सोमवार, 6 मार्च 2017

जनपद सीईओ बोले, अध्यक्ष पति कामों में करते हैं मनमानी, बिगड़ रहा माहौल

अनाधिकृत हस्तक्षेप से कार्यालय में आए दिन निर्मित हो रही वाद-विवाद की स्थिति

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को चिट्ठी लिखकर वस्तुस्थिति से कराया अवगत

जांजगीर-चांपा. जनपद पंचायत डभरा के अध्यक्ष पति कार्यालय में पूरे समय रहकर हर काम में दखलंदाजी करते हैं। उनके अनाधिकृत हस्तक्षेप से जनपद कार्यालय में आए दिन वाद-विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। दफ्तर का माहौल पूरी तरह से खराब हो चुका है। इस आशय की चिट्ठी जनपद सीईओ ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखी है। चिट्टी के जरिए उन्होंने जनपद पंचायत की मौजूदा वस्तुस्थिति से जिपं सीईओ को अवगत कराया है।
जनपद पंचायत डभरा के मुख्यकार्यपालन अधिकारी नीतेश कुमार उपाध्याय द्वारा बीते तीन मार्च को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजीत बसंत को लिखे पत्र का मजमून यह है कि जनपद पंचायत डभरा की अध्यक्ष टुकेश्वरी पटेल के पति एवं विधायक प्रतिनिधि मनोज पटेल जनपद कार्यालय में प्रतिदिन सुबह कार्यालय खुलने से बंद होने तक उपस्थित रहते हैं। वे अनाधिकृत रूप से अध्यक्ष के कक्ष का प्रयोग करते हैं तथा कार्यालय के प्रत्येक कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं। इसके कारण उनकी प्राय: कार्यालय के कर्मचारियों एवं अधिकारियों से वाद-विवाद की स्थिति निर्मित होती है। अध्यक्ष पति पटेल द्वारा प्राय: कर्मचारियों को अध्यक्ष कक्ष में बेवजह बुलवाया जाता है और अनावश्यक कार्य करवाए जाते हैं, जिससे सभी अधिकारी-कर्मचारी व्यथित हैं। जनपद सीईओ उपाध्याय ने जिपं सीईओ से इस मसले पर उचित पहल करने का आग्रह किया है।

पंचायत अधिनियम का हवाला

जनपद सीईओ उपाध्याय ने जिपं सीईओ बसंत को लिखे पत्र में पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 22 (1) (तीन) का हवाला देते हुए लिखा है कि राज्य विधानसभा के सदस्य, जो जनपद पंचायत के सदस्य है, यदि वह अनुपस्थिति, रूगढ़ता या किसी अन्य कारण से सम्मिलन में उपस्थित होने में असमर्थ हैं तो जनपद पंचायत के सम्मिलन में उपस्थित होने के लिए अपने ऐसे प्रतिनिधि का नाम निर्दिष्ट कर सकेंगे, जिनके पास ऐसी अर्हता हो, जैसा कि इस निमित्त किया जाय, का स्पष्ट उल्लेख है, लेकिन अध्यक्ष पति द्वारा जनपद पंचायत के सम्मिलन के अतिरिक्त प्रतिदिन कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यालय के कार्यों में हस्ताक्षेप करना पंचायत राज अधिनियम की धारा 22 (1) (तीन) का स्पष्ट उल्लंघन है।

विधायक और कलेक्टर को प्रति

जनपद पंचायत के सीईओ उपाध्याय ने इस पत्र की प्रति जिला पंचायत के सीईओ के अतिरिक्त क्षेत्रीय विधायक एवं स्टेट बेवरेज कार्पोरेशन छग के अध्यक्ष युद्धवीर सिंह जूदेव, कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन, जनपद पंचायत डभरा की अध्यक्ष टुकेश्वरी चंद्रा तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) डभरा को प्रेषित किया है। जनपद सीईओ उपाध्याय के इस पत्र ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। बताया जाता है कि जनपद पंचायत के कामकाज को लेकर सीईओ व अध्यक्ष पति के बीच तालमेल नहीं जम रहा है। कुछ दिन पहले अध्यक्ष एवं उनके पति ने कई आरोप सीईओ पर लगाए थे। संभवत: यही वजह है कि यहां आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।

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