मंगलवार, 23 जनवरी 2018

जगदीश बंसल को बड़ा झटका, पहले ‘जमीन’ गई और अब ‘नाम’, एसडीएम के निर्देश पर सक्ती के शासकीय स्कूल भवन से मिटवाया गया नाम

जांजगीर-चांपा. कहते हैं जब इंसान का वक्त बुरा चल रहा होता है तो सोना भी मिट्टी बन जाता है। जी हां, कुछ ऐसा ही वाक्या चेंबर ऑफ कामर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश बंसल के साथ पिछले कुछ समय से हो रहा है। सक्ती में स्थित मुक्तिधाम की जमीन पर अतिक्रमण कर भवन निर्माण करवाने वाले जगदीश बंसल की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। कुछ दिन पहले हुए मुक्तिधाम की जमीन के सीमांकन के दौरान उस भूमि पर जहां उनका अवैध कब्जा निकला, जिसे लेकर एसडीएम ने बेदखली का फरमान जारी किया है। वहीं अब सक्ती के अखराभांठा स्थित शासकीय विद्यालय की दीवार से एसडीएम द्वारा उनके नाम को मिटवाया गया है। बताया जा रहा है कि इस स्कूल की दीवार पर उन्होंने जबरिया अपना नाम लिखवाया था।

चेंबर ऑफ कामर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भाजपा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ प्रकोष्ठ के संयोजक जगदीश बंसल स्वभाव से काफी सरल एवं सहज हैं, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन सरलता एवं सहजता की आड़ में उन्होंने कई अनोखे कारनामे भी किए हैं। आपको बता दें कि सक्ती समेत प्रदेश में जगदीश बंसल काफी चर्चित नाम है। व्यापारी संघों से लेकर सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के बीच इनकी काफी प्रतिष्ठा है। व्यापारी नेता बंसल वैसे तो हमेशा से चर्चा में रहे हैं, लेकिन सक्ती स्थित मुक्तिधाम की जमीन में अतिक्रमण की शिकायत के बाद अब इन्हें न जानने वाले लोग भी भलिभांति जानने लगे हैं। दरअसल, व्यापारी नेता बंसल ने सक्ती स्थित मरघट एवं घास मद की भूमि खसरा नंबर 1213 में अवैध कब्जा कर आलीशान मकान निर्माण करवाया था, जिसकी शिकायत मुक्तिधाम संरक्षण समिति द्वारा सक्ती एसडीएम से की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने उक्त भूमि का सीमांकन करवाया, तब व्यापारी नेता बंसल का कब्जा मिला। सीमांकन से वस्तुस्थिति स्पष्ट होने के बाद सक्ती एसडीएम ने उन्हें नोटिस जारी कर मरघट भूमि से कब्जा छोडऩे का निर्देश दिया है। इसके अलावा जमीन से संबंधित और भी कई मामलों में सक्ती एसडीएम ने इन्हें नोटिस थमाकर जवाब-तलब किया है। मुक्तिधाम की जमीन में व्यापारी नेता बंसल द्वारा किए गए अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद से उनकी मुसीबतें बढ़ी हुई है। रही-सही कसर मंगलवार को एसडीएम द्वारा की गई एक और कार्यवाही ने पूरी कर दी है। 

यहां बताना लाजिमी होगा कि सक्ती के अखराभांठा में शासकीय प्राथमिक शाला संचालित है। यह स्कूल वैसे है तो शासकीय, लेकिन व्यापारी नेता बंसल ने ऐन-केन-प्रकारेण इस स्कूल के भवन में अपना नाम लिखवा लिया था। इस बात की चर्चा शहर में काफी समय से चल रही थी, लेकिन कोई भी इस मसले को लेकर प्रशासनिक अफसरों से शिकायत नहीं कर रहा था। मगर मुक्तिधाम की जमीन पर व्यापारी नेता बंसल के अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद शहर के कुछ लोगों ने इस मामले की शिकायत भी एसडीएम से की, जिसे एसडीएम ने गंभीरता से लिया। शिकायत पर एसडीएम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मंगलवार को पेंटर भेजकर स्कूल की दीवार से जगदीश बंसल का नाम मिटवा दिया। ऐसे में यह स्कूल जगदीश बंसल शासकीय प्राथमिक शाला के बजाय अब शासकीय प्राथमिक शाला अखराभांठा के रूप में जाना जाएगा।  बहरहाल, सक्ती एसडीएम की इस कार्यवाही से जहां शहर के अधिकांश लोगों में खुशी है। वहीं व्यापारी नेता जगदीश बंसल को शर्मिदगी महसूस हो रही है।

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