डोलकुमार निषाद @ डभरा. जिले में ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे है, लेकिन अधिकारियों द्वारा किसी तरह की कार्यवाही नहीं किए जाने से सरपंच और सचिवों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला ग्राम पंचायत बरतुंगा का है, जहां के सरपंच ने 14वें वित्त की राशि में गबन किया है। सरपंच ने फर्जी बिल और फर्जी मजदूरी आहरण कर लाखों का भ्रष्टाचार किया है।
दरअसल, हम बात कर रहे हैं जिले के डभरा जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरतुंगा की, जहां सरपंच देवकुमार सिदार की मनमानी लगातार सामने आ रही है। इस ग्राम पंचायत में 14वें वित्त मद की राशि में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहां वर्ष 2015-2016 में 14वें वित्त मद की राशि को सरपंच द्वारा फर्जी बिल वाउचर बनाकर व फर्जी मजदूरी आहरण कर हजम किया गया है। सरपंच देवकुमार सिदार का कहना है कि सभी काम हुआ है और उनके कार्यकाल में हुआ है। यहां बताना लाजिमी होगा कि डभरा क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन दोषी सरपंच और सचिवों पर कार्यवाही नहीं होने से उनके हौसले बुलंद हैं। यही वजह है कि जनहित के कार्यो की राशि को बिना कार्य कराए फर्जी दस्तावेज पेश कर तथा फर्जी आहरण कर डकार दिया जा रहा है।
नाली बनी ही नहीं, गबन कर दी राशि
ग्राम पंचायत बरतुंगा के पूर्व उपसरपंच जगजीवन खूंटे ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत 14वें वित्त की जानकारी ली है, जिसमें वर्ष 2015-2016 में कही नाली निर्माण नहीं कराया गया और 4.15 लाख की राशि को फर्जी मजदूरी बिल वाउचर पेश कर गबन कर लिया गया है। वहीं तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर 50000 रुव 30000 रुरुपए का बिल बनाकर गबन किया गया है, लेकिन कोई काम हुआ ही नहीं है। पूरी राशि सरपंच ने डकार दी है।
पीएम आवास योजना में भी गड़बड़ी
यहां प्रधानमंत्री आवास योजना में भी जमकर गड़बड़ी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच ने उन्हें आवास दिलाने के नाम पर मोटी रकम मांगी है। जिन लोगों ने रुपए दिए हैं, उन्हें योजना से लाभान्वित किया गया है, लेकिन जिन्होंने राशि नहीं दी, उन्हें योजना से वंचित कर दिया गया है। इसी तरह मनरेगा के कार्यों में भी जमकर गड़बड़ी हुई है।
दबंगई करता है सरपंच
ग्राम पंचायत बरतुंगा का सरपंच दबंगई करता है। उसने मनरेगा के कागजात में फर्जी दस्तखत करने का दबाव बनाया था। मस्टररोल में भी फर्जी दस्तखत करवाने की कोशिश की, लेकिन उसके मनमुताबिक काम नहीं हुआ तो मुझे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ गया।
-गुडिय़ा सिदार, पूर्व रोजगार सहायक, बरतुंगा
गठित की गई है जांच टीम
ग्राम पंचायत बरतुंगा के सरंपच के खिलाफ शिकायत मिली है, जिसकी जांच के लिए टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्यवाही की जाएगी।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें