समाज के लोगों ने भोर में अपने पूर्वजों की कब्र पर जाकर मोमबत्ती जलाकर किया नमन
जांजगीर-चांपा. मसीही समुदाय के आराध्य प्रभु यीशु मसीह के पुन: जीवित होने का पर्व ईस्टर रविवार को मनाया जा रहा है। समाज के लोगों ने भोर में अपने पूर्वजों की कब्र पर जाकर मोमबत्ती जलाकर उनका नमन किया। साथ ही प्रभु यीशु के पुन:जीवित होने की याद में उनके विचारों को आत्मसात किया। कब्रिस्तान से लौटकर सभी चर्च गए। वहां बिशप व पादरी ने बाइबिल का पाठ कर प्रभु यीशु का संदेश भक्तों को सुनाया।
इससे पहले शनिवार को प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढऩे की याद में प्रार्थना हुई। जिला मुख्यालय जांजगीर के केरा रोड स्थित चर्च में पादरी के नेतृत्व में उनके अनुयायियों ने प्रार्थना की। यीशु ने अंतिम समय जो सात वचन बोले थे, भक्तों ने उन वचनों का मनन किया। पादरी ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह सबको लेकर सदैव चिंतित रहे। वे दूसरों की भलाई के लिए सूली पर चढ़ गए।
हमें उन्हीं के दिखाए मार्ग पर चलना है। यहां ईस्टर पर रविवार की दोपहर प्रार्थना समाप्त हुई। इसी तरह चांपा के भोजपुर स्थित चर्च में मसीही समाज ने ईस्टर के मौके पर प्रभु यीशु मसीह की आराधना की। मालखरौदा के मिशन चौक स्थित चर्चा में भी ईस्टर पर्व पर मसीही समाज के लोगों ने प्रभु यीशु मसीह की आराधना कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
जानें क्या है बाइबिल में जिक्र सात वाणियां
मोनोनाइट चर्च जांजगीर के पादरी ने बताया कि बाइबिल में सात वाणियों का जिक्र है, जो प्रभु यीशु मसीह ने कलवरी क्रूस पर मृत्यु से पहले कही। लूका 23 का 34 में तब यीशु ने कहा-हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये जानते नहीं कि क्या कर रहे हैं। लूका 23 का 43 में उस ने उस से कहा, मैं तुझ से सच कहता हूं कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा। यूहन्ना 19 का 26 में यीशु ने अपनी माता से कहा, हे नारी, देख, यह तेरा पुत्र है। मत्ती 27 का 46 में तीसरे पहर के निकट यीशु ने बड़े शब्द से पुकारकर कहा, एली, एली, लमा शबक्तनी, अर्थात् हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया। यूहन्ना 19 का 28 में इस के बाद यीशु ने यह जानकर कि अब सब कुछ हो चुका, इसलिये कि पवित्रा शास्त्रा की बात पूरी हो कहा, मैं प्यासा हूं। यूहन्ना 19 का 30 में जब यीशु ने वह सिरका लिया, तो कहा पूरा हुआ और सिर झुकाकर प्राण त्याग दिए। इसी तरह लूका 23 का 46 में यीशु ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा, हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं और यह कहकर प्राण छोड़ दिए।कांग्रेस नेताओं ने दी ईस्टर की शुभकामनाएं
कांग्रेसियों ने शनिवार को ईस्टर की पूर्व संध्या पर इसाई समुदाय के लोगों को शुभकामनाएं दी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इंजी. रवि पाण्डेय ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि यह पर्व सभी को एकजुट होकर समाज से नफरत और हिंसा मिटाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा, प्रभु यीशु मसीह के संदेश हमें सच्चाई, क्षमा, प्रेम और निस्वार्थ सेवा भाव से जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं।
महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष शेषराज हरवंश ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह की दी शिक्षा ने हमारे समाज में सद्भाव, करुणा और एकजुटता की भावना को आगे बढ़ाया है। उन्होंने लोगों से प्रभु यीशु मसीह की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर असहाय और कमजोरों की सहायता में खुद को समर्पित करने और समाज से घृणा का नाश करने का आह्वान किया। महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव तान्या अनुरागी ने भी ईस्टर को पुनरत्थान का पर्व बताते हुए लोगों से जाति, धर्म और समुदाय के भेदभाव से इतर प्रेम और सद्भाव के साथ इस त्योहार को उत्साह के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने आगे कहा कि हम आज के दिन आशा, खुशी और नई शुरुआत की भावना का जश्न मनाते हैं। ईश्वर करे, यह पर्व हमारे जीवन में शांति और सद्भावना लेकर आए।


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