जांजगीर-चांपा. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत प्रोजेक्ट लाइफ अंतर्गत लाख उत्पादन का प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केन्द्र जर्वे (च) में दिया गया। छह दिवसीय प्रशिक्षण 27 फरवरी से 4 मार्च 2017 तक चला। प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञों ने लाख उत्पादन के बारे में बताते हुए कहा कि इसके उत्पादन से किसानों और ग्रामीणों को बेहतर रोजगार मिलेगा। महात्मा गांधी नरेगा प्राजेक्ट लाइफ के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में 100 दिवस का रोजगार प्राप्त करने वाले इन परिवारों के सदस्य, जिनकी आयु 18 से 35 वर्ष है, इन युवाओं एवं महिलाओं सदस्यों को, जिसमें विशेष समूहों के मामले में 45 वर्ष को शामिल करते हुए प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्म निर्भर बनाया जाता है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजीत वसंत के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षणार्थियों को कृषि विज्ञान केन्द्र कार्यक्रम समन्वयक डॉ. विजय जैन ने लाख उत्पादन के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि किसान लाख उत्पादन की तकनीक सीखकर बेहतर काम कर सकता है। इसके लिए जरूरी है कि इस तकनीक को प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए और बेहतर तरीके से सीखा जाए। लाख उत्पादन के विषय विशेषज्ञों ने बताया कि लाख के कीड़े सेमियालता, पलास, कुसुम तथा बेर के पेड़ों में पाले जाते हैं। यह पेड़ हमारे आसपास बहुतायात में पाए जाते हैं। इन पेड़ों का उपयोग करते हुए इन पर लाख का उत्पादन आसानी से किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ में जंगल से जुड़े किसानों में लाख की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि प्रदेश में प्राकृतिक रूप से संसाधन बहुतायात में है। इससे चलते आसानी से लाख का उत्पादन किया जा सकता है। लाख उत्पादन के बेहतर कार्य करने और किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए ही लाख उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया है। कृषि विज्ञान केन्द्र में लगाए गए महात्मा गांधी नरेगा से लाख उत्पादन प्रदर्शन इकाई का भी प्रशिक्षणार्थियों ने अवलोकन किया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षणार्थी आसानी से लाख उत्पादन के क्षेत्र में बेहतर काम कर सकते हैं। इसमें किसी भी प्रकार की दिक्कत आने पर कृषि विज्ञान केन्द्र हमेशा ही किसानों को बताने के लिए तत्पर है।
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