प्लेसमेंट कंपनी की मनमानी से युवाओं में आक्रोश, शराब दुकानों में कर्मचारियों की नियुक्ति का मामला
जांजगीर-चांपा. सरकारी शराब दुकानों में नियोजित किए गए 50 कर्मचारियों को प्लेसमेंट कंपनी ने पांच दिन तक काम पर रखने के बाद बाहर का रास्ता दिखा दिया है। काम से हटाए गए कर्मचारियों की जगह पर नए लोगों की नियुक्ति कर दी गई है। प्लेंसमेंट कंपनी के मनमाने रवैये से बेरोजगार हुए युवाओं में आक्रोश पनपने लगा है।
जिले में संचालित 77 शराब दुकानों में सेल्समेन व सुपरवाइजर तथा मल्टीपरपस वर्कर की नियुक्ति की गई है। 276 पदों में से लगभग 50 लोगों को महज पांच दिन काम पर रखने के बाद ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। प्लेसमेंट कंपनी ने काम से हटाए जाने को लेकर संबंधितों द्वारा समय पर उपस्थित नहीं होने व ठीक से काम नहीं करने का हवाला दिया जा रहा है। वहीं निकले हुए कर्मचारियों का आरोप है कि फिर से काम पर लेने के लिए उनसे राशि की मांग की जा रही है। ऐसे में प्लेसमेंट कंपनी के रवैये पर सवाल उठ रहा है। पहले भी कंपनी द्वारा भीषण गर्मी में बेरोजगारों को लाइन लगवाकर कर आवेदन लिया गया।
करीब पांच हजार बेरोजगारों ने लाइन में लगकर आवेदन जमा किया, लेकिन जब चयन सूची जारी किए बिना सीधे सूची आबकारी विभाग को दे दी गई। अब जब नियुक्त कर्मियों में से 50 लोगों को निकाल दिया गया है तो उनके सामने फिर बेरोजगारी की समस्या खड़ी हो गई। काम से निकाले गए युवओं का कहना है कि कंपनी के कुछ लोग उनसे संपर्क कर फिर से नौकरी में रखे जाने के लिए मोटी रकम मांग रहे हैं। इधर, प्लेसमेंट कंपनी ने निकाले गए लोगों के बदले में नई चयन सूची भी जारी कर दी है। इससे निकाले गए कर्मियों में आक्रोश है।

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