गुरुवार, 13 जुलाई 2017

राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित छात्र की प्रशिक्षु डीएसपी ने की पिटाई, छात्र के कान में आई गंभीर चोट, बाल संरक्षण आयोग में शिकायत

जांजगीर/अकलतरा. किसी मामले को लेकर परिजनों के साथ मुलमुला थाना पहुंचे राज्यपाल से सम्मानित छात्र से थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी द्वारा मारपीट किये जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पिटाई से छात्र के कान में गंभीर चोट आई है। घटना से आक्रोशित छात्र व उसके परिजन इस पूरे मामले की शिकायत बाल संरक्षण आयोग में की है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो पक्षों का आपसी विवाद होने पर अकलतरा नगर के वार्ड नम्बर 12 में निवासरत राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित छात्र अपने परिजन असीम सिंह एवं साथियों के साथ गुरूवार की शाम 4 बजे मुलमुला थाना पहुंचा, जहां दोनों पक्षों द्वारा अपना-अपना पक्ष रखने पर मुलमुला थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी रश्मित कौर चावला द्वारा दोनों पक्षों की बात को अनसुनी करते हुए थाना से बाहर चले जाने की बात कही गई। इसी बीच वहां मौजूद राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित नाबालिग छात्र द्वारा प्रशिक्षु डीएसपी से जोर से बात नहीं करने का अनुरोध किया गया, जिस पर प्रशिक्षु डीएसपी द्वारा ज्यादा बात करते हो, यहां क्यों आए हो, कहते हुये नाबालिग छात्र को थाने के अन्दर ले जाया गया। आरोप है कि वहां नाबालिग छात्र के साथ मुलमुला थाना प्रभारी द्वारा मारपीट की गई, जिससे छात्र के कान में चोट आई है। थाने में मारपीट एवं दुव्र्यवहार किये जाने का आरोप लगाते हुए छात्र एवं उसके परिजनों ने  मामले की शिकायत ई-मेल के माध्यम से बाल आयोग रायपुर को भेजी। बाल आयोग द्वारा इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक जांजगीर अजय यादव को मामले की जांच कर जांच रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया गया। नाबालिग छात्र के साथ थाना गये हुए अन्य युवकों ने बताया कि महिला थानेदार द्वारा नाबालिग छात्र को थाना के अन्दर बैठा लिया गया था। थाना प्रभारी को नाबालिग होने की बात कहने पर उनके द्वारा बालक के नाबालिग होने का प्रमाण पत्र मांगा गया। मौके पर उपस्थित युवकों द्वारा नाबालिग छात्र के संबंध में जानकारी एवं परिचय पत्र दिखाने पर नाबालिग बालक को थाना से छोड़ा गया। मुलमुला थाना से आने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अकलतरा में अकलतरा पुलिस द्वारा नाबालिग छात्र का डॉक्टरी मुलायजा करवाया गया। अकलतरा थाना प्रभारी का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने एवं नाबालिग छात्र के बयान के बाद पुलिस द्वारा आगे की कार्यवाही एवं जांच से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जायेगा। 

विदित हो कि कुछ माह पहले मुलमुला थाने में ही पुलिस की पिटाई से ग्राम नरियरा निवासी सतीष नोरगे की मौत हो गई थी। मौत के बाद  परिजनों एवं ग्रामवासियों द्वारा पुलिस पर लापरवाही एवं जानबूझकर मारपीट करने  का आरोप लगाया गया था। सतीष नोरगे हत्याकांड से पुलिस प्रशासन बैकफुट पर आ गया था। इस कांड के बाद भी पुलिस प्रशासन द्वारा सीख नहीं ली गई एवं अपने व्यवहार में कोई भी परिवर्तन नहीं लाया गया। नाबालिग छात्र की पुलिस थाना मुलमुला में पिटाई एवं उसके साथ किये गये दुव्र्यवहार की घटना से नगरवासियों में रोष व्याप्त है। नगरवासियों ने मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक का ध्यान आकर्षित कराते हुए मामले में उचित जांच एवं कार्यवाही की मांग की है।


बालिग होने पर देख लेने की धमकी  

नाबालिग छात्र के साथ पुलिस थाना में मारपीट एवं दुव्र्यवहार किये जाने के बाद छात्र के साथ गये अन्य युवकों द्वारा डीएसपी रश्मित कौर चावला से छात्र के नाबालिग होने की बात कहने पर डीएसपी द्वारा छात्र के नाबालिग होने का प्रमाण पत्र एवं सबूत मांगा गया। युवकों द्वारा नाबालिग होने का प्रमाण पत्र एवं सबूत देने पर प्रशिक्षु डीएसपी द्वारा नाबालिग छात्र के तीन माह बाद बालिग होने पर देख लेने की धमकी दी गई। 

आरोप निराधार है 

एक मामले को लेकर नाबालिग छात्र थाना पहुंचा था। उसने मेरे साथ  बदतमीजी की तब उसे ऐसा नहीं करने के लिए कहा गया। समझाईश के बाद भी वह शांत नहीं हो रहा था, तब उसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की गई। मगर कुछ लोगों से जब पता चला कि वह नाबालिग है तब शैक्षणिक दस्तावेज देखकर उसे छोड़ दिया गया। छात्र व परिजनों द्वारा लगाया गया आरोप निराधार है। 

-रश्मित कौर चॉवला, थाना प्रभारी एवं प्रशिक्षु डीएसपी मुलमुला

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें