नवीन कदम@जांजगीर-चांपा. जैजैपुर थाने में पदस्थ दरोगा बाबू अपनी कार्यप्रणाली को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। कुछ माह पहले वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ताओं से उलझे थे। यह मामला अभी भी लोगों के जेहन में है। इसी क्रम में वे बुधवार को जोगी समर्थकों से उलझ गए। सुरक्षा घेरा हटाने की बात को लेकर शुरू हुई मामूली बहस से विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर गाली-गुप्तार हुई। इससे माहौल पूरी तरह से गरमा गया।
दरअसल, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सुप्रीमो अजीत जोगी के बुधवार की दोपहर तीन बजे नगर पंचायत जैजैपुर आगमन पर एक सभा का आयोजन किया गया था। क्षेत्र के जोगी समर्थक इस कार्यक्रम की तैयारियों में पिछले कई दिनों से व्यस्त थे। सभा को लेकर नगर में विशाल पंडाल लगवाया गया था। जोगी के आगमन से चंद घंटे पहले जैजैपुर के दरोगा दुर्योधन बंजारे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और नियम-कायदों की दुहाई देकर सुरक्षा घेरे को हटाने की बात कही, तब जोगी समर्थकों ने इंकार कर दिया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। इसी बीच जोगी समर्थक अभिषेक स्वर्णकार ने दरोगा दुर्योधन को बेवजह दखलनदांजी न करने की नसीहत दी, जिससे दरोगा बाबू भडक़ गए। इससे विवाद गहरा गया और करीब दस-पन्द्रह मिनट तक दोनों पक्षों में जमकर गाली-गुप्तार हुई। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को देख लेने की चेतावनी दी। मामला तूल पकड़ता देख मौके पर मौजूद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने किसी तरह विवाद शांत करवाया।
दरोगा बाबू का विवादों से नाता
नगर पंचायत जैजैपुर में कुछ माह पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का अभ्यास वर्ग आयोजित किया गया था, जिसमें शामिल कुछ स्वयं सेवक स्वच्छता अभियान के तहत थाना परिसर की साफ-सफाई करने के लिए पहुंचे थे, जिन्हें थानेदार दुर्योधन ने उल्टे पांव लौट जाने की चेतावनी दी थी। यह मामला काफी तूल पकड़ा था। थानेदार की कार्यशैली से नाराज राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारियों ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक सहित संघ के मुख्यालय में की थी, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने थानेदार दुर्योधन को कड़ी फटकार लगाकर अपने व्यवहार में सुधार लाने की नसीहत दी थी। इसके बावजूद, उनकी कार्यशैली में कोई सुधार अब तक नहीं आया है। बताया जाता है कि वे किसी न किसी बात को लेकर आए दिन लोगों से उलझ जाते हैं।
नोट से भरे बैग का मामला दबा
कुछ माह पहले ही जैजैपुर थाना क्षेत्र में चारपहिया वाहन सवार कुछ लोगों द्वारा नोट से भरे बैग फेंके जाने का मामला सामने आया था। इसकी जानकारी क्षेत्र के दो बाइक सवार युवकों ने जैजैपुर पुलिस को दी थी। युवकों ने नोट से भरे बैग को पुलिस थाने में जमा करवाया था, जिसे उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में खोला जाना था, लेकिन थानेदार ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दिए बगैर ही अति उत्साह दिखाते हुए बैग को खुलवा दिया। इसकी जानकारी होने पर जब मीडियाकर्मियों ने थानेदार से बात की तो उन्होंने कहा कि बैग में नोट नहीं, बल्कि बिस्किट भरे हुए थे। वहीं बाइक सवार युवकों का बार-बार कहना था कि बैग में बिस्किट नहीं, नोट के बंडल थे। मामला तूल पकडऩे पर पुलिस अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि बैग में सौ-सौ के 14 नोट थे, वहीं नोट के नीचे थर्माकोल और उसके नीचे बिस्किट था। यह मामला कई दिनों तक मीडिया में उलझा, तब उच्चाधिकारियों ने मामले की जांच कराने की बात कही, लेकिन कुछ दिन बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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