रविवार, 17 सितंबर 2017

ग्लोबल वार्मिंग के कारण तापमान में वृद्धि-लूथर, केन्द्रीय विद्यालय जांजगीर में मना 23वां ओजोन दिवस

जांजगीर-चांपा. केन्द्रीय विद्यालय जांजगीर में शनिवार 16 सितम्बर को 23वां ओजोन दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग एवं स्लोगन प्रतियोगिता रखी गई थी, जिसमें कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में कक्षा आठवीं की छात्रा दिप्ती बंजारे ने ओजोन अवक्षय के संबंध में अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1970 के बाद से पृथ्वी समताप मंडल में ओजोन की कमीं आ रही है, जिसके कारण धरती पर तापमान बढ़ रहा है।

विद्यालय की शिक्षिका नमिता बाला ने भी ओजोन स्तर के संबंध में प्रकाश डाला और कहा कि घरों में प्रयोग होने वाले फ्रीज और एयर कंडिशन से निकलने वाली गैस सीएफसी और कार्बन अपघटित होकर ओ थ्री को नष्ट करती है। इसलिए इन वस्तुओं का कम से कम उपयोग करना चाहिए। विद्यालय की प्राचार्य संगीता लूथर ने बताया कि सूर्य की पराबैगनी किरणों को सीधे धरती पर आने से ओजोन परत रोकती है और हमें त्वचा कैंसर और त्वचा की बीमारियों से बचाती है। साथ ही वृक्षों को जलने से बचाती है। अटार्कटिका में ओजोन छिद्र होने से ग्लोबल वार्मिंग तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। हम सब मिलकर प्रयास करें तो ओजोन गैंस की मात्रा बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए हानिकारक गैंस हाइड्रो क्लोरो फ्लोरो कार्बन का कम से कम प्रयोग करें तथा अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाए, जिससे ऑक्सीजन की मात्रा में वृद्धि होगी। प्राचार्य लूथर ने विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि सभी अपने जन्मदिन पर टॉफी के स्थान पर पौधे भेंट करें। इससे केन्द्रीय विद्यालय जल्द ही हरा-भरा होगा। बच्चों ने इस कार्यक्रम के दौरान अत्यधिक आनंद लिया और वायदा किया कि वे स्कूल एवं आसपास को हरा-भरा रखेंगे और अपने घरों के आसपास खाली जगह पर पौधे लगाएंगे।

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