राजेंद्र राठौर@जांजगीर-चांपा. जिला मुख्यालय जांजगीर के स्टेशन रोड में संचालित पवन इलेक्ट्रीकल्स से करोड़ों रुपए का पटाखा जब्त हुआ है। इलेक्ट्रीकल्स शॉप के संचालक ने रिहायशी इलाके में बड़े पैमाने पर पटाखों का अवैध भण्डारण किया था, जिसकी शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लगातार मिल रही थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने जांजगीर के प्रशिक्षु डीएसपी और क्राइम ब्रांच की टीम को अलर्ट किया था। संयुक्त टीम ने सोमवार को इलेक्ट्रीकल्स शॉप में छापा मारकर करोड़ों का पटाखा जब्त किया। छापामार कार्यवाही के दौरान पटाखा के अवैध कारोबारी पवन अग्रवाल ने कई चौकानें वाले खुलासे किए। उसका कहना था कि इस कारोबार को वह वर्षों से कर रहा है, जिसमें पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौन स्वीकृति है।
व्यवसायी का यह भी कहना था कि इस अवैध कारोबार को संचालित करने वह अफसरों को हर साल मुंहमांगी रकम देता है। इसके अलावा दीवाली से पहले तहसीलदार, थानेदार से लेकर सभी अफसरों के घर हजारों रुपए का पटाखा तथा मिठाइयां भी भिजवाता है। इस अवैध कारोबार में जब सभी अफसरों की मौन स्वीकृति है और वे अपना हिस्सा ले रहे हैं तो उसके ठिकाने पर छापामार कार्यवाही करवाकर उच्चाधिकारियों ने उसके साथ दगाबाजी की है, तभी तो जब वह मुसीबत में फंसा है तो उसके फोन कॉल्स कोई अफसर रिसीव करना तक लाजिमी नहीं समझ रहे हैं। दरअसल, जिला मुख्यालय जांजगीर के स्टेशन रोड में संचालित पवन इलेक्ट्रीकल्स के संचालक पवन कुमार अग्रवाल पिता स्व. रघुनाथ राय अग्रवाल द्वारा भी इलेक्ट्रीकल्स शॉप की आड़ में वर्षों से पटाखों का अवैध कारोबार किया जा रहा है। इनके विरूद्ध वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव को लगातार शिकायतें मिल रही थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए एसएसपी यादव ने जांजगीर के प्रशिक्षु डीएसपी जितेन्द्र चंद्राकर तथा क्राइम ब्रांच प्रभारी राजेश मिश्रा को अलर्ट किया था। एसएसपी यादव के निर्देश पर प्रशिक्षु डीएसपी चंद्राकर और क्राइम ब्रांच प्रभारी मिश्रा की संयुक्त टीम ने सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे पवन इलेक्ट्रीकल्स में दबिश दी।
टीम जैसे ही इलेक्ट्रीकल्स शॉप के अंदर गोदाम में पहुंची तो वहां का नजारा देखने लायक था। एक-एक कमरों में रखे कार्टून में अवैध पटाखे का स्टॉक ठूंस-ठूंसकर भरा था। संयुक्त टीम ने जब एक-एक कमरों की जांच की तो करोड़ों का अवैध पटाखा मिला। अवैध कारोबारी ने यहां मिर्ची पटाखा से लेकर बड़े-बड़े बम और रॉकेट के साथ ही चाइनीज पटाखों का पूरा स्टॉक छिपाकर रखा था, जिसकी बिक्री इलेक्ट्रीकल्स शॉप से सुबह से रात तक की जा रही थी। संयुक्त टीम की छापामार कार्यवाही करीब चार-पांच घंटे तक चली। एक अनुमान के मुताबिक, इलेक्ट्रीकल्स शॉप से कार्यवाही के दौरान करोड़ों का अवैध पटाखा जब्त हुआ। हालांकि संयुक्त टीम ने अब तक जब्तशुदा पटाखों की कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन टीम के मुखिया डीएसपी चंद्राकर का कहना है कि इलेक्ट्रीकल्स शॉप से जब्त हुए पटाखों की कीमत बहुत अधिक होगी। यहां बताना लाजिमी होगा कि इस सीजन में पुलिस की यह सबसे बड़ी कार्यवाही है, जिसमें करोड़ों का अवैध पटाखा संयुक्त छापामारी टीम के हाथ लगा है। इलेक्ट्रीकल्स शॉप से जब्त पटाखा को कार्टूनों में पैक कर पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। बताया जा रहा है कि कार्यवाही के बाद जब्त पटाखों को पुलिस ने कारोबारी के शॉप में ही सील करने के बजाय सुरक्षित तरीके से अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। वहीं मामले में पटाखा के अवैध कारोबारी पवन अग्रवाल के विरूद्ध विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है।
टायलेट-बाथरूम तक में अवैध पटाखा
इलेक्ट्रीकल्स शॉप संचालक पवन अग्रवाल वर्षों से पटाखा का अवैध कारोबार करते आ रहा है। शहर के बीचों-बीच रिहायशी इलाके में इलेक्ट्रीकल्स शॉप संचालित होने के बावजूद संचालक पवन अग्रवाल के मन में कभी भी किसी तरह की अनहोनी का भय नहीं रहा है। संयुक्त टीम ने सोमवार को जब उसके ठिकाने में छापामार कार्यवाही की, तब कई चौकानें वाली बातें सामने आई। अवैध कारोबारी ने गोदाम के कमरों से लेकर टायलेट-बाथरूम और किचन में पटाखों को तो छिपाया ही थी, साथ ही उसने इलेक्ट्रानिक्स सामानों के बीच कार्टून में पटाखों को छिपाकर रखा था, ताकि इसकी भनक किसी को न लगे। सिर्फ इतना ही नहीं, उसने रेत और अन्य भवन निर्माण सामग्री के अंदर भी पटाखों का जखीरा छिपाकर रखा था, जिसे पुलिस की संयुक्त टीम ने बरामद किया।
व्यवसायी ने दो घंटे तक की नाटकबाजी
इलेक्ट्रीकल्स शॉप के पीछे के हिस्से में स्थित गोदाम में संयुक्त टीम ने जब कार्यवाही शुरू की, तब अवैध कारोबारी पवन अग्रवाल ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। वह कोतवाली थाना प्रभारी बीएस खुंटिया को अपने मोबाइल से बार-बार कॉल कर मामले को रफा-दफा करवाने की कोशिश करता दिखा, लेकिन थाना प्रभारी खुंटिया ने जब कॉल रिसीव नहीं किया तो वह सीधे प्रशिक्षु डीएसपी चंद्राकर और क्राइम ब्रांच प्रभारी मिश्रा से कार्यवाही न करने सौदेबाजी करने लगा। उसने टीम को पांच लाख रुपए का खुला प्रस्ताव भी दिया, लेकिन मौके पर मीडियाकर्मियों की उपस्थिति के चलते अवैध कारोबारी की दाल नहीं गली। इसके बाद जब गोदाम के दो कमरों की जांच की बात आई तो व्यवसायी पवन अग्रवाल ने उन कमरों में लगे तालों की चॉबी को लेकर करीब दो घंटे तक नाटकबाजी की। वह पुलिस को चॉबी देने तैयार नहीं हो रहा था। ऐसे में टीम ने ताला तोड़वाकर जब दोनों कमरों की तलाशी ली, तब दोनों कमरे पटाखों से खचाखच भरा मिला।


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