जर्जर भवन में ही संचालित हो रही हैं, जहां कई तरह की समस्याएं बरकरार है।
विद्यार्थियों को हो रही परेशानी
वर्तमान में जिस भवन में बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं, वह भवन न केवल जर्जर है, बल्कि छोटा भी पडऩे लगा है। मगर कई तरह की खामियां होने के कारण नए भवन में कक्षाएं शुरू नहीं होने से विद्यार्थियों को तंग कमरों में अध्ययन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शिक्षकों ने बताया कि स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण पुराने भवन में कक्षाएं संचालित करने में परेशानी हो रही है। इसकी जानकारी सरपंच के साथ ही क्षेत्रीय विधायक, शिक्षा अधिकारी एवं कलेक्टर को दी जा चुकी है, लेकिन इस मसले पर उनकी ओर से अब तक कोई पहल नहीं किया गया है।
ठेकेदार के खिलाफ कई शिकायतें
विधायक आदर्श ग्राम सिवनी में जांजगीर के जिस ठेकेदार ने घटिया स्कूल भवन का निर्माण करवाया है, उसके खिलाफ कई शिकायतें हैं। बताया जा रहा है कि उक्त ठेकेदार ने ग्राम पंचायत बनारी में भी लाखों की लागत से स्वीकृत स्कूल भवन का घटिया निर्माण करवाया था, जिसे शिकायत के बाद जिला प्रशासन के आदेश पर ढहाया गया। उक्त ठेकेदार ने कमीशनखोरी के चक्कर में कई शासकीय भवनों का निर्माण शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों को ताक पर रखकर करवाया है, जिसकी शिकायत कलेक्टर से लेकर प्रभारी मंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंची है, इसके बावजूद संबंधित ठेकेदार के खिलाफ अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

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