शुक्रवार, 4 अगस्त 2017

गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है रेगिंग-सत्यभामा दुबे, शासकीय महाविद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

सक्ती. स्कूल व कॉलेजों में वरिष्ठ छात्रों द्वारा लिए जाने वाला रेगिंग एक गम्भीर अपराध है। किसी भी छात्र-    छात्राओं को रेगिंग के नाम पर प्रताडि़त नहीं करना चाहिए। जिस उद्देश्य को लेकर छात्र-छात्राएंं अध्ययन करने विद्यालय व कॉलेजों में जाते हैं, वहां पूरी निष्ठा के साथ अपना समय अध्यापन कार्य में लगाएं।

उक्त विचार तहसील विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष सत्यभामा अजय दुबे ने तहसील विधिक सेवा समिति सक्ती द्वारा क्रांति कुमार शासकीय महाविद्यालय जेठा में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में व्यक्त किए। उन्होंने ने कहा कि छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा देने के उद्देश्य से माता-पिता विद्यालयों में भेजते हैं, किन्तु माता-पिता के आशयों के विपरीत कार्य होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि मोटरयान अधिनियम का सबसे ज्यादा दुरूपयोग छात्र-छात्राएं ही करते हं।ै महाविद्यालय स्तर की पढ़ाई एक ऐसा मुकाम है, जहां भविष्य की नींव रखी जाती है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अगम कुमार कश्यप ने कहा कि मोबाइल से आजकल बहुत ज्यादा अपराध होने लगे हं।ै मोबाइल का दुरूपयोग नहीं करना चाहिए तथा जितनी आवश्यकता हो, इस उच्च तकनीक का उपयोग अध्यापन कार्य के लिए किया जाना चाहिए।  किसी भी घटना की रिपोर्ट संबंधित थाने में तुरंत देनी चाहिए, क्योंकि विलंब से की गई रिपोर्ट पर विश्वसनीयता कम रहती है।  शिविर में महाविद्यालय के प्राचार्य एके चतुर्वेदी ने न्यायाधीशों का स्वागत किया तथा छात्र-छात्राओं को न्यायाधीशों द्वारा बताए कानून को आत्मसात करने की बात कही गई। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापक अशरफ  खान, शकुन्तला राज, सोनी, कठोतिया, राधाकिशन क्षत्री एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएंं उपस्थित थे ।

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