राजेंद्र राठौर@जांजगीर-चांपा. जिला प्रशासन को बार-बार आवेदन दिए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं निकलने से परेशान एक किसान जनदर्शन में कलेक्टर के सामने जहर पी लिया, जिससे उसकी हालत बिगडऩे लगी और वह गश खाकर गिर पड़ा। इस घटना से कलेक्टोरेट में हडक़ंप मच गया। कलेक्टोरेट के कुछ अधिकारी उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचाने की तैयारी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इसी बीच मौका देखकर कलेक्टर जनदर्शन की सुनवाई छोडक़र चेंबर से भाग निकले। इधर, जिला अस्पताल पहुंचते ही उस किसान ने दम तोड़ दिया। वहीं दूसरी ओर, इस घटना के बाद मीडिया के सामने आने के बजाय कलेक्टर ने दूरी बनाई। इससे कलेक्टर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है।
दरअसल, चांपा तहसील अंतर्गत ग्राम कुरदा निवासी जगदीश बघेल लघु कृषक था। उसके पास महज डेढ़ एकड़ खेत था और वह भी उसके ही किसी रिश्तेदार के पास गिरवी था। इस वजह से वह काफी परेशान था। बताया जा रहा है कि आर्थिक सहायता सहित अन्य मामलों को लेकर वह पहले भी कलेक्टोरेट जनदर्शन में गुहार लगाने आया था, लेकिन जिला प्रशासन के अफसर उसकी फरियाद सुन उचित पहल नहीं कर रहे थे। पिछले बार की तरह जगदीश सोमवार को भी कलेक्टोरेट जनदर्शन में अपनी समस्या लेकर पहुंचा। वह अन्य फरियादियों के साथ कतार लगाकर खड़ा था। इसी दौरान अचानक उसने जहर पी लिया, जिससे उसकी हालत बिगडऩे लगी और वह मौके पर ही गश खाकर गिर पड़ा। इससे कलेक्टोरेट में कोहराम मच गया। कलेक्टोरेट के अफसर सकते में आ गए और मौके पर मौजूद जांजगीर एसडीएम अजय उरांव सहित अन्य अफसरों ने बेसुध जगदीश को जिला अस्पताल पहुंचाने की कवायद शुरू की। इसी बीच कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन जनदर्शन की सुनवाई छोडक़र चेंबर से भाग निकले। इधर, जिला अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद जगदीश को मृत घोषित कर दिया। इससे मामला और गहरा गया। इस घटना की खबर मिलते ही जिला अस्पताल में मृतक जगदीश के परिजनों समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की भीड़ एकत्रित हो गई, जिला प्रशासन ने भीड़ को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर जिला अस्पताल में पुलिस बल बुलवाया। हालांकि जिला अस्पताल में कोई हो-हंगामा नहीं हुआ, लेकिन इस घटना के बाद से कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। वे घटना के घंटों बाद तक मीडिया के सामने नहीं आए। इससे कलेक्टर डॉ. भारतीदासन की कार्यप्रणाली भी निश्चित तौर पर संदेह के दायरे में आ गई है।
कर्ज के बोझ तले दबा था जगदीश
कलेक्टर जनदर्शन में फरियाद लगाने पहुंचे कृषक जगदीश बघेल के पास बहुत कम कृषि भूमि थी, वह भी किसी रिश्तेदार के पास गिरवी थी, जिसके कारण वह पहले से ही परेशान था। वहीं वह कर्ज के बोझ तले सिर से लेकर पांव तक डूबा हुआ था। अज्ञात साहूकार को रकम चुकाते-चुकाते उसकी माली हालत खराब हो चुकी थी। साहूकार आए दिन उसे तकादा करता था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। इसकी शिकायत लेकर वह कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचा था, लेकिन यहां आने के बाद ऐसी क्या बात हो गई कि उस किसान ने जहर पीकर खुदकुशी कर ली, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
जिला अस्पताल पहुंचाने में हुआ विलंब
कलेक्टोरेट से जिला अस्पताल की दूरी महज आधा किलोमीटर होगी। जिला अस्पताल में एम्बुलेंस और संजीवनी एक्सप्रेस की सुविधा उपलब्ध है, वहीं जिला प्रशासन के अधिकारियों के पास सरकारी वाहन की सुविधा है, इसके बावजूद कृषक जगदीश बघेल को जिला अस्पताल पहुंचाने में काफी विलंब हुआ। बताया जा रहा है कि कलेक्टोरेट में मौजूद अधिकारी उस किसान को जिला अस्पताल पहुंचाने के बजाय अपना पल्ला झाडऩे में लगे थे। समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने से कृषक जगदीश की मौत हो गई। इस बात की पुष्टि जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने की है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय पर जगदीश को जिला अस्पताल लाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। कृषक जगदीश को जिला अस्पताल ले जाने में विलंब होने की बात अपर कलेक्टर डीके सिंह ने भी स्वीकार की है।
अपर कलेक्टर ने रखा प्रशासन का पक्ष
कलेक्टोरेट
में जहर पीकर हुई किसान की मौत का मामला चंद समय में तूल पकडऩे लगा। इसके
बाद भी कलेक्टर डॉ. भारतीदासन मीडिया के सामने आने के बजाय मुंह छिपाते फिर
रहे थे। वे किसलिए मीडिया के सामने नहीं आए, यह तो वे ही बता सकते हैं,
लेकिन मामला तूल पकड़ता देख कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने अपर कलेक्टर डीके
सिंह को सामने किया। कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर डीके सिंह ने
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मीडियाकर्मियों के साथ बैठक कर घटना की जानकारी दी
तथा प्रशासन का पक्ष रखा। अपर कलेक्टर ने कहा कि संबंधित व्यक्ति बाहर से
जहर पीकर आया था, उसने कलेक्टोरेट में जहर नहीं पिया है। उन्होंने यह भी
कहा कि कृषक ने किसलिए जहर पिया है, यह मालूम किया जा रहा है। रही बात
प्रशासन की ओर से मदद की तो नियम के तहत पीडि़त परिवार को सहायता पहुंचाई
जाएगी।

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