सक्ती. जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और पर्यावरण संरक्षण मंडल के आदेशों के बाद भी नगर के पटाखा दुकानों में धड़ल्ले से चाइनीज और तेज आवाज वाले पटाखे बेचे जा रहे है। बावजूद इसके अब तक जिला प्रशासन और पुलिस की टीमों ने गोदाम और दुकानों में जाने की जहमत नहीं उठाई है।
महज पांच दिनों बाद ही दीपावली का त्योहार है। शहर के तकरीबन 8 से 10 गोदामों और दर्जनों पटाखा दुकानों में से किसी एक दुकान में भी प्रशासन और पुलिस की टीम अब तक जांच के लिए नहीं पहुंची है। कारोबार से जुड़े सूत्रों की मानें तो नगर के पटाखा व्यवसायियों द्वारा चाइनीज पटाखों के लिए जनवरी-फरवरी माह में ही दीपावली का ऑर्डर दिल्ली के बाजार को दे दिया जाता है, जिसकी सप्लाई जून-जुलाई महीने तक शहर के हर दुकानों और गोदामों में कर दी जाती है। खबर है कि इस बार भी तेज आवाज वाले बम, प्रतिबंधित चाइनीज पटाखों की बड़ी खेप शहर के गोदामों में है, जिसे आहिस्ता-आहिस्ता बाजार में खपाया जा रहा है।
आदेश के बाद भी नहीं निकले थानेदार
बताया जा रहा है कि प्रतिबंधित पटाखों की जांच पड़ताल करने, एनजीटी के आदेशों का पालन सुनिश्चित करवाने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के पेट्रोलियम एवं विस्फोटक ऑर्गनाइजेशन के संचालक का निर्देश कलेक्टर को 20 सितंबर को ही मिल गया था। इस आदेश की कॉपी एसपी को भी भेजी गई थी। उस आदेश को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थानेदारों को आदेश जारी कर पटाखा गोदामों की जांच करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद भी शहर के थानेदार अब तक थाने से बाहर नहीं निकले हैं।
पर्यावरण संरक्षण मंडल का आदेश कूड़े में
एक तरफ जहां थानेदारों को अपनी पेंडिंग फाइल निबटाने की जल्दी है तो वही चाइनीज और प्रतिबंधित पटाखों के पड़ताल लिए बनाई गई जिला प्रशासन की टीमें भी अब तक बाजार में नहीं पहुंच पाई है। पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष ने बकायदा प्रदेश के कलेक्टरों की बैठक लेकर इसके लिए सख्ती बरतने आदेशित किया है। इसके साथ ही उन्होंने इसके लिए जनजागरुकता अभियान चलाने की बात कही थी, लेकिन दीपावली के पांच दिन पहले तक जमीनी स्तर से टीमें और जागरूकता अभियान दोनों नदारद है।
मार्च में आ जाता है पटाखों का खेप
जानकारों की मानें तो मार्च में ही चाइनीज पटाखों की खेप भारत में आ जाती है। अभी 15 दिनों पहले हुई सख्ती के कारण बाजार से चाइनीज पटाखे गायब हो गए हैं। वहीं बड़े व्यापारी सात महीने पहले लाए गए पटाखों को मेड इन इंडिया के बॉक्स में खपा रहे हैं। इन पटाखों को बड़े व्यापारियों के बजाए छोटे व्यापारियों के माध्यम से खपाया जाएगा।
पटाखों को लेकर गाइडलाइन
⇛ सिंगल (एकल) पटाखे, जिसकी आवाज 125 डीबी तक हो, उसे 4 मीटर की दूरी रहने पर ही जलाया जाए।
⇛ लडियां 5 लॉन (एन) जिसकी आवाज 145 डीबी तक हो, उसे 4 मीटर की दूरी रहने पर ही जलाया जाए।
⇛ सिंगल पटाखे 125 डीबी व 145 डीबी (लडिया) के ऊपर के आवाज के पटाखे प्रतिबंधित हैं।
⇛ रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पटाखे जलाने पर रोक रहेगी।
⇛ लडियां 5 लॉन (एन) जिसकी आवाज 145 डीबी तक हो, उसे 4 मीटर की दूरी रहने पर ही जलाया जाए।
⇛ सिंगल पटाखे 125 डीबी व 145 डीबी (लडिया) के ऊपर के आवाज के पटाखे प्रतिबंधित हैं।
⇛ रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पटाखे जलाने पर रोक रहेगी।

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