राजेंद्र राठौड़@जांजगीर-चांपा. एक तरफ जहां छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में पूर्ण शराबबंदी और नशामुक्ति की मांग बड़ी तेजी से मुखर हो रही है। वहीं, जिले के ग्राम पंचायत परसाडीह में शुक्रवार को आमसभा आयोजित कर अनोखा फैसला लिया गया है। ग्राम पंचायत द्वारा यहां शराब, गांजा और जुआ पर ढाई वर्ष पहले लगाए गए प्रतिबंध को सर्वसम्मति से हटाते हुए ग्रामवासियों को इन सबके लिए खुली छूट दे दी गई है। आमसभा में पारित किए गए ग्राम पंचायत के इस अनोखे प्रस्ताव को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि पूरे देश में पूर्ण शराबबंदी की मांग लगातार उठ रही है। बिहार समेत कई राज्यों में स्थानीय सरकारों द्वारा पूर्ण शराबंदी लागू कर दी गई है। छत्तीसगढ़ राज्य में भी पूर्ण शराबबंदी की मांग तेजी से मुखर हो रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के शुरूआत यानी एक अप्रैल 2017 से प्रदेशभर में शराब की ठेका पद्धति खत्म कर दी है। राज्य सरकार यहां अब कार्पोरेशन के जरिए शराब की बिक्री कर रही है। इसके बावजूद, समाजसेवी संगठन और विपक्ष द्वारा प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग की जा रही है। इन सबसे इतर, जिले के जैजैपुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत परसाडीह के सरपंच एवं पंचायत के अन्य प्रतिनिधियों ने शुक्रवार 20 अक्टूबर को गांव के हाईस्कूल मैदान में आमसभा आयोजित कर अनोखा प्रस्ताव पारित किया है। दरअसल, ग्राम पंचायत परसाडीह में ढाई वर्ष पहले शराब, जुआ और गांजा पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया गया था। ग्राम पंचायत में पारित किए गए प्रस्ताव के आधार पर यहां न तो कोई शराब की अवैध बिक्री कर सकता था और न ही जुआ और गांजा जैसे अवैध कृत्यों में संलिप्त हो सकता था। ग्राम पंचायत के इस प्रस्ताव से गांव में शांति का माहौल था, लेकिन पंचायत का यह प्रस्ताव कुछ लोगों को रास नहीं आया। लिहाजा, ग्राम पंचायत द्वारा पूर्व में पारित किए गए प्रस्ताव को शुक्रवार को रद्द कर नया प्रस्ताव पारित किया गया। इसके लिए गांव के हाईस्कूल मैदान में बकायदा आमसभा का आयोजन किया गया था, जिसमें सरपंच, पंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
आमसभा में सर्वसम्मति से पारित किए गए प्रस्ताव के अनुसार, गांव में शराब, गांजा और जुआ से प्रतिबंध अब पूर्णत: हटा दिया गया है। मसलन, ग्रामीण अब शराब का खुलेआम सेवन कर सकते हैं और गांव में शराब की अवैध बिक्री भी कर सकते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, वे जुआ भी खेल सकते हैं और गांजा पीने के लिए भी स्वतंत्र हैं। बहरहाल, ग्राम पंचायत परसाडीह द्वारा शुक्रवार को गांव के हाईस्कूल मैदान में आयोजित आमसभा में पारित किया गया यह अनोखा प्रस्ताव गांव के कुछ लोगों के हित में हो सकता है, लेकिन इसका दुष्प्रभाव गांव के कितने लोगों पर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में पता चलेगा।

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