गुरुवार, 12 अक्टूबर 2017

वाहन चालन पर जागरूकता कार्यक्रम का हुआ समापन, प्राधिकरण की समझाइश पर लगभग 500 लोगों ने दिए वचन पत्र

जांजगीर-चांपा. जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पुलिस विभाग के समन्वय से वाहन चालन पर आयोजित तीन दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का गुरूवार को समापन किया गया। जागरूकता कार्यक्रम के तृतीय एवं अंतिम दिवस जंाजगीर-नवागढ़ मुख्य मार्ग पर ग्राम पेण्ड्री में सुबह 11 से शाम 5 बजे तक स्टाल लगाकर वाहन चालन के नियम बताए गए।

काफी संख्या में दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों को रोककर उन्हें बताया गया कि उन्हें किस प्रकार वाहन चलाने के दौरान सावधानी रखनी चाहिए और किन-किन नियमों का पालन आवश्यक रूप से करना चाहिए। तृतीय दिवस लगभग 170 वाहन चालकों ने भविष्य में नियमानुसार तथा सजगता से वाहन चलाए जाने का वचन पत्र दिया। शिविर के दौरान ज्यादातर दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट का उपयोग नहीं करना या तीन सवारी वाहन चालन  किया जाना पाया गया। कुछ चारपहिया वाहन चालकों को क्षमता से अधिक सामान का तथा कुछ आटोरिक्शा में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी का परिवहन करना भी पाया गया, जिन्हें भी आवश्यक हिदायत दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शुभदा गोयल ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से लोगों से यह अपील है कि वाहन का चालन करते समय बीमित एवं पंजीकृत वाहन का वैध लायसेंस के साथ ही चालन करें। वाहन निर्धारित गति में चलाएं। वाहन में निर्धारित क्षमता में ही सवारी बैठाएं या निर्धारित क्षमता के भीतर ही सामान का परिवहन करें। वाहन का चालन ऐसे नाबालिग द्वारा नहीं किया जाना चाहिए, जिसके पास वैध अनुज्ञप्ति न हो। अन्यथा नाबालिग वाहन चालक व वाहन स्वामी दोनों दंडित किए जा सकते हैं। वाहन चलाते समय किसी भी प्रकार का नशा नहीं करना चाहिए। दोपहिया वाहन चालक एवं पीछे बैठी सवारी को हेलमेट अवश्य पहनना चाहिए। चारपहिया वाहन चालक व सवारी को सीट बेल्ट का उपयोग करना चाहिए। वाहन में हार्न का उपयोग आवश्यक है, किन्तु वह निर्धारित मानक से अधिक एवं प्रेसर हार्न व म्युजिकल हार्न नहीं होना चाहिए। वाहन में वाहन का पंजीयन नंबर निर्धारित मानक के अनुरूप ही नंबर प्लेट पर प्रदर्शित कराया जाना चाहिए। 

प्राधिकरण की सचिव शुभदा गोयल ने बताया कि चारपहिया वाहनों में निर्धारित मानक से अधिक मोटी अपारदर्शी फिल्म का उपयोग नहीं होना चाहिए। वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग नहीं करना चाहिए। प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहन का परिवहन नहीं करना चाहिए। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान अपर जिला न्यायाधीश संघरत्ना भत्पहरी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उदयलक्ष्मी परमार भी स्टाल में उपस्थित हुईं और उनके द्वारा लोगों को वाहन चालन संबंधी आवश्यक कानूनों के बारे में बताया गया। पैनल अधिवक्ता राजेश पाण्डेय, विशाल तिवारी, अशोक साहू, योगेश गोपाल के साथ प्रतिधारक अधिवक्ता रामखिलावन राठौर, पैरालीगल वालेण्टियर शैलेन्द पाण्डेय, लक्ष्मी जायसवाल एवं जयराम गढ़ेवाल की सेवाएं भी स्टाल में उपलब्ध कराई गई। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान यातायात पुलिस थाना जंाजगीर के स्टॉफ सहयोग प्रदान करते रहे।

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